भाजपा में आने की चाह रखने वाले मंगल ग्रह से आए हैं: सामिक भट्टाचार्य ने TMC-NCPI सांसदों को किया खारिज
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य सामिक भट्टाचार्य ने 14 सितंबर 2026 को कोलकाता में स्पष्ट कर दिया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) से नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में गए 20 लोकसभा सदस्य सीधे भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ये नेता जिस भाजपा में आना चाहते हैं, वह शायद मंगल ग्रह की भाजपा है।
विवाद की जड़ — बसुनिया का दावा
यह बयान NCPI सांसद गुट के प्रमुख सदस्य जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया की उस टिप्पणी के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उनके 20 में से 17 साथी अगले महीने सीधे भाजपा में शामिल हो जाएंगे। बसुनिया के इस बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी, जिसके बाद भट्टाचार्य को सार्वजनिक रूप से पार्टी का रुख स्पष्ट करना पड़ा।
भट्टाचार्य का कड़ा रुख
भट्टाचार्य ने कहा, '2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा के कई कार्यकर्ताओं के साथ जो हुआ, उसे हम कभी नहीं भूलेंगे। इसलिए, यह सोचने का कोई कारण नहीं है कि अगर वे भाजपा में शामिल होना चाहें, तो हम उन्हें स्वीकार कर लेंगे। वे जिस भाजपा में शामिल होना चाहते हैं, हो सकता है कि वह मंगल ग्रह की भाजपा हो।'
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निकट या दूर के भविष्य में TMC के किसी भी गुट से किसी के भी पार्टी में शामिल होने की कोई संभावना नहीं है।
2021 की हिंसा का हवाला
भट्टाचार्य ने 2 मई 2021 के बाद की घटनाओं का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि सिर्फ 27 दिनों में TMC समर्थित तत्वों ने भाजपा के कथित तौर पर 56 कार्यकर्ताओं की हत्या की, लगभग 200 महिला कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ, और अनेक कार्यकर्ताओं के घर तोड़े गए या उन्हें विस्थापित होना पड़ा। भट्टाचार्य ने कहा, 'हम यह सब भूले नहीं हैं। इसलिए, यह सोचने का कोई कारण नहीं है कि वे सभी पाप इतनी आसानी से मिटा दिए जाएंगे।'
गौरतलब है कि 2011 से 2026 तक TMC के शासनकाल में हुए 'दमनकारी दौर' का हवाला देते हुए भट्टाचार्य ने जनता की याददाश्त को भाजपा के इनकार का आधार बताया।
NDA समर्थन और भाजपा सदस्यता में फर्क
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक रेखा खींचते हुए कहा, 'कुछ लोकसभा सदस्य TMC से अलग हो गए हैं और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का समर्थन कर रहे हैं — ऐसा करने के लिए उनका स्वागत है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे भाजपा में शामिल हो रहे हैं।' यह बयान स्पष्ट करता है कि NDA समर्थन और भाजपा की औपचारिक सदस्यता दो अलग-अलग बातें हैं।
इस बीच, बसुनिया ने यह भी कहा था कि उनके खेमे के तीन लोकसभा सदस्य — मुर्शिदाबाद निर्वाचन क्षेत्र से अबू ताहिर खान, बहरामपुर से यूसुफ पठान और जंगीपुर से खलीलुर रहमान (तीनों पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक-बहुल मुर्शिदाबाद जिले से) — भाजपा में सीधे शामिल होने की स्थिति में नहीं हैं और NDA के हिस्से के रूप में ही रहेंगे।
अबू ताहिर खान की प्रतिक्रिया
अबू ताहिर खान ने बसुनिया के बयान से खुद को अलग करते हुए कहा, 'हमने उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं दी है। यह उनकी निजी राय थी। हमारी राय का इससे कोई लेना-देना नहीं है। हम न तो भाजपा में हैं और न ही NDA के साथ हैं। हम अपने-अपने क्षेत्रों में काम करने के बारे में सोच रहे हैं।' खान की यह टिप्पणी NCPI गुट के भीतर एकता की कमी को उजागर करती है।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में 2026 के बाद की राजनीतिक पुनर्संरेखण की प्रक्रिया अभी भी अनिश्चित है और विभिन्न दलों की भूमिकाएँ स्पष्ट होने में समय लग सकता है।