उत्तराखंड STF का बाजपुर में नकली दवा कारखाने पर छापा, 1 लाख गोलियाँ और 15,000 सिरप बोतलें जब्त
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड विशेष कार्य बल (STF) ने रविवार, 19 जून को उधम सिंह नगर के बाजपुर औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़े नकली दवा गिरोह का भंडाफोड़ किया। औषधि प्रशासन विभाग के साथ समन्वय कर की गई इस संयुक्त कार्रवाई में 'कोविल बायोटेक' नामक प्रतिष्ठान पर छापा मारा गया, जहाँ बिना वैध दवा निर्माण लाइसेंस के नामी कंपनियों के ब्रांड नामों की आड़ में अवैध दवाएं तैयार की जा रही थीं।
मुख्य घटनाक्रम
जाँच में सामने आया कि कोविल बायोटेक आयुर्वेदिक और खाद्य लाइसेंस की आड़ में काम कर रहा था, जबकि वास्तव में STADMED, Macleods, Intas और Sun Pharma जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों की मुहरों के साथ नकली एलोपैथिक और जीवन रक्षक दवाओं का उत्पादन किया जा रहा था। विशिष्ट सूचना के आधार पर गोदाम पर छापेमारी की गई।
मौके से धीरेंद्र नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने उत्तराखंड में आपूर्ति के लिए हरियाणा से अवैध शराब मंगवाने की बात भी स्वीकार की।
जब्त सामग्री का ब्यौरा
अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई में लगभग 1 लाख गोलियाँ और 15,000 सिरप की बोतलें बरामद की गईं। ये दवाएं एसिडिटी, दर्द, तंत्रिका संबंधी विकार, प्रोस्टेट समस्याओं, एंटीबायोटिक उपचार तथा कैल्शियम व आयरन की कमी के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली बताई जा रही हैं।
इसके अतिरिक्त, मैकडॉवेल नंबर 1 के 1,632 क्वार्टर, थर्ड आरसीएस शराब की 1,016 बोतलें, 1,000 खाली काँच की बोतलें, उत्तराखंड उत्पाद शुल्क के होलोग्राम, रैपर, बोतल के ढक्कन और पैकेजिंग सामग्री भी जब्त की गई। पैकेजिंग मशीनें, स्टेनलेस स्टील (SS) टैंक, भरने, सील करने और लेबल लगाने वाली मशीनें भी बरामद हुईं।
कानूनी कार्रवाई
बरामदगी के बाद पुलिस ने बाजपुर पुलिस स्टेशन में आरोपियों के विरुद्ध ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नकली दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंताएँ बढ़ रही हैं।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि जब्त की गई दवाओं में जीवन रक्षक श्रेणी की दवाएं भी शामिल हैं — जिनमें एंटीबायोटिक और तंत्रिका संबंधी विकारों की दवाएं हैं। नकली दवाओं का उपयोग मरीज़ों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न कर सकता है, क्योंकि इनमें सक्रिय तत्वों की मात्रा या गुणवत्ता सत्यापित नहीं होती।
क्या होगा आगे
STF ने इस नेटवर्क से जुड़े बड़े व्यक्तियों और गिरोहों की पहचान के लिए गहन जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, आपूर्ति श्रृंखला के अन्य कड़ियों तक पहुँचना इस जाँच की प्राथमिकता है।