टीएमसी अंदरूनी कलह से बिखर रही है: पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य का बड़ा दावा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य ने गुरुवार, 3 सितंबर को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस समय गहरी अंदरूनी खींचतान से जूझ रही है और पार्टी की पारंपरिक राजनीतिक रणनीति पूरी तरह विफल हो चुकी है।
टीएमसी की 'बिखरती' रणनीति पर भट्टाचार्य का हमला
भट्टाचार्य ने कहा कि टीएमसी जिस '25 और 75 फीसदी' के सिद्धांत पर वर्षों से राजनीति करती आई है, वह अब पूरी तरह अप्रासंगिक हो चुका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "अब स्थिति यह है कि टीएमसी के कार्यकर्ता अपनी ही पार्टी के दूसरे कार्यकर्ता पर अंडे फेंकने पर उतारू हो गए हैं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आंतरिक विघटन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कोई भूमिका नहीं है।
लोकतंत्र में आस्था का दावा
भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र के मूल्यों में अटूट विश्वास रखती है और उसके सिद्धांतों से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी की इसी लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता के कारण वह राज्य में लंबे समय से सत्तारूढ़ दल को सत्ता से बाहर करने में सफल रही।
पश्चिम बंगाल के भविष्य पर दावा
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज पूरे देश और दुनिया से लोग पश्चिम बंगाल की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा के शासनकाल में राज्य की तस्वीर पूरी तरह बदलेगी।
सुवेंदु अधिकारी की प्रतिबद्धता का उल्लेख
भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल को भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प लिया है और पार्टी इस लक्ष्य को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता-परिवर्तन के बाद भाजपा अपनी प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने में जुटी है।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा और टीएमसी के बीच राजनीतिक तनाव लंबे समय से चला आ रहा है। भट्टाचार्य के ये बयान राज्य की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे सकते हैं। आने वाले दिनों में टीएमसी की प्रतिक्रिया और राज्य की राजनीतिक दिशा पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।