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ईरान ने बांग्लादेश के मालवाहक जहाज को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति नहीं दी

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ईरान ने बांग्लादेश के मालवाहक जहाज को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति नहीं दी

सारांश

बांग्लादेश का मालवाहक जहाज एमवी बांग्लार जॉयजात्रा को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से निकलने की अनुमति नहीं दी। जानिए इस घटना के पीछे का कारण और क्या है आगे की स्थिति।

मुख्य बातें

एमवी बांग्लार जॉयजात्रा को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति नहीं दी।
ईरानी अधिकारियों ने आईआरजीसी की मंजूरी न लेने के कारण जहाज को रोका।
जहाज ने सऊदी अरब से फर्टिलाइजर लोड किया था।
बांग्लादेश के लिए यह एक गंभीर समस्या बन सकती है।
ईरान की नौसेना ने सभी जहाजों को रुकने का आदेश दिया।

ढाका, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश के सरकारी बांग्लादेश शिपिंग कॉर्पोरेशन (बीएससी) का मालवाहक जहाज एमवी बांग्लार जॉयजात्रा को होर्मुज स्ट्रेट से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। बांग्लादेशी मीडिया ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, ईरानी अधिकारियों ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आरजीसीए) से ट्रांजिट की मंजूरी न लेने के कारण जहाज को आगे बढ़ने से रोक दिया।

ढाका ट्रिब्यून ने बताया कि ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट खोलने की घोषणा के बाद यह जहाज शारजाह पोर्ट के निकट रुक गया था। जब बांग्लादेशी जहाज ने पोर्ट से निकलने का प्रयास किया, तो ईरानी सेना ने इसे रोक दिया।

ईरानी नौसेना ने एक रेडियो संदेश जारी कर सभी जहाजों को अपने इंजन बंद करने और आवाजाही रोकने का आदेश दिया। इसके साथ ही चेतावनी दी गई कि आईआरजीसी की अनुमति के बिना कोई भी जहाज पार नहीं कर सकता।

बीएससी के प्रबंध निदेशक कमोडोर महमूदुल मालेक ने ढाका ट्रिब्यून को बताया, "कंपनी ने पहले ही अनुमति मांगी थी, लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला। हमें न तो मना किया गया और न ही पुष्टि मिली, इसलिए हमने सोचा कि स्ट्रेट खुल गया है। लगभग 40 कमर्शियल जहाज चलने लगे और बांग्लार जॉयजात्रा भी उनके पीछे हो लिया।"

उन्होंने कहा, "अगर सब कुछ सामान्य रहता, तो जहाज सुबह करीब 3 बजे तक ओमान सागर में जा सकता था, लेकिन अचानक रात करीब 12:30 बजे, ईरानी नौसेना और आईआरजीसी द्वारा सभी जहाजों को रुकने का निर्देश दिया गया।"

बांग्लादेशी मीडिया ने बताया कि इससे पहले सीजफायर के बाद जहाज ने 8 अप्रैल को स्ट्रेट पार करने की कोशिश की थी। लगभग 40 घंटे की यात्रा के बाद यह 10 अप्रैल को आसपास पहुंचा, लेकिन आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिली।

मुख्य इंजीनियर रशीदुल हसन ने कहा कि जहाज ने पहले सऊदी अरब के रास अल खैर पोर्ट से लगभग 37,000 टन फर्टिलाइजर लोड किया था और दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन तक अपनी यात्रा जारी रखने के लिए मंजूरी की प्रतीक्षा कर रहा था।

ढाका ट्रिब्यून ने बीएससी के सूत्रों के हवाले से बताया कि एमवी बांग्लार जॉयजात्रा 27 फरवरी को कतर के मेसाईद पोर्ट से 38,800 टन स्टील कॉइल लेकर संयुक्त अरब अमीरात के जेबेल अली पोर्ट पर पहुंचा था। युद्ध की स्थिति के कारण यह पोर्ट पर खड़ा रहा और देरी के बाद 11 मार्च को अनलोडिंग पूरी हुई।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्यों नहीं मिली एमवी बांग्लार जॉयजात्रा को अनुमति?
ईरानी अधिकारियों ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की मंजूरी न होने के कारण जहाज को आगे बढ़ने से रोका।
एमवी बांग्लार जॉयजात्रा ने कौन सा सामान लोड किया था?
जहाज ने सऊदी अरब के रास अल खैर पोर्ट से लगभग 37,000 टन फर्टिलाइजर लोड किया था।
यह जहाज कब से रुका हुआ है?
जहाज ने 8 अप्रैल को स्ट्रेट पार करने की कोशिश की थी, लेकिन अनुमति न मिलने के कारण यह शारजाह पोर्ट के पास रुका है।
ईरान ने जहाज को रोकने का आदेश क्यों दिया?
ईरानी नौसेना ने सभी जहाजों को अपने इंजन बंद करने और आवाजाही रोकने का आदेश दिया।
इस घटना का बांग्लादेश की शिपिंग इंडस्ट्री पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
यह घटना बांग्लादेश की शिपिंग इंडस्ट्री के लिए चिंता का विषय है, जो व्यापारिक गतिशीलता को प्रभावित कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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