23 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहेगा, पर ट्रांजिट शुल्क लगेगा — मास्को में ईरानी राजदूत काजेम जालाली

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहेगा, पर ट्रांजिट शुल्क लगेगा — मास्को में ईरानी राजदूत काजेम जालाली

सारांश

ईरान के राजदूत काजेम जालाली का यह बयान — होर्मुज खुला रहेगा, पर शर्तें बदलेंगी — वैश्विक ऊर्जा बाज़ार के लिए बड़ा संकेत है। दुनिया के 20% कच्चे तेल का रास्ता अब नई कूटनीतिक शर्तों के साये में है।

मुख्य बातें

रूस में ईरान के राजदूत काजेम जालाली ने 8 जून 2026 को कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद नहीं होगा।
जलमार्ग पर ट्रांजिट शुल्क लागू हो सकता है; नई शर्तें ईरान और ओमान मिलकर तय करेंगे।
जालाली ने कहा — ईरान होर्मुज को दबाव के हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं करना चाहता, पर 'नई परिस्थितियाँ' बदलाव की माँग करती हैं।
ईरान मध्य पूर्व वार्ताओं में रूस को मध्यस्थ के रूप में शामिल करने का इच्छुक है; अमेरिका इसके विरुद्ध है।
ईरान के नेतृत्व की स्थिरता पर उठ रहे सवालों को जालाली ने खारिज किया।

रूस में ईरान के राजदूत काजेम जालाली ने 8 जून 2026 को स्पष्ट किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद नहीं किया जाएगा, लेकिन इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर अब नई शर्तें लागू होंगी — जिनमें ट्रांजिट शुल्क शामिल हो सकता है। रूसी समाचारपत्र इजवेस्टिया को दिए एक साक्षात्कार में जालाली ने कहा कि इन शर्तों को ईरान और ओमान के अधिकारी मिलकर तय करेंगे।

जालाली ने क्या कहा

जालाली के अनुसार, 'यह जलडमरूमध्य निश्चित रूप से खुला रहेगा, लेकिन इसकी नई शर्तें ईरान और ओमान के अधिकारी तय करेंगे।' उन्होंने आगे कहा, 'हम समझते हैं कि ईरान और ओमान इस स्ट्रेट से जुड़ी कुछ सेवाएं प्रदान करते हैं, और उन सेवाओं के लिए शुल्क लिया जाएगा।' हालांकि उन्होंने शुल्क की दर या संरचना के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।

क्षेत्रीय परिस्थितियों में बदलाव का तर्क

राजदूत ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान इस जलमार्ग को किसी दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल करने का इरादा नहीं रखता। उनके मुताबिक, पिछले कई दशकों तक यह मार्ग सभी जहाजों के लिए निर्बाध रूप से खुला रहा, किंतु हाल के तनाव के बाद क्षेत्रीय स्थिति बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि 'नई परिस्थितियों' को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था अपरिहार्य हो गई है। गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से विश्व के लगभग 20% कच्चे तेल की आपूर्ति गुजरती है, जिससे इस जलमार्ग की भू-राजनीतिक और आर्थिक अहमियत अत्यंत उच्च है।

रूस की मध्यस्थता और अमेरिका का रुख

जालाली ने खुलासा किया कि ईरान, रूस को मध्य पूर्व संघर्ष के समाधान से जुड़ी वार्ताओं में शामिल करने का इच्छुक है। उन्होंने कहा, 'ईरान रूस को मध्य पूर्व संघर्ष के समाधान से जुड़े वार्ताओं में शामिल करना चाहता है, जबकि अमेरिका इस प्रक्रिया में अन्य पश्चिमी देशों को शामिल करने के पक्ष में नहीं है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर है और वैश्विक कूटनीतिक प्रयास अलग-अलग दिशाओं में बिखरे हुए हैं।

ईरान के नेतृत्व पर सवालों को खारिज किया

साक्षात्कार में जालाली ने ईरान के नेतृत्व की स्थिरता को लेकर चल रही अटकलों को भी सिरे से नकार दिया। उन्होंने दावा किया कि देश की निर्णय प्रक्रिया सामान्य रूप से जारी है और शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह सक्रिय है।

आगे क्या होगा

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रांजिट शुल्क की दरें कब और किस तंत्र के तहत लागू होंगी। ओमान की सरकार की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वैश्विक तेल बाज़ार और शिपिंग उद्योग इस घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं, क्योंकि किसी भी नई शर्त का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर 'ट्रांजिट शुल्क' का संकेत देकर यह जताना कि ईरान इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपनी शर्तें थोपने की स्थिति में है। यह ऐसे समय में आया है जब ईरान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव चरम पर है और देश की आर्थिक स्थिति नाजुक है — ऐसे में शुल्क की बात एक सौदेबाजी के पत्ते की तरह लगती है। रूस को मध्यस्थ के रूप में आमंत्रित करने की इच्छा यह भी दर्शाती है कि तेहरान पश्चिम-नेतृत्व वाली किसी भी वार्ता प्रक्रिया को वैधता देने से बचना चाहता है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि ओमान की सहमति के बिना यह 'नई व्यवस्था' कानूनी और व्यावहारिक दोनों रूप से अधूरी है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ट्रांजिट शुल्क क्या है और यह कब लागू होगा?
ईरान के राजदूत काजेम जालाली के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर सेवा शुल्क लगाने की योजना है, जिसे ईरान और ओमान मिलकर तय करेंगे। अभी तक शुल्क की दर, लागू होने की तिथि या संरचना के बारे में कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
क्या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हो सकता है?
जालाली ने स्पष्ट किया कि होर्मुज को बंद नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान इस जलमार्ग को दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल नहीं करना चाहता, हालांकि नई शर्तें लागू होंगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से विश्व के लगभग 20% कच्चे तेल की आपूर्ति गुजरती है, जो इसे दुनिया के सबसे रणनीतिक जलमार्गों में से एक बनाती है। इस पर किसी भी बदलाव का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ता है।
ईरान मध्य पूर्व वार्ताओं में रूस को क्यों शामिल करना चाहता है?
जालाली के अनुसार, ईरान रूस को मध्य पूर्व संघर्ष समाधान की वार्ताओं में मध्यस्थ के रूप में देखता है। अमेरिका इस प्रक्रिया में अन्य पश्चिमी देशों को शामिल करने के पक्ष में नहीं है, जिससे दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक खाई और गहरी हो रही है।
ईरान के नेतृत्व की स्थिरता पर क्या सवाल उठ रहे थे?
जालाली ने साक्षात्कार में ईरान के नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों को खारिज किया और दावा किया कि देश की निर्णय प्रक्रिया सामान्य रूप से जारी है। उन्होंने इस विषय पर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 4 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले