होर्मुज जलडमरूमध्य बंद: ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर पार, भारत पर गहरा असर
सारांश
Key Takeaways
- ईरान ने दो जहाज जब्त किए, जिनमें एक गुजरात के कांडला बंदरगाह जा रहा था — इससे होर्मुज जलडमरूमध्य पर आवाजाही ठप हुई।
- ब्रेंट क्रूड की कीमत 103 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंची, वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल मची।
- भारत अपना करीब 50 प्रतिशत कच्चा तेल फारस की खाड़ी से आयात करता है, जो इस संकट से सीधे प्रभावित हुआ।
- भारतीय नौसेना ने टैंकर 'देश गरिमा' को 97,000 मीट्रिक टन तेल सहित सुरक्षित मुंबई पहुंचाया।
- सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क 10 रुपए प्रति लीटर घटाकर आम जनता को राहत दी।
- राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाया, ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी जारी।
नई दिल्ली, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है, जब ईरान ने दो अंतरराष्ट्रीय जहाजों को जब्त कर लिया — इनमें से एक पोत गुजरात के कांडला बंदरगाह की ओर जा रहा था। यह संकट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा बन गया है, क्योंकि दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा निर्यात इसी जलमार्ग से होते हैं।
वैश्विक तेल बाजार पर तत्काल असर
इस संकट का असर गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में साफ दिखा। ब्रेंट क्रूड की कीमत 103 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा पहुंची। तेल और प्राकृतिक गैस की वैश्विक आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता का माहौल बन गया है, जिससे निवेशकों और आयातक देशों में बेचैनी बढ़ गई है।
भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का बड़ा हिस्सा और करीब 50 प्रतिशत कच्चा तेल फारस की खाड़ी से मंगाता है। होर्मुज मार्ग बाधित होने से इन आयातों पर सीधा असर पड़ा है।
ईरान का रुख और कूटनीतिक गतिरोध
अमेरिका के साथ चल रही वार्ता में ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने स्पष्ट कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना फिलहाल 'संभव नहीं' है। उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी और इजरायल की आक्रामक गतिविधियां युद्धविराम का उल्लंघन हैं।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि उनका देश बातचीत को तैयार है, लेकिन नाकेबंदी, समझौतों का उल्लंघन और धमकियां वास्तविक संवाद में बाधा डाल रही हैं।
भारतीय नौसेना की सफल कार्रवाई
इस तनावपूर्ण माहौल के बीच एक राहत भरी खबर यह रही कि भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर 'देश गरिमा' बुधवार को सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंच गया। यह पोत 97,000 मीट्रिक टन से अधिक कच्चा तेल और 31 भारतीय नाविकों को लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य पार करके आया। भारतीय नौसेना ने इस पूरे सफर में जहाज को सुरक्षा कवच प्रदान किया।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि जहाज 'इंडियन सनमार हेराल्ड' के कप्तान द्वारा कोई टोल चुकाए जाने की खबरें पूरी तरह निराधार और गलत हैं।
भारत सरकार की राहत नीति और घरेलू बाजार
मध्य पूर्व संकट से उपजे दबाव के बावजूद भारत सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की है। देशभर में पेट्रोल पंप सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं और खुदरा कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।
सरकार आयात स्रोतों में विविधता लाने पर भी जोर दे रही है और एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। कुछ उपभोक्ता अब प्राकृतिक गैस, कोयला और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
अमेरिका का रुख और युद्धविराम विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाने की घोषणा की, जो बुधवार को समाप्त होने वाला था। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने बताया कि इस युद्धविराम की कोई नई समय-सीमा तय नहीं की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के खिलाफ जारी नौसैनिक नाकेबंदी से पूरी तरह संतुष्ट हैं और आगे के फैसले अमेरिकी राष्ट्रीय हितों के आधार पर किए जाएंगे।
आने वाले दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति, ईरान-अमेरिका वार्ता की दिशा और वैश्विक तेल बाजार की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी। यदि यह गतिरोध लंबा खिंचा तो भारत समेत कई आयातक देशों को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ सकता है।