यूक्रेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सचिव ने भारत में डोभाल और जयशंकर से वार्ता की
सारांश
Key Takeaways
- रुस्तम उमेरोव की भारत यात्रा महत्वपूर्ण है।
- द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई।
- रूस-यूक्रेन संघर्ष पर विचार किया गया।
- भारत का सैद्धांतिक रुख दोहराया गया।
- वैश्विक तनाव को देखते हुए यह दौरा महत्वपूर्ण है।
नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के सचिव रुस्तम उमेरोव ने शुक्रवार को भारत यात्रा के दौरान एनएसए अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस अवसर पर, दोनों देशों के बीच के द्विपक्षीय संबंधों, सहयोग और रूस-यूक्रेन संघर्ष की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा की, जिसमें लिखा गया, "यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के सचिव रुस्तम उमेरोव ने 17 अप्रैल 2026 को एनएसए अजीत डोभाल से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों का पुनरावलोकन किया और रूस-यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा की। एनएसए ने भारत की सैद्धांतिक स्थिति को दोहराते हुए बातचीत और कूटनीति के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।"
भारत यात्रा के दौरान, रुस्तम उमेरोव ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "रुस्तम उमेरोव से मिलकर खुशी हुई। हमने द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की और यूक्रेन संघर्ष पर विचारों का आदान-प्रदान किया।"
वैश्विक तनाव के बीच, रुस्तम उमेरोव का यह दौरा भारत के साथ संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मिडिल ईस्ट में लंबे तनाव के बाद, पहले ईरान-अमेरिका युद्धविराम और अब इजरायल-लेबनान युद्धविराम के बाद स्थितियाँ कुछ सुधरती दिख रही हैं।
ईरान ने हालात को सुधारते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने लेबनान में जारी युद्धविराम के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए पूरी तरह से खोल दिया गया है।
इस फैसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सराहना की। ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने के लिए ईरान को धन्यवाद दिया।
होर्मुज स्ट्रेट को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है, जहाँ से वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। अब सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए यह मार्ग खुल जाने से वैश्विक व्यापार को बड़ी राहत मिलेगी।