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महिला आरक्षण पर MP विधानसभा में ऐतिहासिक एक दिवसीय सत्र, भाजपा-विपक्ष आमने-सामने

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महिला आरक्षण पर MP विधानसभा में ऐतिहासिक एक दिवसीय सत्र, भाजपा-विपक्ष आमने-सामने

सारांश

मध्य प्रदेश विधानसभा में 26 अप्रैल को महिला आरक्षण पर विशेष एक दिवसीय सत्र बुलाया गया। भाजपा 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के समर्थन में प्रस्ताव पारित करेगी, जबकि विपक्ष इसका विरोध करेगा। CM मोहन यादव ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी पहल बताया।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश विधानसभा में 26 अप्रैल को महिला आरक्षण पर एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है।
'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है।
यह अधिनियम सितंबर 2023 में संसद से पारित हुआ था, लेकिन परिसीमन पूरा होने तक लागू नहीं होगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे PM नरेंद्र मोदी की महिला सशक्तिकरण नीति का क्रांतिकारी कदम बताया।
विपक्ष ओबीसी और दलित महिलाओं के लिए उप-आरक्षण न होने के मुद्दे पर इस विधेयक का विरोध कर रहा है।
यह सत्र कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि भाजपा की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

भोपाल, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश विधानसभा में सोमवार, 26 अप्रैल को महिला आरक्षण के मुद्दे पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है, जिसमें सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्ष के बीच सीधा टकराव देखने को मिलेगा। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के समर्थन में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को औपचारिक रूप देना है, जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखता है।

सत्र का एजेंडा और प्रस्ताव

सोमवार के आधिकारिक एजेंडे में एक विशेष प्रस्ताव शामिल किया गया है। इस प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया है कि परिसीमन प्रक्रिया के पूर्ण होने के पश्चात महिलाओं के सर्वांगीण विकास और उनकी सहज शक्ति को मान्यता देने के लिए एक तिहाई आरक्षण लागू किया जाना अनिवार्य है।

राज्य सरकार इस सत्र को जनभावना को एकजुट करने के मंच के रूप में देख रही है। विधानसभा में यह प्रस्ताव पारित कराकर भाजपा केंद्र सरकार की नीति के प्रति अपनी राजनीतिक एकजुटता प्रदर्शित करना चाहती है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान

मीडिया से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को देशभर की महिलाओं के उत्थान की दिशा में एक क्रांतिकारी और ऐतिहासिक पहल करार दिया।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार बहनों और बेटियों को सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह सत्र विपक्ष पर इस जनादेश की तात्कालिकता को स्वीकार करने के लिए दबाव बनाने का एक सशक्त मंच साबित होगा।

विपक्ष का विरोध और राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम हाल ही में विपक्ष के विरोध के चलते अपेक्षित सहमति नहीं बना पाया था। विपक्षी दलों का तर्क रहा है कि यह विधेयक ओबीसी और अनुसूचित जाति-जनजाति की महिलाओं के लिए उप-आरक्षण के बिना अधूरा है।

यह उल्लेखनीय है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को संसद ने सितंबर 2023 में पारित किया था, लेकिन इसे लागू करने के लिए परिसीमन और जनगणना की शर्त जोड़ी गई है। आलोचकों का कहना है कि यह शर्त विधेयक के क्रियान्वयन को अनिश्चितकाल के लिए टाल देती है।

महिला नेतृत्व और विकास का दावा

राज्य सरकार के आधिकारिक बयानों के अनुसार, नए मध्य प्रदेश में महिलाओं को अब निष्क्रिय लाभार्थी नहीं बल्कि भविष्य की निर्माता के रूप में स्थापित किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इस नीतिगत बदलाव ने राज्य को भारत में महिला नेतृत्व वाले विकास में अग्रणी बना दिया है।

'नारी तू नारायणी' के सिद्धांत को राज्य सरकार की शासन शैली का केंद्रीय स्तंभ बताया जा रहा है। सरकार का जोर आर्थिक आत्मनिर्भरता के माध्यम से महिलाओं को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने पर है।

गहन विश्लेषण: राजनीतिक दांव और असली सवाल

यह सत्र ऐसे समय में बुलाया गया है जब 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा महिला मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम चुनावी संदेश देने की रणनीति का हिस्सा है।

हालांकि, एक महत्वपूर्ण विरोधाभास यह है कि जब तक जनगणना 2021 और उसके बाद परिसीमन पूरा नहीं होता, तब तक यह आरक्षण लागू नहीं होगा। ऐसे में राज्य विधानसभा में प्रस्ताव पारित करना प्रतीकात्मक कदम से अधिक कुछ नहीं है। अन्य राज्यों जैसे राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह के प्रस्ताव पारित हो चुके हैं, जो यह दर्शाता है कि यह एक राष्ट्रव्यापी भाजपा रणनीति का हिस्सा है।

आगामी दिनों में देखना होगा कि विपक्ष इस सत्र में किस रणनीति के साथ उतरता है और क्या यह विशेष सत्र महज एक राजनीतिक प्रदर्शन बनकर रह जाता है या वास्तव में महिला सशक्तिकरण की दिशा में कोई ठोस नीतिगत कदम उठाया जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आरक्षण लागू ही नहीं होगा। भाजपा एक ऐसे विधेयक पर श्रेय लेने की कोशिश कर रही है जिसकी समयसीमा खुद सरकार ने अनिश्चित रखी है — यह विरोधाभास बड़ा है। विपक्ष का विरोध भी पूरी तरह निराधार नहीं, क्योंकि ओबीसी और दलित महिलाओं के लिए उप-आरक्षण का सवाल अभी भी अनुत्तरित है। असली कसौटी यह नहीं कि कितने प्रस्ताव पारित हुए, बल्कि यह है कि महिलाएं कब और कैसे सत्ता के गलियारों में वास्तविक भागीदारी पाती हैं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय सत्र किस मुद्दे पर बुलाया गया है?
यह सत्र महिला आरक्षण यानी 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के समर्थन में प्रस्ताव पारित करने के लिए बुलाया गया है। इसका उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने की मांग को औपचारिक रूप देना है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम क्या है और यह कब पारित हुआ?
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को संसद ने सितंबर 2023 में पारित किया था। यह कानून लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान करता है, लेकिन इसे लागू करने के लिए परिसीमन और जनगणना की शर्त रखी गई है।
विपक्ष महिला आरक्षण विधेयक का विरोध क्यों कर रहा है?
विपक्ष का मुख्य तर्क है कि इस विधेयक में ओबीसी और अनुसूचित जाति-जनजाति की महिलाओं के लिए अलग से उप-आरक्षण का प्रावधान नहीं है। साथ ही, परिसीमन की शर्त के कारण इसके क्रियान्वयन की कोई निश्चित समयसीमा नहीं है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस सत्र के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बहनों और बेटियों को सशक्त बनाने के प्रति दृढ़ संकल्पित है।
क्या मध्य प्रदेश में महिला आरक्षण तुरंत लागू होगा?
नहीं, नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत आरक्षण तभी लागू होगा जब जनगणना और उसके बाद परिसीमन प्रक्रिया पूरी हो जाए। अभी यह सत्र केवल एक प्रतीकात्मक प्रस्ताव पारित करने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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