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यूपी एसटीएफ ने बांदा में ₹3 करोड़ की 30,000 अवैध कोडीन सिरप शीशियाँ जब्त कीं, 4 गिरफ्तार

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यूपी एसटीएफ ने बांदा में ₹3 करोड़ की 30,000 अवैध कोडीन सिरप शीशियाँ जब्त कीं, 4 गिरफ्तार

सारांश

यूपी एसटीएफ ने बांदा में एक ही कार्रवाई में ₹3 करोड़ की 30,000 अवैध कोडीन सिरप शीशियाँ जब्त कर चार तस्करों को दबोचा। दिल्ली से माल लाकर फर्जी जीएसटी कागजों की आड़ में कई राज्यों में सप्लाई करने वाला यह गिरोह योगी सरकार के नशामुक्ति अभियान की बड़ी सफलता के रूप में सामने आया है।

मुख्य बातें

यूपी एसटीएफ ने 3 सितंबर को बांदा जिले में ₹3 करोड़ मूल्य की 30,000 शीशियाँ अवैध कोडीन कफ सिरप जब्त कीं।
गिरफ्तार चार आरोपी हैं — धीरेन्द्र कुमार (बांदा), प्रवीण कुमार उर्फ लकी , रोहित पांडेय (अतर्रा) और शेखर सिंह (हापुड़)।
गिरोह दिल्ली के द्वारका से सिरप लाकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश में सप्लाई करता था।
गिरोह ने हमीरपुर की एक बोगस फर्म के नाम से फर्जी जीएसटी इनवॉइस तैयार कर अवैध कारोबार छुपाया।
एएनटीएफ वाराणसी ने सोनभद्र से हेरोइन तस्कर हिमांशु गौतम को गिरफ्तार कर ₹80 लाख की हेरोइन बरामद की।

उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने 3 सितंबर 2026 को बांदा जिले में अंतरराज्यीय अवैध कोडीन कफ सिरप तस्करी गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से करीब ₹3 करोड़ मूल्य की 30,000 शीशियाँ अवैध कोडीन कफ सिरप बरामद की। यह कार्रवाई योगी सरकार के नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चल रहे अभियान की एक बड़ी कड़ी है।

गिरफ्तारी और बरामदगी का विवरण

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बांदा निवासी धीरेन्द्र कुमार, अतर्रा निवासी प्रवीण कुमार उर्फ लकी और रोहित पांडेय, तथा हापुड़ निवासी शेखर सिंह के रूप में हुई है। एसटीएफ फील्ड इकाई प्रयागराज की टीम को सूचना मिली थी कि कुछ लोग एक डीसीएम वाहन में अवैध सिरप लेकर बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के रास्ते बिसंडा बाईपास से अतर्रा, बांदा की ओर जा रहे हैं।

टीम ने बिसंडा-अतर्रा मार्ग पर बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के उत्तरी गोल चौराहे के पास एक लाल रंग की टाटा नेक्सॉन कार और डीसीएम को रोककर तलाशी ली। दोनों वाहनों से भारी मात्रा में अवैध कोडीन कफ सिरप की शीशियाँ बरामद हुईं और मौके से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरोह के कारोबार का तरीका

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह दिल्ली के द्वारका स्थित एक फार्मा प्रतिष्ठान से सिरप लेकर आता था और फिर इसे बांदा, अतर्रा, चित्रकूट और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में नशे के कारोबार में सप्लाई करता था। गिरोह सिरप की रैपर बदलकर उसे महंगे दामों पर बेचता था और मुनाफे को आपस में बाँटता था।

वाहन चालक को खेप सुरक्षित पहुँचाने के बदले अलग से ₹25,000 का इनाम दिया जाता था। गिरोह दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ से सिरप की खेप लाकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में सप्लाई करता था।

फर्जी जीएसटी दस्तावेजों का खुलासा

एसटीएफ की जाँच में गिरोह के कारोबार का एक और अहम पहलू सामने आया। आरोपियों के अनुसार कोडीन कफ सिरप की सप्लाई और बिक्री से संबंधित जीएसटी इनवॉइस और बिलों में फर्जीवाड़ा कर उन्हें हमीरपुर स्थित एक मेडिकल एजेंसी के नाम से तैयार किया जाता था। दस्तावेजों में ऐसी फर्म का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसे वाणिज्य कर विभाग द्वारा बोगस घोषित किया जा चुका है। इन कागजात की आड़ में अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था।

