4 सितंबर 2026
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जयशंकर का कीव दौरा संपन्न: जेलेंस्की से मुलाकात, गांधी को श्रद्धांजलि और शांति का संदेश

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जयशंकर का कीव दौरा संपन्न: जेलेंस्की से मुलाकात, गांधी को श्रद्धांजलि और शांति का संदेश

सारांश

जयशंकर का कीव दौरा महज़ शिष्टाचार नहीं था — गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि से लेकर जेलेंस्की के साथ युद्ध-समाप्ति पर सीधी बातचीत तक, भारत ने संतुलित लेकिन मुखर कूटनीति का संकेत दिया। दौरे के दौरान रूसी ड्रोन हमले ने संघर्ष की गंभीरता को और उजागर किया।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 3 सितंबर 2026 को कीव में अपना दौरा समाप्त किया।
नेशनल बॉटनिकल गार्डन, कीव में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
जयशंकर ने राष्ट्रपति जेलेंस्की और विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा से द्विपक्षीय सहयोग और संघर्ष-समाधान पर चर्चा की।
जेलेंस्की ने युद्ध समाप्त करने की भारत की इच्छा को 'स्पष्ट स्थिति' बताते हुए आभार जताया।
दौरे के दौरान रूस ने ईरानी तकनीक के 'शाहेद' ड्रोन दागे; यूक्रेनी वायुसेना ने अधिकांश को मार गिराया, भारतीय प्रतिनिधिमंडल सुरक्षित रहा।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 3 सितंबर 2026 को कीव में अपना दौरा समाप्त किया — नेशनल बॉटनिकल गार्डन में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित कर। यूक्रेन-रूस संघर्ष के बीच यह भारत की उच्चस्तरीय कूटनीतिक उपस्थिति का अहम संकेत है, जिसमें भारत ने एक बार फिर बातचीत और शांति की पैरवी की।

गांधी को श्रद्धांजलि और शांति का आह्वान

जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'कीव के नेशनल बॉटनिकल गार्डन में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देकर अपने दौरे का समापन किया। उनका जीवन और संदेश 'अंतहीन युद्ध से युद्ध के अंत की ओर' बढ़ने की जरूरत को रेखांकित करता है।' यह कदम प्रतीकात्मक रूप से भारत की उस नीति को दर्शाता है, जो किसी एक पक्ष का समर्थन किए बिना संवाद को प्राथमिकता देती है।

जेलेंस्की से मुलाकात: द्विपक्षीय और संघर्ष-समाधान पर चर्चा

दौरे के दौरान जयशंकर ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा से मुलाकात की। बैठक में भारत-यूक्रेन द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के साथ-साथ जारी संघर्ष को समाप्त करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई। जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'हमारी बातचीत जारी संघर्ष को समाप्त करने के तरीकों पर केंद्रित रही।'

जेलेंस्की का बयान: भारत की भूमिका की सराहना

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा, 'हम इस अन्यायपूर्ण युद्ध को समाप्त करने की भारत की इच्छा के लिए आभारी हैं। यह निश्चित रूप से युद्ध का समय नहीं होना चाहिए। शांति की आवश्यकता है — यह भारत की स्पष्ट स्थिति है।' दोनों पक्षों ने काला सागर की स्थिति सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।

दौरे के दौरान ड्रोन हमला, प्रतिनिधिमंडल सुरक्षित

जेलेंस्की ने यह भी बताया कि जयशंकर के कीव में रहने के दौरान रूस ने ईरानी तकनीक से बने जेट-संचालित 'शाहेद' ड्रोन दागे। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी लड़ाकू विमानों ने अधिकांश ड्रोन को मार गिराया और भारतीय प्रतिनिधिमंडल पूरी तरह सुरक्षित रहा। जेलेंस्की ने अन्य देशों से भी युद्ध समाप्ति के पक्ष में स्पष्ट रुख अपनाने की अपील की।

भारत की कूटनीतिक स्थिति: संतुलन और संवाद

गौरतलब है कि भारत ने रूस-यूक्रेन संघर्ष में किसी एक पक्ष का खुलकर साथ नहीं दिया है। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक दबाव के बीच भारत की मध्यस्थ भूमिका को लेकर चर्चा तेज है। जयशंकर का यह कीव दौरा भारत की उस 'शांति-केंद्रित' विदेश नीति का विस्तार है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मॉस्को और कीव दोनों के साथ संपर्क बनाए रखने की रणनीति पर आधारित है। आगे भारत की कूटनीतिक भूमिका और किस दिशा में जाती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन किसी के साथ पूरी तरह खड़ी नहीं होती। गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि एक सुविचारित प्रतीकात्मक संदेश था — 'हम शांति के पक्षधर हैं, पक्षकार नहीं।' हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि बिना ठोस मध्यस्थता प्रस्ताव के यह कूटनीति केवल संबंध-प्रबंधन तक सीमित रहती है। जेलेंस्की के ड्रोन हमले वाले बयान और भारत की 'स्पष्ट स्थिति' की सराहना के बीच का अंतर बताता है कि दोनों पक्ष इस दौरे से अलग-अलग संदेश लेकर गए।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर का कीव दौरा कब और क्यों हुआ?
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 3 सितंबर 2026 को कीव का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य भारत-यूक्रेन द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के उपायों पर चर्चा करना था।
जयशंकर और जेलेंस्की की बैठक में क्या हुआ?
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग, काला सागर की स्थिति और जारी संघर्ष को समाप्त करने के तरीकों पर विस्तृत चर्चा की। जेलेंस्की ने युद्ध समाप्त करने की भारत की इच्छा को 'स्पष्ट स्थिति' बताते हुए आभार व्यक्त किया।
कीव दौरे के दौरान ड्रोन हमले का क्या हुआ?
राष्ट्रपति जेलेंस्की के अनुसार, जयशंकर के कीव में रहने के दौरान रूस ने ईरानी तकनीक से बने 'शाहेद' ड्रोन दागे। यूक्रेनी लड़ाकू विमानों ने अधिकांश ड्रोन को मार गिराया और भारतीय प्रतिनिधिमंडल सुरक्षित रहा।
महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने का क्या महत्व था?
जयशंकर ने कीव के नेशनल बॉटनिकल गार्डन में गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित कर कहा कि गांधी का संदेश 'अंतहीन युद्ध से युद्ध के अंत की ओर' बढ़ने की जरूरत को रेखांकित करता है। यह भारत की शांति-समर्थक कूटनीतिक स्थिति का प्रतीकात्मक संदेश था।
रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत की स्थिति क्या है?
भारत ने इस संघर्ष में किसी एक पक्ष का खुलकर समर्थन नहीं किया है और संवाद व शांति की पैरवी करता रहा है। जेलेंस्की ने इसे भारत की 'स्पष्ट स्थिति' बताया, जबकि भारत मॉस्को और कीव दोनों के साथ कूटनीतिक संपर्क बनाए हुए है।
राष्ट्र प्रेस
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