जयशंकर ने यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस पर दी बधाई, द्विपक्षीय साझेदारी मजबूत करने पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 24 अगस्त को यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वहाँ की सरकार और जनता को शुभकामनाएँ दीं। इस मौके पर उन्होंने यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा से संवाद कर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
जयशंकर का संदेश
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा, यूक्रेन की सरकार और वहाँ के लोगों को उनके स्वतंत्रता दिवस पर हार्दिक बधाई। हम आने वाले समय में अपने द्विपक्षीय संबंधों और साझेदारी को और मजबूत और गहरा बनाने की उम्मीद करते हैं।' यह संदेश ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत की कूटनीतिक सक्रियता पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान केंद्रित है।
यूक्रेन का स्वतंत्रता दिवस और संयुक्त राष्ट्र बैठक
यूक्रेन प्रत्येक वर्ष 24 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है। इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने रूस-यूक्रेन युद्ध के परिणामों पर विशेष बैठक आयोजित की। सिबिहा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि इस बैठक का मुख्य एजेंडा यूक्रेन के विभिन्न हिस्सों में आम नागरिकों पर रूस के बढ़ते मिसाइल और ड्रोन हमले रहे।
क्रिवी रीह हमला: भयावह मानवीय संकट
सिबिहा ने एक्स पर लिखा कि शुक्रवार को क्रिवी रीह के एक शॉपिंग मॉल पर हुए दोहरे हमले में 16 लोगों की मौत हो गई और 130 लोग घायल हुए, जिनमें 20 से अधिक बच्चे भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि यह घटना रूस द्वारा परिवारों, बचावकर्मियों और आम नागरिकों के लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाए जाने की एक दर्दनाक याद दिलाती है।
वैश्विक खाद्य संकट पर चिंता
सिबिहा ने यह भी कहा कि यूक्रेन के बंदरगाहों पर रूस के लगातार हमलों और अनाज निर्यात में डाली जा रही बाधाओं से वैश्विक खाद्य संकट और गहरा हो रहा है, जिसका असर यूक्रेन की सीमाओं से बहुत दूर रहने वाले लाखों लोगों पर पड़ रहा है। उन्होंने डेनमार्क की अध्यक्षता और विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन का इस बहस के आयोजन के लिए आभार जताया।
यूक्रेन की माँगें और आगे की राह
सिबिहा के अनुसार यूक्रेन इस बैठक में रूस के हमले रोकने, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा बनाए रखने के लिए निर्णायक कदम उठाने की माँग करेगा। गौरतलब है कि भारत ने संघर्ष के दौरान संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाने पर लगातार जोर दिया है, और जयशंकर की यह बधाई भारत-यूक्रेन संबंधों में निरंतरता का संकेत है।