सोनभद्र में हेरोइन तस्कर गिरफ्तार

इसी अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) वाराणसी यूनिट ने सोनभद्र के करमा थाना क्षेत्र से मादक पदार्थ तस्कर हिमांशु गौतम को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से करीब ₹80 लाख मूल्य की हेरोइन बरामद की गई। गौतम ने पूछताछ में बताया कि वह छोटी पुड़िया बनाकर हेरोइन की सप्लाई करता था। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं पर जाँच कर रही है।

आगे की कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और एसटीएफ गिरोह के अन्य सदस्यों तथा दिल्ली के द्वारका स्थित आपूर्तिकर्ता फार्मा प्रतिष्ठान की भूमिका की जाँच कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब योगी सरकार राज्य में नशामुक्ति अभियान को तेज़ कर रही है और अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क को तोड़ने के लिए एसटीएफ व एएनटीएफ को सक्रिय रूप से तैनात कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 शीशियों और फर्जी जीएसटी दस्तावेजों का यह खुलासा बताता है कि अवैध दवा तस्करी अब केवल गली-मोहल्ले का धंधा नहीं, बल्कि संगठित वित्तीय अपराध का रूप ले चुकी है। गौरतलब है कि वाणिज्य कर विभाग द्वारा पहले ही बोगस घोषित फर्म के नाम पर इनवॉइस बनाए जाते रहे — यह सरकारी डेटाबेस और फार्मा आपूर्ति श्रृंखला निगरानी की खामियों को उजागर करता है। जब तक दिल्ली स्थित आपूर्तिकर्ता प्रतिष्ठान के लाइसेंस और वितरण रिकॉर्ड की जाँच नहीं होती, गिरोह के असली सरगनाओं तक पहुँचना मुश्किल रहेगा।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी एसटीएफ ने बांदा में क्या बरामद किया?
यूपी एसटीएफ ने बांदा जिले में एक अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब ₹3 करोड़ मूल्य की 30,000 शीशियाँ अवैध कोडीन कफ सिरप बरामद कीं। दोनों वाहनों — एक डीसीएम और एक लाल रंग की टाटा नेक्सॉन कार — से यह खेप बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर जब्त की गई।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और वे कहाँ के रहने वाले हैं?
गिरफ्तार चार आरोपियों में बांदा निवासी धीरेन्द्र कुमार, अतर्रा निवासी प्रवीण कुमार उर्फ लकी और रोहित पांडेय, तथा हापुड़ निवासी शेखर सिंह शामिल हैं। ये सभी एक सक्रिय अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह के सदस्य बताए गए हैं।
यह गिरोह किन राज्यों में सिरप की सप्लाई करता था?
पूछताछ के अनुसार गिरोह दिल्ली के द्वारका स्थित एक फार्मा प्रतिष्ठान से सिरप लाकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में सप्लाई करता था। माल मेडिकल स्टोर की जगह नशे के कारोबार में बेचा जाता था।
गिरोह ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कैसे किया?
गिरोह ने हमीरपुर स्थित एक ऐसी मेडिकल एजेंसी के नाम से जीएसटी इनवॉइस और बिल तैयार किए, जिसे वाणिज्य कर विभाग पहले ही बोगस घोषित कर चुका था। इन फर्जी कागजात की आड़ में अवैध कोडीन सिरप का कारोबार संचालित किया जाता था।
सोनभद्र में एएनटीएफ ने क्या कार्रवाई की?
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) वाराणसी यूनिट ने सोनभद्र के करमा थाना क्षेत्र से हेरोइन तस्कर हिमांशु गौतम को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से करीब ₹80 लाख मूल्य की हेरोइन बरामद की। आरोपी छोटी पुड़िया बनाकर हेरोइन सप्लाई करता था।
राष्ट्र प्रेस
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