मध्य प्रदेश में कांग्रेस की रणनीति: जन संवाद और संगठन को मजबूत करने की पहल
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस पार्टी की बैठकें जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए हैं।
- कार्यकर्ताओं का लक्ष्य सत्ता में वापसी सुनिश्चित करना है।
- जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन 25 मई के बाद होगा।
- कांग्रेस पिछले 25 वर्षों से सत्ता से बाहर है।
- प्रदेश में कर्ज, अपराध और भ्रष्टाचार की समस्याएं हैं।
भोपाल, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की जमीनी स्तर पर मजबूती के लिए एक बार फिर से बैठकों का सिलसिला शुरू हो गया है। इन बैठकों में पार्टी के वरिष्ठ नेता ब्लॉक अध्यक्षों और जिला प्रभारीयों से मिलकर गांवों और घरों तक पार्टी की नीतियों को पहुंचाने पर जोर दे रहे हैं।
कांग्रेस की बैठकों की श्रृंखला में शनिवार को राजधानी भोपाल के इंदिरा भवन में सभी जिला प्रभारियों की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी रणनीतियों, गांव-गांव में कांग्रेस के प्रभाव को बढ़ाने और संगठन को मजबूत बनाने पर गहन चर्चा की गई।
बैठक में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव उषा नायडू, संजय दत्त, और सभी वरिष्ठ जिला प्रभारीगण उपस्थित रहे।
इसके अलावा, ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मेलन शुक्रवार को रविंद्र भवन में आयोजित किया गया था, जिसमें प्रदेश भर के ब्लॉक अध्यक्षों ने भाग लिया। इस सम्मेलन में ब्लॉक अध्यक्षों की भूमिका और उनके कार्यों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस पिछले 25 वर्षों से सत्ता से बाहर है, इसलिए कार्यकर्ताओं को और अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है। बूथ और ब्लॉक स्तर पर कम से कम 30 हजार परिवारों को जोड़कर संगठन को मजबूत करना होगा। पार्टी कार्यकर्ताओं का लक्ष्य केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि कांग्रेस की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश कर्ज, अपराध और भ्रष्टाचार की समस्याओं से जूझ रहा है, और इसे सही करने के लिए हमें अपनी आहुति देनी होगी। पार्टी ने तय किया है कि 25 अप्रैल से 25 मई तक विधानसभा प्रभारी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे और कार्यकारिणी का सत्यापन करेंगे। 25 मई के बाद, पार्टी के हर ब्लॉक पर एक अधिवेशन होगा, जिसे जन संवाद कार्यक्रम का नाम दिया जाएगा, जिसमें पार्टी के सभी बड़े नेता प्रदेश प्रभारी एवं सह प्रभारी के साथ एक-एक ब्लॉक में जाएंगे।