अदिति गोवित्रीकर का बड़ा बयान: 'क्राउन एवं कन्वर्सेशन' में हर भाषा की महिलाओं का स्वागत
सारांश
Key Takeaways
- अदिति गोवित्रीकर ने 26 अप्रैल को चंडीगढ़ के सेविल लाउंज में 'क्राउन एवं कन्वर्सेशन' इवेंट में भाग लिया।
- मार्वलस मिसेज इंडिया वर्ल्ड का यह चौथा सीजन है, जो महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित है।
- पेजेंट में भारत में जन्मी 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की किसी भी भाषा की महिला भाग ले सकती है।
- अदिति ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय से साइकोलॉजी में मास्टर्स की डिग्री ली है और प्रतिभागियों को ट्रेनिंग देंगी।
- अदिति बिग बॉस सीजन 3 (होस्ट: अमिताभ बच्चन) में सेमी-फाइनलिस्ट और 'खतरों के खिलाड़ी' (होस्ट: अक्षय कुमार) में भी रह चुकी हैं।
- इवेंट में तीनों पिछले सीजन की विजेता क्वींस ने भी अपने अनुभव साझा किए।
चंडीगढ़, 26 अप्रैल। पूर्व मिसेज वर्ल्ड अदिति गोवित्रीकर ने चंडीगढ़ के सेविल लाउंज में आयोजित 'क्राउन एवं कन्वर्सेशन' इवेंट के दौरान स्पष्ट किया कि मार्वलस मिसेज इंडिया वर्ल्ड का यह चौथा सीजन केवल एक सौंदर्य प्रतियोगिता नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने का एक सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में भारत में जन्मी 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की किसी भी भाषा की महिला भाग ले सकती है।
क्या है 'क्राउन एवं कन्वर्सेशन' इवेंट
अदिति गोवित्रीकर ने बताया कि यह आयोजन एक 'मीट-एंड-ग्रीट' की तर्ज पर रखा गया है, जिसका उद्देश्य चंडीगढ़ और आसपास की महिलाओं को इस पेजेंट के बारे में जागरूक करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह प्रतियोगिता बाहरी सुंदरता से कहीं आगे जाती है — इसमें इनर ब्यूटी, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट और कॉन्फिडेंस बिल्डिंग पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
अदिति ने कहा, "हमने जिस सफर की योजना बनाई है, उसमें हर किसी की शुरुआत की जगह अलग होती है। जिंदगी में हर किसी के अलग-अलग पड़ाव होते हैं और हम इस मंच के जरिए उन्हें अगले स्तर तक पहुंचने की ट्रेनिंग देते हैं।"
महिला सशक्तिकरण पर जोर
मार्वलस मिसेज इंडिया वर्ल्ड को एक परिवर्तनकारी मंच के रूप में स्थापित करते हुए अदिति गोवित्रीकर ने कहा कि इस पेजेंट में हिस्सा लेना केवल ताज पहनने की होड़ नहीं है, बल्कि यह एक महिला की व्यक्तिगत यात्रा को नई दिशा देने का अवसर है। इस इवेंट में तीनों पिछले सीजन की विजेताओं (क्वींस) को भी आमंत्रित किया गया था, जिन्होंने अपने अनुभव साझा किए।
अदिति ने बताया कि इन क्वींस को इस मंच से भरपूर पब्लिसिटी और पहचान मिली है। वे नई प्रतिभागियों को प्रेरित करने के लिए अपनी कहानियां साझा करती हैं, जिससे यह पूरा अनुभव और अधिक प्रामाणिक बन जाता है।
अदिति का व्यक्तिगत सफर: बिग बॉस से हार्वर्ड तक
अदिति गोवित्रीकर ने अपने निजी जीवन का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वे बिग बॉस सीजन 3 में सेमी-फाइनलिस्ट रही थीं, जिसकी मेजबानी उस समय अमिताभ बच्चन करते थे। उससे पहले वे अक्षय कुमार होस्टेड 'खतरों के खिलाड़ी' में भी नजर आई थीं।
अदिति ने बताया कि बिग बॉस के अनुभव ने उनके भीतर मनोविज्ञान के प्रति रुचि जगाई और उन्होंने बाद में प्रतिष्ठित हार्वर्ड विश्वविद्यालय से साइकोलॉजी में मास्टर्स की डिग्री हासिल की। उन्होंने कहा, "बिग बॉस में उस बीज को बोया गया था जो बाद में हार्वर्ड तक की यात्रा बना।"
वर्तमान बिग बॉस के बारे में उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि वे इसे अभी फॉलो नहीं कर रहीं, इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
पेजेंट की पात्रता और भविष्य की योजना
मार्वलस मिसेज इंडिया वर्ल्ड में भाग लेने के लिए आवेदक का भारत में जन्म और न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना अनिवार्य है। विशेष रूप से यह बताया गया कि किसी भी क्षेत्रीय या राष्ट्रीय भाषा की महिलाएं इसमें शामिल हो सकती हैं, जो इसे वास्तव में एक समावेशी राष्ट्रीय मंच बनाता है।
यह पेजेंट ऐसे समय में आया है जब भारत में महिला सशक्तिकरण की दिशा में सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर कई पहलें हो रही हैं। अदिति गोवित्रीकर जैसी हस्तियों का इस मंच से जुड़ना इसे विश्वसनीयता और राष्ट्रीय पहचान दोनों प्रदान करता है। आने वाले महीनों में इस पेजेंट के ऑडिशन राउंड और फाइनल इवेंट की तारीखें घोषित होने की संभावना है।