4 सितंबर 2026
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देवेंद्र फडणवीस का बड़ा बयान: 2029 तक महाराष्ट्र नहीं छोड़ूंगा, दिल्ली जाने की अटकलें खारिज

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देवेंद्र फडणवीस का बड़ा बयान: 2029 तक महाराष्ट्र नहीं छोड़ूंगा, दिल्ली जाने की अटकलें खारिज

सारांश

दिल्ली भेजने की बार-बार उठती अटकलों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बार मजाकिया लेकिन स्पष्ट जवाब दिया — 2029 तक महाराष्ट्र उनका घर है। यह बयान तब आया जब संजय राउत ने RSS और PM मोदी के हवाले से फडणवीस को उप-प्रधानमंत्री बनाने का दावा किया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 3 सितंबर को राष्ट्रीय राजनीति में जाने की अटकलें सिरे से खारिज कीं।
उन्होंने कहा कि वे 2029 तक महाराष्ट्र में ही रहेंगे और भूमिका तय करना BJP नेतृत्व का काम है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने दावा किया कि RSS और PM मोदी फडणवीस को दिल्ली में अहम जिम्मेदारी देना चाहते हैं।
राउत ने कथित तौर पर कहा कि RSS चाहता है कि भावी उत्तराधिकारी को उप-प्रधानमंत्री की भूमिका दी जाए।
फडणवीस ने महाराष्ट्र की 8.8% विकास दर का उल्लेख करते हुए 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य दोहराया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 3 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय राजनीति में जाने की सभी अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि वे कम से कम 2029 तक महाराष्ट्र में ही अपनी सेवाएं जारी रखेंगे। मुंबई में एक मराठी टीवी चैनल के इन्फ्रा कॉन्क्लेव में बोलते हुए उन्होंने यह बयान तब दिया जब शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री उन्हें दिल्ली बुलाकर कोई अहम जिम्मेदारी सौंपना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री का स्पष्ट रुख

फडणवीस ने कहा, "मेरी पार्टी और मेरे नेता ही मेरी भूमिका तय करेंगे। जिस दिन वे तय करेंगे, मैं जरूर दिल्ली जाऊंगा। आज की बात करूं तो मेरा मानना है कि मैं 2029 तक दिल्ली नहीं जा रहा हूं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी भूमिका का निर्धारण भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेतृत्व के हाथों में है, न कि मीडिया की अटकलों में।

मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा, "मेरे कुछ शुभचिंतकों का मानना है कि दिल्ली जाना मेरे लिए प्रमोशन होगा, जबकि कुछ लोगों को लगता है कि अगर मैं चला गया तो उनके सिर से बोझ हट जाएगा। लोग चाहें या न चाहें, मेरे नेता मुझे 2029 तक महाराष्ट्र में ही रखेंगे।"

बार-बार उठती अटकलों पर प्रतिक्रिया

फडणवीस ने यह भी कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है जब उन्हें मीडिया में दिल्ली भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा, "हर दो-तीन महीने में, जब किसी के पास कोई खबर नहीं होती या वे कोई चर्चा पैदा करना चाहते हैं, तो वे मुझे दिल्ली भेज देते हैं। असल में मुझे इसमें मजा आता है।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में महायुति गठबंधन की सरकार को अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ है।

संजय राउत का दावा और राजनीतिक हलचल

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने उसी दिन दावा किया था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के अंदरूनी हलकों में फडणवीस को केंद्र में बड़ी भूमिका देने पर चर्चा चल रही है। राउत के अनुसार, "प्रधानमंत्री, सीएम फडणवीस को दिल्ली लाना चाहते हैं और उन्हें कोई अहम जिम्मेदारी सौंपना चाहते हैं। यह बात मैं पक्के तौर पर जानता हूं।"

राउत ने यह भी दावा किया कि RSS चाहता है कि किसी ऐसे प्रमुख नेता को उप-प्रधानमंत्री बनाया जाए जो अभी केंद्रीय कैबिनेट का हिस्सा नहीं है और जो भविष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराधिकारी की भूमिका में आ सके। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था पर विजन

राजनीतिक अटकलों के बीच फडणवीस ने महाराष्ट्र के आर्थिक भविष्य पर भी अपना विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि राज्य की मौजूदा विकास दर 8.8 प्रतिशत है और 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य के लिए इसे 10 प्रतिशत से ऊपर ले जाना होगा।

उन्होंने कहा, "कई राज्य 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का सपना देखते हैं, लेकिन महाराष्ट्र इसे हासिल करने के सबसे करीब है क्योंकि हम पहले ही 660 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुके हैं। अगर हम लगातार विकास दर बनाए रखते हैं, तो हम निश्चित रूप से 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएंगे।" गौरतलब है कि यह लक्ष्य महायुति सरकार के प्रमुख चुनावी वादों में से एक रहा है।

आगे क्या

फडणवीस का यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति में उनकी स्थिति को और मजबूत करने वाला संकेत है। BJP नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राज्य में विपक्ष और सत्तारूढ़ महायुति के भीतर भी इस बयान पर नजर रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

उतना सरल नहीं है — 'मेरे नेता तय करेंगे' वाली शर्त दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं करती। संजय राउत के दावे — चाहे राजनीतिक रणनीति हों या वास्तविक अंदरूनी जानकारी — महाराष्ट्र में महायुति की स्थिरता पर सवाल खड़े करते हैं, क्योंकि फडणवीस ही इस गठबंधन का केंद्रीय स्तंभ हैं। मुख्यमंत्री का 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का विजन महत्वाकांक्षी है, लेकिन 8.8% से 10% विकास दर तक की छलांग के लिए जो नीतिगत निरंतरता चाहिए, वह तभी संभव है जब नेतृत्व स्थिर रहे।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवेंद्र फडणवीस ने दिल्ली जाने से क्यों इनकार किया?
फडणवीस ने कहा कि उनकी भूमिका तय करना BJP नेतृत्व का काम है और फिलहाल वे 2029 तक महाराष्ट्र में ही रहेंगे। उन्होंने मीडिया में बार-बार आने वाली इन अटकलों को सामान्य 'चर्चा पैदा करने की कोशिश' बताया।
संजय राउत ने फडणवीस को लेकर क्या दावा किया?
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने दावा किया कि RSS के अंदरूनी हलकों में फडणवीस को केंद्र में बड़ी भूमिका देने की चर्चा है और PM मोदी उन्हें दिल्ली बुलाकर अहम जिम्मेदारी सौंपना चाहते हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
क्या फडणवीस को उप-प्रधानमंत्री बनाया जा सकता है?
राउत के अनुसार RSS चाहता है कि PM मोदी के संभावित उत्तराधिकारी को उप-प्रधानमंत्री की भूमिका में लाया जाए और वह व्यक्ति अभी दिल्ली में नहीं है। हालांकि BJP या केंद्र सरकार की ओर से इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
महाराष्ट्र 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था कब बनेगा?
फडणवीस के अनुसार महाराष्ट्र पहले ही 660 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन चुका है और मौजूदा 8.8% विकास दर को 10% से ऊपर ले जाने पर 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
फडणवीस का यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर डालेगा?
इस बयान से महायुति गठबंधन में नेतृत्व की स्थिरता का संकेत मिलता है, क्योंकि फडणवीस इस गठबंधन के केंद्रीय चेहरे हैं। विपक्ष, खासकर शिवसेना (यूबीटी), इन अटकलों का उपयोग सत्तारूढ़ गठबंधन को अस्थिर दिखाने के लिए करता रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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