14 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

डीएससी घोटाला: जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू से माँगा जवाब, CBI जाँच और लोकेश के इस्तीफे की माँग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
डीएससी घोटाला: जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू से माँगा जवाब, CBI जाँच और लोकेश के इस्तीफे की माँग

सारांश

आंध्र प्रदेश में DSC शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर सियासत गर्म है। YSRCP अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी ने लगातार मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर हमला बोला है — 7 चरण सत्यापन के बावजूद उम्मीदवार को खुद नहीं पता था कि उसे नौकरी कैसे मिली। CBI जाँच और लोकेश के इस्तीफे की माँग तेज़ हो रही है।

मुख्य बातें

YSRCP अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी ने 14 सितंबर 2026 को DSC शिक्षक भर्ती में कथित अनियमितताओं पर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से जवाबदेही माँगी।
एक मामले में कथित तौर पर 7 चरण सत्यापन और 65 TET अंकों के बावजूद उम्मीदवार को DEO ने बाद में अयोग्य घोषित किया।
YSRCP ने CBI जाँच और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की माँग दोहराई।
जगन ने कहा कि सरकार के स्पष्टीकरण लगातार बदल रहे हैं , हर नया जवाब नए सवाल खड़े करता है।
यह DSC विवाद पर YSRCP की सोशल मीडिया अभियान की श्रृंखला में नवीनतम पोस्ट है।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने 14 सितंबर 2026 को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर एक और तीखा हमला बोलते हुए जिला चयन समिति (DSC) के ज़रिए शिक्षक भर्ती में कथित अनियमितताओं पर सार्वजनिक जवाबदेही की माँग की। पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि जब परीक्षाओं की विश्वसनीयता खत्म होती है, तो लाखों उम्मीदवारों के सपने चकनाचूर हो जाते हैं।

जगन का आरोप: निष्पक्षता कर्तव्य है, विकल्प नहीं

जगन मोहन रेड्डी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि लाखों उम्मीदवार निष्पक्ष अवसर के लिए जीवन के बहुमूल्य वर्ष और परिवारों की मेहनत की कमाई दाँव पर लगाते हैं। उनके अनुसार, जब व्यवस्था उन्हें निराश करती है, तो केवल परिणाम नहीं बिगड़ते — बल्कि पूरी भर्ती प्रक्रिया पर से विश्वास उठ जाता है, जो गहरी निराशा फैलाता है।

उन्होंने मुख्यमंत्री को सीधे संबोधित करते हुए पूछा: 'निष्पक्षता कोई विकल्प नहीं है — यह एक कर्तव्य है! क्या आप डीएससी में चल रहे मौजूदा घोटाले की ज़िम्मेदारी लेंगे?'

एक शिक्षक पद में उलझा विवाद: 7 चरण, फिर भी सवाल

जगन ने एक विशेष मामले का हवाला दिया जिसमें कथित तौर पर एक उम्मीदवार को 7 चरणों के सत्यापन और 65 TET अंकों के आधार पर शिक्षक पद दिया गया। बाद में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने उसी उम्मीदवार को अयोग्य घोषित कर दिया।

इससे भी बड़ा विवाद तब उठा जब कथित तौर पर उम्मीदवार ने स्वयं कहा कि उसे नहीं पता था कि उसे नौकरी कैसे मिली। जगन ने तंज कसते हुए पूछा कि उन सात चरणों में वास्तव में क्या सत्यापित किया गया था।

YSRCP की माँग: CBI जाँच और लोकेश का इस्तीफा

YSRCP ने कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) द्वारा गहन जाँच की माँग दोहराई है। साथ ही, पार्टी ने मुख्यमंत्री नायडू के पुत्र और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश का तत्काल इस्तीफा माँगा है।

जगन ने शनिवार को एक अन्य पोस्ट में मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा था कि शिक्षक बनने की इच्छा रखने वालों का करियर अब मज़ाक बन चुका है। रविवार और सोमवार की पोस्टों में उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के स्पष्टीकरण लगातार बदल रहे हैं, और हर नया स्पष्टीकरण उम्मीदवारों के लिए नए सवाल खड़े कर रहा है।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब आंध्र प्रदेश में तेलुगु देशम पार्टी (TDP) नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार और विपक्षी YSRCP के बीच तनातनी चल रही है। यह जगन मोहन रेड्डी द्वारा सोशल मीडिया पर DSC मुद्दे पर की गई पोस्टों की श्रृंखला में नवीनतम कड़ी है।

आलोचकों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी से राज्य में शिक्षक पदों के लाखों आकांक्षियों का भरोसा टूट रहा है। सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि जनमानस में लड़ी जा रही लड़ाई है। असली सवाल यह है कि 7 चरण के सत्यापन तंत्र के बावजूद यदि उम्मीदवार को स्वयं अपनी नियुक्ति की जानकारी नहीं थी, तो प्रशासनिक ढाँचे की साख पर सवाल उठना स्वाभाविक है। जब तक सरकार ठोस और पारदर्शी जवाब नहीं देती, लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल करना मुश्किल रहेगा।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश DSC घोटाला क्या है?
DSC (जिला चयन समिति) घोटाला आंध्र प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़ा विवाद है। आरोप है कि उम्मीदवारों के बहु-चरणीय सत्यापन के बावजूद नियुक्तियाँ संदिग्ध तरीके से हुईं, जिससे योग्य आकांक्षियों के साथ अन्याय हुआ।
जगन मोहन रेड्डी ने DSC घोटाले पर क्या माँग की है?
YSRCP अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी ने केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) द्वारा गहन जाँच और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के तत्काल इस्तीफे की माँग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से सार्वजनिक रूप से जवाबदेही भी माँगी है।
DSC मामले में 7 चरण सत्यापन विवाद क्या है?
जगन के अनुसार, एक उम्मीदवार को 7 चरणों के सत्यापन और 65 TET अंकों के आधार पर शिक्षक पद दिया गया, लेकिन बाद में DEO ने उसे अयोग्य घोषित कर दिया। कथित तौर पर उम्मीदवार ने स्वयं कहा कि उसे नहीं पता था कि उसे नौकरी कैसे मिली, जिससे सत्यापन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठे।
DSC घोटाले में नारा लोकेश की क्या भूमिका बताई जा रही है?
नारा लोकेश आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री हैं और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के पुत्र हैं। YSRCP उन्हें विभागीय प्रमुख होने के नाते जवाबदेह मानती है और उनके इस्तीफे की माँग कर रही है, हालाँकि सरकार की ओर से इस माँग को अस्वीकार किया गया है।
DSC विवाद पर आंध्र प्रदेश सरकार का क्या रुख है?
रिपोर्टों के अनुसार, सरकार की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया है कि सरकार के स्पष्टीकरण लगातार बदल रहे हैं, जिससे उम्मीदवारों में और अधिक भ्रम और निराशा फैल रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. कल
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले