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जोहरा सहगल की अनोखी प्रेम कहानी: 8 साल छोटे हिंदू कलाकार से रचाई शादी, तोड़ी समाज की हर बंदिश

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जोहरा सहगल की अनोखी प्रेम कहानी: 8 साल छोटे हिंदू कलाकार से रचाई शादी, तोड़ी समाज की हर बंदिश

सारांश

भारतीय रंगमंच और सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री जोहरा सहगल ने अपने से 8 साल छोटे हिंदू कलाकार कामेश्वर सहगल से 1942 में अंतरधार्मिक विवाह कर समाज की वर्जनाएँ तोड़ीं। 102 वर्ष की आयु तक सक्रिय रहीं और पद्म विभूषण से सम्मानित इस महान कलाकार की प्रेम कहानी आज भी अनूठी मिसाल है।

मुख्य बातें

जोहरा सहगल का जन्म 27 अप्रैल 1912 को सहारनपुर, उत्तर प्रदेश में एक मुस्लिम परिवार में हुआ था।
उन्होंने 14 अगस्त 1942 को अपने से 8 साल छोटे हिंदू कलाकार कामेश्वर सहगल से अंतरधार्मिक विवाह किया।
दोनों की मुलाकात उदय शंकर के नृत्य दल में हुई, जहाँ साझा कला ने उन्हें करीब लाया।
उन्होंने पृथ्वी थिएटर में 14 वर्षों तक रंगमंच किया और बाद में बॉलीवुड में भी सफलता पाई।
भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री , पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया।
10 जुलाई 2014 को 102 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ, लेकिन उनकी विरासत अमर है।

मुंबई, 27 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय रंगमंच और सिनेमा की महान अभिनेत्री जोहरा सहगल की जिंदगी केवल उनके शानदार अभिनय तक सीमित नहीं थी — उनकी प्रेम कहानी भी उतनी ही असाधारण थी। 27 अप्रैल 1912 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में जन्मी इस रोहिल्ला पठान मुस्लिम परिवार की बेटी ने अपने से आठ साल छोटे हिंदू चित्रकार एवं वैज्ञानिक कामेश्वर सहगल से विवाह कर उस दौर की सामाजिक वर्जनाओं को सीधी चुनौती दी थी।

कौन थीं जोहरा सहगल — एक परिचय

जोहरा सहगल का पूरा नाम साहिबजादी जोहरा मुमताजुल्लाह खान बेगम था। वह सात भाई-बहनों में से एक थीं। बचपन में ही माँ का साया उठ जाने के बाद उनकी जिंदगी में कठिनाइयाँ आईं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। बचपन से ही नृत्य और अभिनय के प्रति उनका गहरा लगाव था।

उन्होंने मशहूर नृत्यकार और कोरियोग्राफर उदय शंकर की डांस अकादमी से जुड़कर अपनी कला को निखारा और उनके नृत्य दल का अभिन्न हिस्सा बन गईं। यही वह मंच था जहाँ उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी मुलाकात हुई।

कामेश्वर सहगल से प्रेम — एक क्रांतिकारी निर्णय

उदय शंकर के नृत्य दल में काम करते हुए जोहरा की मुलाकात कामेश्वर सहगल से हुई। कामेश्वर न केवल एक प्रतिभाशाली वैज्ञानिक थे, बल्कि चित्रकला और नृत्य में भी उनकी गहरी रुचि थी। साझा कला और जुनून ने दोनों को एक-दूसरे के करीब लाया और यह निकटता धीरे-धीरे गहरे प्रेम में बदल गई।

इस रिश्ते के सामने दो बड़ी चुनौतियाँ थीं — पहली, कामेश्वर उनसे आठ साल छोटे थे, और दूसरी, दोनों अलग-अलग धर्मों से ताल्लुक रखते थे। उस युग में अंतरधार्मिक विवाह को न केवल सामाजिक रूप से अस्वीकार्य माना जाता था, बल्कि परिवारों में भी इसका तीव्र विरोध होता था।

परिवार और समाज के तमाम दबावों और आलोचनाओं को दरकिनार करते हुए जोहरा सहगल और कामेश्वर सहगल ने 14 अगस्त 1942 को विवाह किया। यह तारीख उस दृष्टि से भी ऐतिहासिक है कि यह भारत के स्वतंत्रता संग्राम का सबसे उत्तेजनापूर्ण दौर था — जब पूरा देश अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट था, तब जोहरा ने भी अपनी निजी जिंदगी में एक क्रांति का सूत्रपात किया।

