अमेरिका ने संघर्ष के बावजूद ईरानी तेल टैंकरों को होर्मुज से गुजरने की दी अनुमति

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अमेरिका ने संघर्ष के बावजूद ईरानी तेल टैंकरों को होर्मुज से गुजरने की दी अनुमति

सारांश

वॉशिंगटन के वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने ईरानी तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देने की बात कही है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में स्थिरता आएगी। जानिए इस महत्वपूर्ण विषय पर और क्या कहा गया है।

मुख्य बातें

अमेरिका ने ईरानी तेल टैंकरों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी है।
ईरानी शिप पहले ही निकल चुके हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में सुधार होगा।
तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई हैं।
सरकार ने रूसी तेल पर अस्थायी छूट दी है।
सऊदी अरब और यूएई ने कुछ एक्सपोर्ट को हटा दिया है।

वॉशिंगटन, १७ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने बताया कि अमेरिका, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने के प्रयासों के तहत, संघर्ष के बावजूद ईरानी तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे रहा है।

बेसेंट ने सीबीएस न्यूज को बताया, “हम देख रहे हैं कि अधिक फ्यूल शिप आने-जाने लगे हैं। ईरानी शिप पहले ही निकल चुके हैं और हमने बाकी दुनिया को सप्लाई करने के लिए ऐसा होने दिया है।”

उन्होंने आगे कहा कि भारतीय और चीनी शिप भी इस क्षेत्र से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमने अब भारतीय शिप को बाहर जाते देखा है। इसलिए जो भारतीय गल्फ ऑयल पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं, हमें लगता है कि कुछ चीनी शिप भी बाहर गए हैं।”

ईरान और इजरायल-अमेरिका के हमलों के कारण पश्चिम एशिया में गंभीर तनाव का माहौल बना हुआ है। मौजूदा स्थिति की वजह से तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री चेक पॉइंट (होर्मुज स्ट्रेट) में रुकावट के डर के बीच अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत १०० डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई है।

बेसेंट ने कहा कि वॉशिंगटन को उम्मीद है कि सैन्य एस्कॉर्ट की आवश्यकता के बिना शिपिंग गतिविधि धीरे-धीरे बढ़ेगी। उन्होंने कहा, “हमें लगता है कि ईरान की ओर से स्वाभाविक रूप से रास्ता खुलने की संभावना है और फिलहाल हम इस स्थिति से संतुष्ट हैं। हमारा उद्देश्य है कि दुनिया को पर्याप्त आपूर्ति मिलती रहे।”

सरकार ने समुद्र में पहले से मौजूद रूसी तेल शिपमेंट पर अस्थायी छूट देकर सप्लाई के दबाव को कम करने के लिए भी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, "हमने पानी पर पहले से मौजूद रूसी तेल के लिए ३० दिन की छूट दी थी। यह लगभग १३० मिलियन बैरल था।"

रुकावटों को कम करने के लिए, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने कुछ एक्सपोर्ट को खाड़ी से हटा दिया है। रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व का भी वैश्विक स्तर पर उपयोग किया गया है। बेसेंट ने कहा, "वैश्विक एसपीआर रिलीज अब तक का सबसे बड़ा है। यह ४०० मिलियन बैरल था।"

वित्त सचिव ने बड़े सैन्य अभियान को ईरान के क्षेत्र में पहुंच को कमजोर करने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनका मकसद सरकार की क्षमता और सैन्य शक्ति को कमजोर करना और खत्म करना है।" बेसेंट ने कहा कि वॉशिंगटन "ईरान की अपनी सीमाओं के बाहर ताकत दिखाने की क्षमता को खत्म करना चाहता है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि अमेरिका ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने के प्रयासों के तहत ईरानी तेल टैंकरों को अनुमति दी है। यह कदम न केवल वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित कर सकता है, बल्कि यह अमेरिका की ऊर्जा नीति को भी दर्शाता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरानी तेल टैंकरों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि अमेरिका वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने के प्रयास में ईरानी तेल टैंकरों को अनुमति दे रहा है, भले ही क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।
यह निर्णय तेल की कीमतों को कैसे प्रभावित कर सकता है?
यह निर्णय तेल की कीमतों को स्थिर रखने में मदद कर सकता है, क्योंकि ईरानी तेल की सप्लाई बढ़ने से बाजार में संतुलन बन सकता है।
क्या भारत और चीन के शिप भी इस प्रक्रिया में शामिल हैं?
हाँ, भारतीय और चीनी शिप भी होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे हैं, जो वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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