पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार तय — त्रिपुरा सीएम माणिक साहा का बड़ा दावा

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पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार तय — त्रिपुरा सीएम माणिक साहा का बड़ा दावा

सारांश

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने नदिया में रोड शो के दौरान दावा किया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को पहले चरण में 105-110 सीटें मिलेंगी और इस बार राज्य में भाजपा की सरकार जरूर बनेगी। उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठ और कानून-व्यवस्था को बड़ा मुद्दा बताया।

Key Takeaways

  • त्रिपुरा सीएम माणिक साहा ने 26 अप्रैल को नदिया में दावा किया कि पश्चिम बंगाल में इस बार भाजपा की सरकार बनना तय है।
  • पहले चरण में भाजपा को 105-110 सीटें मिलने का अनुमान माणिक साहा ने जताया।
  • 29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान होना है और 4 मई को नतीजे आएंगे।
  • बांग्लादेशी घुसपैठ रोकना और बंगाल में शांति स्थापित करना भाजपा का प्रमुख चुनावी मुद्दा है।
  • 2021 में भाजपा ने 77 सीटें जीती थीं; इस बार पार्टी बहुमत के करीब पहुंचने का दावा कर रही है।
  • पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के शीर्ष नेता बंगाल में सक्रिय प्रचार कर रहे हैं।

नदिया, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने शनिवार को नदिया जिले में जोरदार दावा किया कि इस बार बंगाल की सत्ता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हाथों में जाना तय है। उन्होंने कहा कि जनता का मिजाज स्पष्ट है और हर तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में माहौल बना हुआ है।

रोड शो और जनसभाओं में उमड़ा जनसैलाब

सीएम माणिक साहा ने नदिया में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में रोड शो और जनसभाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जहां भी वे प्रचार के लिए जा रहे हैं, वहां लोगों की एक ही आवाज सुनाई देती है — वे पीएम मोदी और भाजपा को चाहते हैं।

उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "यह समय की मांग है और पश्चिम बंगाल के लिए यह बेहद जरूरी है।" उनके अनुसार, जनता का यह समर्थन दिखाता है कि बंगाल में बदलाव की लहर कितनी गहरी है।

सीट अनुमान — पहले चरण में 105-110 सीटें

त्रिपुरा सीएम ने सीटों को लेकर भी सीधा अनुमान पेश किया। उनका दावा है कि पहले चरण में भाजपा को 105 से 110 सीटें मिलेंगी। 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण में भी पार्टी को अच्छी संख्या में सीटें मिलने की उम्मीद उन्होंने जताई।

उन्होंने कहा, "4 मई को जब नतीजे आएंगे, उस दिन हम जीत की आवाज सुनेंगे।" साहा ने यह भी जोड़ा कि प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बंगाल में सक्रिय प्रचार कर रहे हैं।

बांग्लादेशी घुसपैठ और सुरक्षा — बड़ा मुद्दा

माणिक साहा ने बांग्लादेश से होने वाली अवैध घुसपैठ को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में शांति बहाल करना और बांग्लादेश से आने वाले अपराधियों को रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उनका यह बयान उस पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण है जब बंगाल-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ की घटनाएं लगातार चर्चा में रही हैं और BSF की रिपोर्टें भी इस समस्या की गंभीरता को रेखांकित करती हैं।

दशकों के शासन से ऊब चुकी जनता — बदलाव की मांग

सीएम साहा ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि बंगाल की जनता दशकों तक सीपीएम का और पिछले 15 वर्षों से तृणमूल कांग्रेस का शासन झेल चुकी है। अब परिवर्तन का समय आ गया है।

उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि पहले चरण में भारी मतदान से स्पष्ट है कि बंगाल की जनता ने भाजपा की जीत पक्की कर दी है। उन्होंने भरोसा जताया कि दूसरे चरण में भी मतदाता हर दबाव और धमकी को नकारते हुए ईवीएम पर कमल का बटन दबाएंगे।

राजनीतिक विश्लेषण — दावे और जमीनी हकीकत

गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 294 में से 77 सीटें जीती थीं और वह मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी थी। तब से पार्टी संगठन को मजबूत करने में जुटी है। माणिक साहा का 105-110 सीटों का दावा इस पृष्ठभूमि में महत्वाकांक्षी जरूर है, लेकिन भाजपा नेता इसे जनाधार विस्तार का संकेत मान रहे हैं।

दूसरी तरफ, तृणमूल कांग्रेस ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि बंगाल की जनता ममता बनर्जी के साथ है। 4 मई 2026 को आने वाले नतीजे ही तय करेंगे कि किसके दावे जमीन पर खरे उतरते हैं।

Point of View

लेकिन इसे केवल चुनावी बयानबाजी मानकर खारिज करना उचित नहीं होगा — क्योंकि 2021 के बाद से बंगाल में भाजपा का संगठनात्मक विस्तार वास्तविक रहा है। विडंबना यह है कि जो पार्टी बांग्लादेशी घुसपैठ को मुद्दा बना रही है, वह सत्ता में रहते हुए केंद्र स्तर पर इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाल पाई — यह विरोधाभास मतदाता भी नोटिस करते हैं। 15 साल की तृणमूल सरकार से ऊब और मोदी फैक्टर — दोनों मिलकर भाजपा के लिए अनुकूल माहौल बना सकते हैं, लेकिन बंगाल की जमीनी राजनीति हमेशा दिल्ली के अनुमानों को चुनौती देती रही है।
NationPress
27/04/2026

Frequently Asked Questions

माणिक साहा ने पश्चिम बंगाल में भाजपा को कितनी सीटें मिलने का दावा किया?
त्रिपुरा सीएम माणिक साहा ने दावा किया कि पहले चरण में भाजपा को 105 से 110 सीटें मिलेंगी। उन्होंने 29 अप्रैल के दूसरे चरण में भी पार्टी के अच्छे प्रदर्शन का भरोसा जताया।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के नतीजे कब आएंगे?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे 4 मई 2026 को आने की संभावना है। माणिक साहा ने कहा कि उस दिन भाजपा की जीत की आवाज सुनाई देगी।
माणिक साहा ने बांग्लादेशी घुसपैठ पर क्या कहा?
त्रिपुरा सीएम ने कहा कि बांग्लादेश से आने वाले अपराधियों को रोकना देश की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। उनके अनुसार, पश्चिम बंगाल में शांति स्थापित करना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
2021 में पश्चिम बंगाल में भाजपा को कितनी सीटें मिली थीं?
2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 294 में से 77 सीटें जीती थीं और वह मुख्य विपक्षी दल बनी थी। इस बार पार्टी इससे कहीं अधिक सीटें जीतने का दावा कर रही है।
माणिक साहा ने तृणमूल कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
माणिक साहा ने कहा कि बंगाल की जनता 15 साल की तृणमूल कांग्रेस और उससे पहले दशकों की सीपीएम सरकार से ऊब चुकी है। अब जनता बदलाव चाहती है और भाजपा उसी बदलाव का प्रतीक है।
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