रंगमंच और सिनेमा में अमिट छाप

विवाह के बाद दोनों ने कला के क्षेत्र में साथ मिलकर काम जारी रखा। जोहरा सहगल ने पृथ्वी थिएटर से जुड़कर करीब 14 वर्षों तक रंगमंच पर अपनी अभिनय प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनकी अभिनय शैली इतनी जीवंत और बहुआयामी थी कि हर किरदार उनके स्पर्श से जीवंत हो उठता था।

फिल्मी पर्दे पर उन्होंने 'नीचा नगर', 'दिल से', 'हम दिल दे चुके सनम', 'वीर-जारा', 'चीनी कम' और 'सांवरिया' जैसी यादगार फिल्मों में काम किया। उम्र के साथ उनका जोश और ऊर्जा कभी कम नहीं हुई — वह 90 वर्ष की आयु के बाद भी सक्रिय रूप से अभिनय करती रहीं।

सम्मान और विरासत

भारत सरकार ने उनकी कला साधना को मान्यता देते हुए उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म विभूषण से नवाजा। ये पुरस्कार उनके असाधारण योगदान की स्वीकृति थे।

10 जुलाई 2014 को 102 वर्ष की आयु में हृदयाघात के कारण उनका निधन हो गया। लेकिन उनकी प्रेम कहानी, उनका जीवट और उनकी कला आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करती है। जोहरा सहगल की विरासत यह सिखाती है कि जब इंसान अपने दिल की आवाज सुनता है और साहस के साथ उस पर चलता है, तो समाज की हर बंदिश टूट जाती है।

उनकी जयंती पर उन्हें याद करना केवल एक महान अभिनेत्री को श्रद्धांजलि नहीं है — यह उस साहस को सलाम है जो उन्होंने अपनी निजी जिंदगी में दिखाया और जो आज की पीढ़ी के लिए भी उतना ही प्रासंगिक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब धर्म और उम्र दोनों ही विवाह के अटल मानदंड माने जाते थे। विडंबना यह है कि जिस देश में आज भी अंतरधार्मिक विवाहों पर हिंसा और 'लव जिहाद' जैसे विमर्श हावी हैं, वहाँ आठ दशक पहले एक मुस्लिम महिला ने बिना किसी विवाद के यह कदम उठाया और अपनी कला से राष्ट्रीय सम्मान अर्जित किया। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर उनके अभिनय तक सीमित रहती है, लेकिन उनकी असली विरासत यह है कि उन्होंने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सांस्कृतिक समन्वय को जीकर दिखाया। आज जब पहचान की राजनीति समाज को बाँटने में लगी है, जोहरा सहगल का जीवन एक जरूरी आईना है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जोहरा सहगल ने किससे और कब शादी की थी?
जोहरा सहगल ने 14 अगस्त 1942 को हिंदू चित्रकार एवं वैज्ञानिक कामेश्वर सहगल से विवाह किया था। कामेश्वर उनसे आठ साल छोटे थे और दोनों की मुलाकात उदय शंकर के नृत्य दल में हुई थी।
जोहरा सहगल का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
जोहरा सहगल का जन्म 27 अप्रैल 1912 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक रोहिल्ला पठान मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनका पूरा नाम साहिबजादी जोहरा मुमताजुल्लाह खान बेगम था।
जोहरा सहगल को कौन-कौन से राष्ट्रीय सम्मान मिले?
जोहरा सहगल को भारत सरकार द्वारा पद्म श्री , पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। ये पुरस्कार भारतीय कला और सिनेमा में उनके अमूल्य योगदान की मान्यता थे।
जोहरा सहगल ने किन प्रमुख फिल्मों में अभिनय किया?
जोहरा सहगल ने 'दिल से' , 'हम दिल दे चुके सनम' , 'वीर-जारा' , 'चीनी कम' , 'सांवरिया' और 'नीचा नगर' जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएँ निभाईं। उन्होंने पृथ्वी थिएटर में भी करीब 14 वर्षों तक काम किया।
जोहरा सहगल का निधन कब हुआ?
जोहरा सहगल का निधन 10 जुलाई 2014 को 102 वर्ष की आयु में हृदयाघात के कारण हुआ। अपनी अंतिम उम्र तक वह सक्रिय रूप से अभिनय करती रहीं और भारतीय कला जगत की प्रेरणा बनी रहीं।
राष्ट्र प्रेस
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