डीएससी घोटाले पर जगन का चंद्रबाबू से तीखा सवाल: 'क्या आप नैतिक जिम्मेदारी लेंगे?'
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश में डिस्ट्रिक्ट सेलेक्शन कमेटी (DSC) के माध्यम से शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने सोमवार, 14 सितंबर 2026 को एक बार फिर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर सीधा हमला बोला। जगन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के ज़रिए मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या वे डीएससी में मौजूदा कथित घोटाले की नैतिक जिम्मेदारी लेंगे। उनका कहना है कि जब परीक्षाओं की विश्वसनीयता खत्म होती है, तो लाखों अभ्यर्थियों के सपने भी चूर हो जाते हैं।
जगन ने एक्स पर क्या कहा
जगन मोहन रेड्डी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि लाखों अभ्यर्थी निष्पक्ष अवसर की उम्मीद में अपने जीवन के बहुमूल्य वर्ष और परिवार की मेहनत की कमाई दांव पर लगाते हैं। उनके अनुसार, जब व्यवस्था उन्हें निराश करती है, तो असर केवल परिणामों तक सीमित नहीं रहता — पूरी भर्ती प्रक्रिया पर से अभ्यर्थियों का भरोसा उठ जाता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री को सीधे संबोधित करते हुए कहा, 'निष्पक्षता कोई विकल्प नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। क्या आपको नहीं लगता कि उनकी मेहनत निष्पक्षता और भविष्य में जवाबदेही की हकदार है? क्या आप डीएससी में मौजूदा घोटाले की जिम्मेदारी लेंगे?' यह उनकी ओर से कथित अनियमितताओं पर सोशल मीडिया पर की जा रही पोस्टों की श्रृंखला में नवीनतम है।
सात चरणों की सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल
जगन ने एक विशेष मामले का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि कथित तौर पर एक अभ्यर्थी को 65 टीईटी अंक के साथ पद आवंटित किया गया और वह सात चरणों की सत्यापन प्रक्रिया से भी गुज़रा। इसके बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने उसे बाद में अयोग्य घोषित कर दिया।
उन्होंने पूछा कि यदि अभ्यर्थी सात चरणों से गुज़रा, तो आखिर उन चरणों में सत्यापित क्या हुआ? इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित अभ्यर्थी ने कथित तौर पर कहा कि उसे खुद नहीं पता था कि उसे नौकरी कैसे मिली — यह पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाता है।
लोकेश के इस्तीफे और CBI जांच की मांग
जगन मोहन रेड्डी लगातार यह माँग कर रहे हैं कि डीएससी भर्ती में कथित अनियमितताओं की जाँच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जाए। साथ ही वे शिक्षा मंत्री नारा लोकेश — जो मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के पुत्र हैं — के इस्तीफे की भी माँग कर रहे हैं।
गौरतलब है कि यह उनकी तरफ से इस मसले पर लगातार तीसरे दिन की सार्वजनिक आलोचना है। रविवार को भी उन्होंने लिखा था, 'एक शिक्षक पद। इस डीएससी घोटाले में कई उतार-चढ़ाव।' और शनिवार को उन्होंने कहा था कि शिक्षक अभ्यर्थियों का करियर सरकार के लिए मजाक बनकर रह गया है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब आंध्र प्रदेश में तेलुगु देशम पार्टी (TDP) नीत गठबंधन सरकार को शासन की विश्वसनीयता स्थापित करने की चुनौती का सामना है। जगन की विपक्षी रणनीति स्पष्ट रूप से सार्वजनिक रोज़गार प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को केंद्र में रखकर युवा मतदाताओं तक पहुँचने की है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू या उनके कार्यालय की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आने वाले दिनों में सरकार किस तरह जवाब देती है और क्या CBI जाँच की माँग को राजनीतिक समर्थन मिलता है — यह देखना महत्वपूर्ण होगा।