होर्मुज स्ट्रेट पर बुधवार तक समझौता संभव: अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार, 4 अगस्त को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बुधवार तक कोई समझौता हो सकता है। सीएनबीसी को दिए एक इंटरव्यू में बेसेंट ने कहा कि बातचीत जारी है और स्थिति को 'अधिक सामान्य दिशा' में ले जाने की उम्मीद है।
बेसेंट का बयान: क्या कहा ट्रेजरी सेक्रेटरी ने
बेसेंट ने कहा, 'हम ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं। मुझे लगता है कि आज या कल कोई समझौता होने की संभावना है, जिससे स्ट्रेट को खोला जा सके और इस संघर्ष की स्थिति को अधिक सामान्य दिशा में ले जाया जा सके।' जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने की अनुमति दी जाएगी, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि 'वहाँ लोगों और जहाजों की आवाजाही पूरी तरह स्वतंत्र होगी।'
ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखला पर असर
बेसेंट ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में फंसे सैकड़ों जहाजों के बाहर निकलने के बाद कीमतों में और गिरावट आ सकती है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि होर्मुज स्ट्रेट के बंद रहने का असर केवल ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित नहीं है — इससे उर्वरक, रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों और औद्योगिक गैसों की वैश्विक आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है।
रुबियो की प्राथमिकता: परमाणु निरस्त्रीकरण से पहले स्ट्रेट
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि ईरान का परमाणु निरस्त्रीकरण अमेरिका का 'अंतिम लक्ष्य' है, लेकिन अभी सबसे तत्काल प्राथमिकता होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलना है। रुबियो ने कहा, 'ईरान का परमाणु निरस्त्रीकरण हमारा अंतिम समझौता होगा। अभी जिस मुद्दे पर सबसे ज़्यादा ध्यान दिया जा रहा है, वह होर्मुज स्ट्रेट है।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि यह 'बहुत जल्द' हो जाएगा।
कतर की मध्यस्थता: वार्ता की भाषा साझा
कतर ने मंगलवार को पुष्टि की कि अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता के प्रयास जारी हैं। कतर के प्रधानमंत्री के सलाहकार और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि संभावित समझौते के मसौदे से जुड़ी भाषा दोनों पक्षों के बीच साझा की जा रही है। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल दोनों देशों के बीच कोई सीधी बातचीत तय नहीं है।
ईरान की प्रतिक्रिया और आगे की राह
अब तक ईरान की ओर से इन बयानों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का लगभग 20% तेल व्यापार गुजरता है, जिससे यह वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए सबसे संवेदनशील जलमार्गों में से एक है। क्षेत्रीय मध्यस्थ तनाव को बढ़ने से रोकने की कोशिश में लगे हैं और आने वाले घंटे इस कूटनीतिक प्रक्रिया की दिशा तय करेंगे।