7 अगस्त 2026
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डीएससी 2025 पेपर लीक: जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू पर साधा निशाना, प्रदर्शनकारियों पर हमले का आरोप

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डीएससी 2025 पेपर लीक: जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू पर साधा निशाना, प्रदर्शनकारियों पर हमले का आरोप

सारांश

डीएससी 2025 पेपर लीक पर सीबीआई जांच की मांग को लेकर वाईएसआरसीपी की 'रिले भूख हड़ताल' पर कथित हमले के बाद जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू को सीधे चुनौती दी — पूछा कि बेटे नारा लोकेश को बचाने के लिए पुलिस और विधायकों का इस्तेमाल क्यों हो रहा है।

मुख्य बातें

वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने 7 अगस्त को मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर डीएससी 2025 पेपर लीक प्रदर्शनकारियों पर हमले का आरोप लगाया।
वाईएसआरसीपी शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे और सीबीआई जांच की मांग को लेकर 'रिले भूख हड़ताल' चला रही है।
जगन ने एक्स पर पोस्ट में आरोप लगाया कि टीडीपी विधायकों ने पुलिस की मौजूदगी में धरना स्थलों पर तोड़फोड़ की और महिलाओं पर हमला किया।
कथित हिंसा विजयवाड़ा, गुंटूर, बापटला, ताडीपत्री सहित राज्य के 13 से अधिक स्थानों पर हुई बताई जा रही है।
राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने 7 अगस्त को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर तीखा हमला बोला। जगन का आरोप है कि डीएससी 2025 पेपर लीक और शिक्षक भर्ती में गड़बड़ियों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर 'रिले भूख हड़ताल' कर रहे वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं पर विजयवाड़ा सहित राज्य के कई हिस्सों में कथित तौर पर हमले किए गए। उन्होंने सरकार से पूछा कि बेरोजगार युवाओं के सवालों का जवाब हिंसा से क्यों दिया जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

वाईएसआरसीपी राज्य भर में शिक्षा मंत्री नारा लोकेश — जो मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के पुत्र हैं — के इस्तीफे और डीएससी 2025 मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर 'रिले भूख हड़ताल' आयोजित कर रही है। जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि टीडीपी विधायकों और उनके समर्थकों ने पुलिस की मौजूदगी में शांतिपूर्ण धरना स्थलों पर हमला किया, तंबू उखाड़े, पत्थर-अंडे-टमाटर फेंके और महिला प्रदर्शनकारियों पर भी हाथ उठाया।

कथित हमलों में वाईएसआरसीपी के पूर्व विधायक मल्लादी विष्णु और अन्य युवा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया। जगन ने बताया कि चिलाकलुरिपेट, कनिगिरी, याडिकी, ताडीपत्री, पलामानेर, रेपल्ले, गुंटूर, पोन्नूर, वेमुरु, माचेरला, गुराजाला, कंदुकुर और बापटला — यानी पूरे राज्य में इसी तरह की कार्रवाई हुई।

जगन की एक्स पर सीधी चुनौती

जगन मोहन रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में सीधे चंद्रबाबू नायडू को संबोधित करते हुए लिखा, 'मिस्टर चंद्रबाबू नायडू, अपने बेटे को बचाने के लिए आपकी सरकार किस हद तक गिर सकती है? क्या बेरोजगार युवाओं और उनसे किए गए अधूरे वादों का जवाब हिंसा है?' उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस का इस्तेमाल करके प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार तो किया जा सकता है, लेकिन आंध्र प्रदेश की 'जेनजी' की आवाज को खामोश नहीं किया जा सकता।

सरकार पर जवाबदेही का सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने नायडू से पूछा कि उनकी सरकार स्वतंत्र जांच से क्यों भाग रही है और नारा लोकेश को जवाबदेही से बचाने के लिए विधायकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और पुलिस तंत्र का इस्तेमाल क्यों हो रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब डीएससी 2025 पेपर लीक का मुद्दा राज्य में बेरोजगार अभ्यर्थियों के बीच गहरी नाराजगी का कारण बना हुआ है।

आम जनता पर असर

डीएससी 2025 पेपर लीक से हजारों शिक्षक अभ्यर्थी प्रभावित हैं जो सरकारी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुए थे। गौरतलब है कि यह मामला राज्य की शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करता है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी जाए ताकि निष्पक्ष परिणाम सुनिश्चित हो सके।

क्या होगा आगे

वाईएसआरसीपी ने संकेत दिया है कि जब तक सीबीआई जांच की घोषणा नहीं होती और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश इस्तीफा नहीं देते, तब तक 'रिले भूख हड़ताल' जारी रहेगी। राज्य सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह टकराव आंध्र प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीएससी 2025 पेपर लीक मामला क्या है?
डीएससी 2025 आंध्र प्रदेश में शिक्षक भर्ती के लिए आयोजित जिला चयन समिति परीक्षा है, जिसके प्रश्नपत्र लीक होने और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोप लगे हैं। इस मामले ने हजारों बेरोजगार अभ्यर्थियों को सड़क पर उतरने पर मजबूर किया है।
वाईएसआरसीपी की 'रिले भूख हड़ताल' की मुख्य मांगें क्या हैं?
वाईएसआरसीपी की दो प्रमुख मांगें हैं — डीएससी 2025 पेपर लीक और भर्ती गड़बड़ियों की सीबीआई जांच, और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश का तत्काल इस्तीफा। पार्टी का कहना है कि जब तक ये मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
जगन मोहन रेड्डी ने नारा लोकेश को क्यों निशाना बनाया?
नारा लोकेश आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री हैं और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के पुत्र हैं। जगन का आरोप है कि सरकार लोकेश को जवाबदेही से बचाने के लिए पुलिस और पार्टी कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल कर रही है।
कथित हमले किन-किन जगहों पर हुए बताए जा रहे हैं?
जगन मोहन रेड्डी के अनुसार कथित हमले विजयवाड़ा, चिलाकलुरिपेट, कनिगिरी, याडिकी, ताडीपत्री, पलामानेर, रेपल्ले, गुंटूर, पोन्नूर, वेमुरु, माचेरला, गुराजाला, कंदुकुर और बापटला में हुए। ये आरोप अभी तक सरकारी पक्ष से स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
आंध्र प्रदेश सरकार ने इन आरोपों पर क्या कहा?
7 अगस्त तक राज्य सरकार की ओर से जगन मोहन रेड्डी के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। टीडीपी या सरकारी प्रवक्ता का बयान अभी उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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