देवेंद्र फडणवीस का बड़ा बयान: 2029 तक महाराष्ट्र नहीं छोड़ूंगा, दिल्ली जाने की अटकलें खारिज
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 3 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय राजनीति में जाने की सभी अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि वे कम से कम 2029 तक महाराष्ट्र में ही अपनी सेवाएं जारी रखेंगे। मुंबई में एक मराठी टीवी चैनल के इन्फ्रा कॉन्क्लेव में बोलते हुए उन्होंने यह बयान तब दिया जब शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री उन्हें दिल्ली बुलाकर कोई अहम जिम्मेदारी सौंपना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री का स्पष्ट रुख
फडणवीस ने कहा, "मेरी पार्टी और मेरे नेता ही मेरी भूमिका तय करेंगे। जिस दिन वे तय करेंगे, मैं जरूर दिल्ली जाऊंगा। आज की बात करूं तो मेरा मानना है कि मैं 2029 तक दिल्ली नहीं जा रहा हूं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी भूमिका का निर्धारण भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेतृत्व के हाथों में है, न कि मीडिया की अटकलों में।
मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा, "मेरे कुछ शुभचिंतकों का मानना है कि दिल्ली जाना मेरे लिए प्रमोशन होगा, जबकि कुछ लोगों को लगता है कि अगर मैं चला गया तो उनके सिर से बोझ हट जाएगा। लोग चाहें या न चाहें, मेरे नेता मुझे 2029 तक महाराष्ट्र में ही रखेंगे।"
बार-बार उठती अटकलों पर प्रतिक्रिया
फडणवीस ने यह भी कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है जब उन्हें मीडिया में दिल्ली भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा, "हर दो-तीन महीने में, जब किसी के पास कोई खबर नहीं होती या वे कोई चर्चा पैदा करना चाहते हैं, तो वे मुझे दिल्ली भेज देते हैं। असल में मुझे इसमें मजा आता है।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में महायुति गठबंधन की सरकार को अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ है।
संजय राउत का दावा और राजनीतिक हलचल
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने उसी दिन दावा किया था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के अंदरूनी हलकों में फडणवीस को केंद्र में बड़ी भूमिका देने पर चर्चा चल रही है। राउत के अनुसार, "प्रधानमंत्री, सीएम फडणवीस को दिल्ली लाना चाहते हैं और उन्हें कोई अहम जिम्मेदारी सौंपना चाहते हैं। यह बात मैं पक्के तौर पर जानता हूं।"
राउत ने यह भी दावा किया कि RSS चाहता है कि किसी ऐसे प्रमुख नेता को उप-प्रधानमंत्री बनाया जाए जो अभी केंद्रीय कैबिनेट का हिस्सा नहीं है और जो भविष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराधिकारी की भूमिका में आ सके। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था पर विजन
राजनीतिक अटकलों के बीच फडणवीस ने महाराष्ट्र के आर्थिक भविष्य पर भी अपना विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि राज्य की मौजूदा विकास दर 8.8 प्रतिशत है और 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य के लिए इसे 10 प्रतिशत से ऊपर ले जाना होगा।
उन्होंने कहा, "कई राज्य 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का सपना देखते हैं, लेकिन महाराष्ट्र इसे हासिल करने के सबसे करीब है क्योंकि हम पहले ही 660 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुके हैं। अगर हम लगातार विकास दर बनाए रखते हैं, तो हम निश्चित रूप से 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएंगे।" गौरतलब है कि यह लक्ष्य महायुति सरकार के प्रमुख चुनावी वादों में से एक रहा है।
आगे क्या
फडणवीस का यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति में उनकी स्थिति को और मजबूत करने वाला संकेत है। BJP नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राज्य में विपक्ष और सत्तारूढ़ महायुति के भीतर भी इस बयान पर नजर रहेगी।