डीएससी भर्ती घोटाले से ध्यान भटकाने के लिए ग्रुप-1 मुद्दा उछाला: वाईएसआरसीपी का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने 14 अगस्त 2026 को आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार जिला चयन समिति (डीएससी) भर्ती में अनियमितताओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए एपीपीएससी ग्रुप-1 परीक्षा विवाद को जानबूझकर उछाल रही है। पार्टी के अनुसार, सरकार वर्ष 2020 में आयोजित ग्रुप-1 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट का उपयोग मौजूदा डीएससी विवाद से लोगों का ध्यान हटाने के लिए कर रही है।
मुख्य आरोप और राजनीतिक संदर्भ
वाईएसआरसीपी के प्रवक्ता कोंडा राजीव ने इसे मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का 'राजनीतिक ड्रामा' करार दिया। उनका आरोप है कि इसका असली मकसद डीएससी के ज़रिए शिक्षकों की भर्ती में हुई अनियमितताओं में शिक्षा मंत्री नारा लोकेश — जो नायडू के पुत्र भी हैं — को बचाना है। राजीव ने कहा कि विधानसभा सत्र से ठीक पहले सरकार ने जल्दबाजी में ग्रुप-1 मामले की समीक्षा शुरू की और 'यलो मीडिया' के माध्यम से भ्रामक प्रचार अभियान चलाया।
एसआईटी रिपोर्ट पर विवाद
वाईएसआरसीपी प्रवक्ता ने दावा किया कि एसआईटी को उम्मीदवारों की योग्यता, परीक्षा के संचालन, उत्तर पुस्तिकाओं, मेरिट और अंतिम चयन सूची में कोई गड़बड़ी नहीं मिली। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर पुस्तिकाएं हाई कोर्ट की अभिरक्षा में थीं और उम्मीदवारों का चयन हाई कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार किया गया था। इसके बावजूद सरकार 163 ग्रुप-1 अधिकारियों के करियर को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है — यह आरोप वाईएसआरसीपी ने लगाया है।
गौरतलब है कि एपीपीएससी ग्रुप-1 परीक्षा की अधिसूचना 31 दिसंबर 2018 को जारी हुई थी, प्रारंभिक परीक्षा 26 मई 2019 को और मुख्य (लिखित) परीक्षा दिसंबर 2020 में आयोजित की गई थी। डिजिटल मूल्यांकन के बाद मुख्य परीक्षा के परिणाम 28 अप्रैल 2021 को घोषित किए गए, जिसमें इंटरव्यू के लिए 326 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट किए गए थे — इनमें से कई IIT और IIM से थे तथा कुछ सिविल सेवा इंटरव्यू में भी शामिल हो चुके थे।
एसआईटी का गठन और जांच की पृष्ठभूमि
डीजीपी (सीआईडी) रवि शंकर अय्यनार की अध्यक्षता वाली एसआईटी का गठन 14 फरवरी 2026 के सरकारी आदेश (जीओ) के तहत किया गया था। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया कि एपीपीएससी ने डिजिटल और मैनुअल मूल्यांकन प्रक्रिया में कई खामियाँ थीं, जिनमें आयोग के अपने नियमों का उल्लंघन भी शामिल है। हालाँकि, वाईएसआरसीपी का कहना है कि इन तकनीकी खामियों को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
डीएससी विवाद और बेरोजगार युवाओं का आक्रोश
वाईएसआरसीपी के प्रवक्ता यनमाला नागार्जुन यादव और युवा सशक्तीकरण सेल के संयोजक सलाम बाबू ने बताया कि बेरोजगार युवा डीएससी पेपर लीक और स्पोर्ट्स कोटा में अनियमितताओं को लेकर पहले से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके अनुसार, ग्रुप-1 का मुद्दा अब आगामी विधानसभा सत्र के दौरान इन्हीं सवालों से बचने के लिए उठाया जा रहा है। पार्टी ने मांग की है कि डीएससी भर्ती से जुड़े आरोपों की पारदर्शी जांच कराई जाए और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
आगे क्या होगा
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब आंध्र प्रदेश विधानसभा का सत्र निकट है और सत्तापक्ष तथा विपक्ष दोनों भर्ती मुद्दों पर आमने-सामने हैं। वाईएसआरसीपी की माँग है कि डीएससी और ग्रुप-1 — दोनों मामलों की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। अब देखना यह होगा कि सरकार विधानसभा सत्र में इन आरोपों का किस प्रकार जवाब देती है।