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क्या योगी सरकार ने अवैध नशे पर बड़ा प्रहार किया है? कोडीन के दुरुपयोग पर 128 फर्मों पर एफआईआर

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क्या योगी सरकार ने अवैध नशे पर बड़ा प्रहार किया है? कोडीन के दुरुपयोग पर 128 फर्मों पर एफआईआर

सारांश

योगी सरकार ने अवैध नशे के सौदागरों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण मुहिम शुरू की है, जिसमें लाखों की अवैध औषधियां जब्त की गई हैं। 128 एफआईआर दर्ज कर कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। क्या यह कार्रवाई युवाओं को नशे से बचाने में सफल होगी?

मुख्य बातें

योगी सरकार ने अवैध नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।
128 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिसमें कई गिरफ्तारियां शामिल हैं।
लाखों की अवैध औषधियां जब्त की गई हैं।
संदिग्ध मेडिकल स्टोर्स की सघन जांच जारी है।
सूचना देने के लिए व्हाट्सएप नंबर उपलब्ध है।

लखनऊ, 5 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। योगी सरकार लगातार उन अवैध नशे के सौदागरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है जो प्रदेश के युवाओं को नशे की आगोश में धकेल रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर एएनटीएफ (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने पूरे प्रदेश में प्रभावी कार्रवाई की है।

इस मुहिम के तहत एफएसडीए द्वारा प्रदेशभर में कोडीनयुक्त कफ सिरप और नॉरकोटिक्स श्रेणी की औषधियों के अवैध भंडारण, क्रय-विक्रय और वितरण पर नियंत्रण के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है।

इस विशेष अभियान में अब तक लाखों की अवैध नारकोटिक और कोडीनयुक्त औषधियां जब्त की गई हैं, और कुल 128 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, आधा दर्जन से अधिक अवैध नशे के सौदागरों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा गया है।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त, डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार अब तक प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण/छापेमारी की गई है, जिसमें लाखों की औषधियां सीज की गईं। संदिग्ध पाए गए अभिलेखों की जांच के तहत दो दर्जन से अधिक मेडिकल स्टोर्स पर कोडीनयुक्त सिरप एवं नॉरकोटिक औषधियों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। प्रदेशभर में कोडीन युक्त / नॉरकोटिक्स / साइकोट्रॉपिक श्रेणी औषधियों की अवैध आवाजाही की जांच हेतु संदिग्ध मेडिकल स्टोर की सघन जांच विशेष अभियान के रूप में जारी है।

उन्होंने बताया कि अवैध रूप से नकली एवं नशे के रूप में दुरुपयोग होने वाली औषधि के भंडारण, क्रय-विक्रय अथवा आवाजाही से संबंधित सूचना विभाग द्वारा जारी व्हाट्सएप नंबर पर दी जा सकती है। अवैध नारकोटिक औषधियों की बिक्री और भंडारण के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कई जिलों में छापेमारी की है और एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की गई।

आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि अभियान के दौरान 28 जिलों में कुल 128 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें वाराणसी में 38, जौनपुर में 16, कानपुर नगर में 8, गाजीपुर में 6, लखीमपुर खीरी में 4, लखनऊ में 4 और बहराइच, बिजनौर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सीतापुर, सोनभद्र, बलरामपुर, रायबरेली, संतकबीर नगर, हरदोई, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, उन्नाव, बस्ती, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, सहारनपुर, बरेली, सुल्तानपुर, चंदौली, मिर्जापुर आदि जिलों में 52 एफआईआर दर्ज की गई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो नशे के खिलाफ समाज की सुरक्षा के लिए की जा रही है। योगी सरकार की यह मुहिम न केवल युवाओं को अवैध नशे से बचाने का प्रयास है, बल्कि समाज में व्याप्त नशे के कारोबार को समाप्त करने की दिशा में एक ठोस कदम है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योगी सरकार ने अवैध नशे के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?
योगी सरकार ने एएनटीएफ और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के माध्यम से अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है, जिसमें लाखों की अवैध औषधियां जब्त की गई हैं और 128 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
कोडीन के दुरुपयोग पर कितनी एफआईआर दर्ज की गई हैं?
अब तक 128 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें विभिन्न जिलों से अवैध नशे के सौदागरों को गिरफ्तार किया गया है।
क्या लोग अवैध नशे के बारे में सूचना दे सकते हैं?
हाँ, अवैध नशे के भंडारण या बिक्री की सूचना विभाग द्वारा जारी व्हाट्सएप नंबर पर दी जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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