महासमुंद पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: IPL सट्टा नेटवर्क का मास्टरमाइंड सहित 6 गिरफ्तार, ₹2.46 करोड़ की संपत्ति जब्त
सारांश
Key Takeaways
- महासमुंद पुलिस ने IPL ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के मुख्य एडमिन समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- आरोपियों के पास से 2 लैपटॉप, 1 टैबलेट, 22 मोबाइल और ₹1.15 करोड़ के सट्टे का डिजिटल रिकॉर्ड जब्त।
- जब्त संपत्ति की कुल कीमत ₹2 करोड़ 46 हजार 400 रुपए आंकी गई है।
- सट्टा नेटवर्क रायपुर, बेमेतरा और महासमुंद से संचालित था; 'पॉवर एक्स' व्हाट्सएप ग्रुप और ऑनलाइन पैनल का उपयोग किया जाता था।
- पहली छापेमारी 8 अप्रैल को हुई थी; तकनीकी विश्लेषण के बाद मुख्य एडमिन तक पहुंचा गया।
- छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज; नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी।
महासमुंद, 26 अप्रैल। छत्तीसगढ़ के महासमुंद पुलिस ने IPL ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य मास्टरमाइंड एडमिन सहित 6 सटोरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 2 लैपटॉप, 1 टैबलेट, 22 मोबाइल फोन और ₹1.15 करोड़ के ऑनलाइन सट्टे का डिजिटल रिकॉर्ड बरामद किया है। जब्त की गई कुल संपत्ति का मूल्य लगभग ₹2 करोड़ 46 हजार 400 रुपए आंका गया है।
कैसे चल रहा था IPL सट्टा नेटवर्क?
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह ऑनलाइन पैनल और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से IPL मैचों पर अवैध सट्टा संचालित कर रहा था। नेटवर्क की जड़ें रायपुर, बेमेतरा और महासमुंद तक फैली हुई थीं। आरोपी पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते थे।
पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े 5 ऑनलाइन पैनल और 10 मास्टर लॉगिन आईडी की पहचान की है। गिरोह के जरिए ₹1 करोड़ से अधिक के ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन की पुष्टि हुई है।
पहली छापेमारी और मुख्य एडमिन तक पहुंचने की कहानी
8 अप्रैल को महासमुंद थाना पुलिस ने बाबा फैमिली ढाबा, घोड़ारी के पास छापा मारकर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ये सभी 'पॉवर एक्स' नामक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए IPL पर सट्टा लगाते और लगवाते पाए गए थे। उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था।
इसके बाद तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने नेटवर्क के मुख्य एडमिन और अन्य बड़े ऑपरेटरों की पहचान की। इसके बाद रायपुर और बेमेतरा में एक साथ दबिश देकर 6 और आरोपियों को दबोचा गया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम और भूमिका
गिरफ्तार आरोपियों में दुर्गेश डहरे उर्फ योगेश, ललित चावला, अंशु बग्गा, सौरभ जैन, विजय वर्मा और निशांत नागवानी शामिल हैं। सभी रायपुर और बेमेतरा के निवासी हैं।
मुख्य एडमिन ऑनलाइन पैनल ऑपरेट करता था, सट्टे की आईडी बेचता था और गिरोह में पैसों के वितरण व संचालन की जिम्मेदारी संभालता था। आरोपियों के पास से 13 टच स्क्रीन मोबाइल और 9 कीपैड मोबाइल भी जब्त किए गए हैं।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
महासमुंद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं के साथ-साथ आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, इस सट्टा नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश अभी भी जारी है।
गौरतलब है कि IPL सीजन के दौरान छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में ऑनलाइन सट्टेबाजी के मामलों में तेज़ी से वृद्धि देखी जाती है। महासमुंद पुलिस थाना क्षेत्र में जुआ-सट्टा विरोधी विशेष अभियान लगातार जारी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।