28 जुलाई 2026
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होर्मुज स्ट्रेट से नाकेबंदी की चेतावनी: ईरान बोला — ईरानी संपत्तियों से मुआवजा लेने वाले जहाजों को नहीं मिलेगी गुज़रने की अनुमति

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होर्मुज स्ट्रेट से नाकेबंदी की चेतावनी: ईरान बोला — ईरानी संपत्तियों से मुआवजा लेने वाले जहाजों को नहीं मिलेगी गुज़रने की अनुमति

सारांश

ईरान की सर्वोच्च सैन्य कमान ने सीधे शब्दों में कह दिया — जो जहाज ईरान की जब्त संपत्तियों से मुआवजा लेंगे, उन्हें होर्मुज स्ट्रेट से नहीं गुज़रने दिया जाएगा। यह चेतावनी ट्रंप के उस प्रस्ताव के जवाब में है जिसमें उन्होंने ईरान के जमे धन से शिपिंग नुकसान की भरपाई की बात कही थी।

मुख्य बातें

ईरान के खात्म अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स ने 28 जुलाई 2026 को चेतावनी दी कि फ्रीज संपत्तियों से मुआवजा लेने वाले जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से नहीं गुज़रने दिया जाएगा।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि होर्मुज संघर्ष में क्षतिग्रस्त जहाजों की भरपाई ईरान की जब्त संपत्तियों से की जाएगी — अमेरिकी खजाने से नहीं।
ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कितना धन उपलब्ध है, कौन-सी कंपनियाँ पात्र हैं या भुगतान की प्रक्रिया क्या होगी।
ईरान का कहना है कि जहाजों को नुकसान अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के कारण हुई असुरक्षा से हुआ, न कि ईरान की जिम्मेदारी से।
वॉशिंगटन और तेहरान के बीच इस समय बातचीत जारी है; ट्रंप ने समझौता न होने पर पुनः सैन्य कार्रवाई का संकेत दिया।

ईरान के सर्वोच्च सैन्य मुख्यालय खात्म अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स ने मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को स्पष्ट चेतावनी दी कि जो भी देश या शिपिंग कंपनी ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों से मुआवजा स्वीकार करेगी, उसके जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के सीधे जवाब में आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि होर्मुज संघर्ष में क्षतिग्रस्त जहाजों की भरपाई ईरान के जब्त धन से की जाएगी।

ईरान की सैन्य कमान का कड़ा रुख

खात्म अल-अंबिया के प्रवक्ता ने कहा कि ईरानी सशस्त्र बल उन सभी जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से रोक देंगे, जिनके मालिक देश या कंपनियाँ ऐसा मुआवजा स्वीकार करती हैं। प्रवक्ता के अनुसार, जहाजों को हुआ नुकसान अमेरिकी सैन्य गतिविधियों से उत्पन्न असुरक्षा का परिणाम था, न कि ईरान की जिम्मेदारी। उन्होंने यह भी कहा कि ये जहाज होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में एक ऐसे समुद्री मार्ग का उपयोग कर रहे थे, जिसे ईरान गैरकानूनी और असुरक्षित मानता है।

ट्रंप का मुआवजा प्रस्ताव और उसकी सीमाएँ

सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि अमेरिका अपने खजाने से शिपिंग कंपनियों को कोई भुगतान नहीं करेगा। उन्होंने कहा, 'नहीं। हम ईरान के पैसे का इस्तेमाल करेंगे ताकि उनकी ओर से किए गए नुकसान का भुगतान किया जा सके।' ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका के नियंत्रण में ईरान का कितना धन है, किन शिपिंग कंपनियों को मुआवजा मिलेगा और भुगतान की प्रक्रिया क्या होगी।

होर्मुज स्ट्रेट की मौजूदा स्थिति

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति में सुधार आया है। उन्होंने कहा, 'उनका पूरा तट बर्बाद हो चुका है। अब होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति बहुत अच्छी है।' ट्रंप ने यह भी बताया कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच इस समय बातचीत जारी है और ईरान ने बातचीत के दौरान हमलों को रोकने की अपील की थी।

आगे सैन्य कार्रवाई का संकेत

ट्रंप ने संकेत दिया कि यदि कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका पुनः सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला रखेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच राजनयिक संवाद चल रहा है — जो स्थिति को और जटिल बनाता है। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट से विश्व के कच्चे तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है, और इस जलमार्ग पर किसी भी नाकेबंदी का असर वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर सीधा पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो तेहरान पहले भी अपनाता रहा है। ट्रंप का मुआवजा प्रस्ताव जितना सरल दिखता है, उतना है नहीं — कौन-सा धन, किस प्रक्रिया से, किन कंपनियों को — इन सवालों का जवाब अभी तक नहीं दिया गया। असली ख़तरा यह है कि यदि कोई शिपिंग कंपनी मुआवजा स्वीकार करती है और ईरान नाकेबंदी लागू करता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला पर तत्काल दबाव पड़ सकता है — जिसकी कीमत भारत जैसे आयात-निर्भर देशों को चुकानी पड़ेगी।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर क्या चेतावनी दी है?
ईरान की सर्वोच्च सैन्य कमान खात्म अल-अंबिया ने कहा है कि जो भी देश या शिपिंग कंपनी ईरान की फ्रीज संपत्तियों से मुआवजा स्वीकार करेगी, उसके जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने नहीं दिया जाएगा। यह चेतावनी 28 जुलाई 2026 को दी गई।
ट्रंप ने ईरान की जमी संपत्तियों से मुआवजे की बात क्यों कही?
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि होर्मुज संघर्ष के दौरान क्षतिग्रस्त जहाजों की भरपाई अमेरिका के नियंत्रण में मौजूद ईरान के जमे धन से की जाएगी, ताकि अमेरिकी करदाताओं पर बोझ न पड़े। हालाँकि उन्होंने धन की राशि, पात्र कंपनियों और भुगतान प्रक्रिया का कोई विवरण नहीं दिया।
होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी का क्या असर हो सकता है?
होर्मुज स्ट्रेट से विश्व के कच्चे तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुज़रता है। यदि ईरान इस जलमार्ग पर नाकेबंदी लागू करता है, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो सकती है और तेल की कीमतें तेज़ी से बढ़ सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ेगा।
अमेरिका और ईरान के बीच अभी बातचीत की क्या स्थिति है?
ट्रंप ने पुष्टि की है कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच इस समय बातचीत जारी है। ईरान ने बातचीत के दौरान हमलों को रोकने की अपील की थी; ट्रंप ने संकेत दिया कि समझौता न होने पर अमेरिका पुनः सैन्य कार्रवाई का विकल्प अपना सकता है।
ईरान ने जहाजों के नुकसान की ज़िम्मेदारी क्यों नहीं मानी?
ईरान का कहना है कि जहाजों को नुकसान अमेरिकी सैन्य गतिविधियों से उत्पन्न असुरक्षा के कारण हुआ। ईरान के अनुसार, ये जहाज होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में एक ऐसे समुद्री मार्ग का उपयोग कर रहे थे, जिसे ईरान गैरकानूनी और असुरक्षित मानता है।
राष्ट्र प्रेस
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