होर्मुज स्ट्रेट: ईरान-ओमान में नए समुद्री मार्गों पर सहमति, मस्कट में खाड़ी देशों को मिलेगी जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
ईरान और ओमान ने होर्मुज स्ट्रेट के लिए नए प्रवेश और निकास समुद्री मार्गों की रूपरेखा पर सहमति बना ली है — यह जानकारी 13 सितंबर 2026 को ईरानी अधिकारियों ने दी। दोनों देश सोमवार को मस्कट में होने वाली क्षेत्रीय बैठक में खाड़ी देशों के विदेश मंत्रियों को इस कूटनीतिक वार्ता के नतीजों से अवगत कराएंगे।
समझौते की मुख्य शर्तें
ईरान की वार्ता टीम से जुड़े एक सूत्र ने अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी को बताया कि यह समझौता लंबे समय तक चली तकनीकी और कूटनीतिक बातचीत का परिणाम है। अगस्त 2026 के अंत में दोनों पक्षों के बीच अंतिम सहमति बनी।
सूत्र के अनुसार, नए ढाँचे के तहत खाड़ी क्षेत्र में प्रवेश करने वाला समुद्री मार्ग पूरी तरह ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र के भीतर होगा। निकास मार्ग का एक हिस्सा भी ईरानी जलक्षेत्र से गुजरेगा और पूरा संचालन ईरान द्वारा निर्धारित व्यवस्थाओं के तहत होगा।
सूत्र ने स्पष्ट किया कि नया सिस्टम लागू होने के बाद दक्षिणी मार्ग बंद कर दिया जाएगा। कथित तौर पर अमेरिका दक्षिणी मार्ग को खुला रखने पर जोर दे रहा था।
होर्मुज को पूरी तरह खोलने के लिए ईरान की 7 शर्तें
सूत्र ने यह भी स्पष्ट किया कि इस समझौते का अर्थ होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलना नहीं है। ईरान ने जलमार्ग की पूर्ण बहाली के लिए 7 शर्तें अमेरिका के सामने रखी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, जब तक ये शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक जलमार्ग बंद रहेगा और इसे दोबारा खोलने का निर्णय पूरी तरह अमेरिका के व्यवहार पर निर्भर करेगा।
मस्कट बैठक और क्षेत्रीय कूटनीति
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने शुक्रवार को बताया कि खाड़ी तटवर्ती देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक सोमवार को ओमान में आयोजित होगी। शनिवार को मीडिया से बात करते हुए बाघेई ने आशा व्यक्त की कि इस बैठक में खाड़ी देशों के साथ-साथ ईरान और इराक के विदेश मंत्री भी भाग लेंगे।
उन्होंने कहा, 'कार्यसूची के तहत हम प्रतिनिधिमंडलों को होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के सुरक्षित आवागमन को लेकर ईरान और ओमान के बीच हुई बातचीत के नतीजों की जानकारी देंगे।' बाघेई ने यह भी जोड़ा कि दोनों देशों ने यह बातचीत इसलिए की क्योंकि वे होर्मुज स्ट्रेट के दोनों तटीय देश हैं।
संकट की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 28 फरवरी 2026 को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद तेहरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके जवाब में अमेरिकी बलों ने ईरानी बंदरगाहों की ओर आने या वहाँ से जाने वाले जहाजों को निशाना बनाते हुए नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी थी।
होर्मुज स्ट्रेट, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है, दुनिया में तेल और गैस ढुलाई के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। इस जलमार्ग पर नियंत्रण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के लिए अत्यंत संवेदनशील है।
आगे की राह
पिछले महीने के अंत में ईरान और ओमान ने एक संयुक्त बयान में बताया था कि उन्होंने एक चरणबद्ध योजना पर विचार-विमर्श किया है, जिसमें जलडमरूमध्य के भीतर अस्थायी संयुक्त नौवहन गलियारा (शिपिंग कॉरिडोर) बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है। मस्कट बैठक के नतीजे यह तय करेंगे कि इस समझौते को क्षेत्रीय स्वीकृति मिलती है या नहीं, और यह वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों के लिए भविष्य की दिशा तय कर सकते हैं।