होर्मुज स्ट्रेट नहीं खुलेगा जब तक अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी: ईरान का सख्त रुख
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोमवार, 10 अगस्त 2026 को स्पष्ट कर दिया कि जब तक अमेरिका ईरान के विरुद्ध अपनी नौसैनिक नाकेबंदी बनाए रखेगा, तब तक होर्मुज स्ट्रेट को पुनः नहीं खोला जाएगा। तेहरान में साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दिया गया यह बयान अमेरिका-ईरान तनाव में एक नए और निर्णायक मोड़ का संकेत देता है।
ईरान का स्पष्ट संदेश
बाघेई ने कहा, 'जब तक अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए ज़रूरी हालात नहीं बन पाएंगे। अमेरिका को अपनी विनाशकारी कार्रवाइयों को रोकना होगा और उनमें बदलाव करना होगा, ताकि दोनों पक्ष आगे के कदमों पर बातचीत कर सकें।' ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस रूट को फिर से खोलना अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर लागू की गई शर्तों पर निर्भर करता है।
बाघेई ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का कारण अमेरिका और इज़रायल की सैन्य आक्रामकता थी। यह पहली बार है जब ईरान ने इतने स्पष्ट शब्दों में स्ट्रेट खोलने की शर्तें सार्वजनिक रूप से गिनाई हैं।
होर्मुज स्ट्रेट का वैश्विक महत्व
होर्मुज स्ट्रेट फ़ारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला एक अत्यंत संकरा और रणनीतिक जलमार्ग है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारों में से एक है, जिसके ज़रिए खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख उत्पादक देशों से कच्चा तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुँचती है।
इस जलमार्ग के बंद रहने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ रहा है और तेल की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पहले से ही भू-राजनीतिक तनावों से जूझ रहे हैं।
ओमान के साथ वैकल्पिक रास्ते पर बातचीत
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने रविवार, 9 अगस्त को कहा कि वे ओमान के साथ होर्मुज स्ट्रेट में एक नया समुद्री रास्ता तय करने की बातचीत के अंतिम चरण में हैं। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ओमान के साथ किसी वैकल्पिक समुद्री गलियारे पर समझौते का यह अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए कि होर्मुज स्ट्रेट को पुनः खोल दिया जाएगा।
बाघेई ने भी इस पर सहमति जताते हुए कहा कि ईरान-ओमान शिपिंग रूट वार्ता एक 'द्विपक्षीय मामला' है और इसे होर्मुज के पुनः खुलने से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
अमेरिका के साथ बातचीत ठप
अराघची ने ईरानी विदेश मंत्रालय के सेंटर फॉर पॉलिटिकल एंड इंटरनेशनल स्टडीज में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'अभी हमारी अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं चल रही है। मध्यस्थ अभी भी बातचीत फिर से शुरू करने के तरीके खोजने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे नज़रिए से, जब तक अमेरिका ज्ञापन समझौते का उल्लंघन बंद नहीं करता और अपने किए गए उल्लंघनों की भरपाई नहीं करता, तब तक बातचीत फिर से शुरू नहीं हो सकती।'
गौरतलब है कि मध्यस्थ देशों के प्रयासों के बावजूद दोनों पक्षों के बीच सीधी वार्ता अभी तक बहाल नहीं हो पाई है। यह गतिरोध वैश्विक कूटनीतिक समुदाय के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
आगे की राह
ईरान ने अपनी शर्तें स्पष्ट कर दी हैं — अमेरिकी नाकेबंदी की समाप्ति और ज्ञापन समझौते के उल्लंघनों की भरपाई। जब तक ये शर्तें पूरी नहीं होतीं, होर्मुज स्ट्रेट के खुलने की संभावना नहीं दिखती। अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों की भूमिका अब और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि यह संकट वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को सीधे प्रभावित कर रहा है।