होर्मुज जलडमरूमध्य बंद: ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर पार, भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर मंडराया खतरा
सारांश
Key Takeaways
- ईरान ने दो जहाज जब्त किए, जिनमें एक गुजरात के कांडला बंदरगाह जा रहा था, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हो गया।
- दुनिया के 20 प्रतिशत ऊर्जा निर्यात का मार्ग अवरुद्ध होने से ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा।
- भारत सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क 10 रुपए प्रति लीटर घटाकर आम नागरिकों को राहत दी।
- भारतीय नौसेना की सुरक्षा में टैंकर 'देश गरिमा' 97,000 मीट्रिक टन तेल और 31 भारतीय नाविकों के साथ मुंबई पहुंचा।
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाया, लेकिन ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी जारी रही।
- ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिकी नाकेबंदी और इजरायली हमले बंद हुए बिना होर्मुज खोलना 'संभव नहीं'।
नई दिल्ली, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पूरी तरह ठप्प हो गई है, जब ईरान ने दो अंतरराष्ट्रीय जहाजों को जब्त कर लिया — इनमें से एक जहाज गुजरात के कांडला बंदरगाह की ओर जा रहा था। इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच गया है, क्योंकि दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा निर्यात इसी जलमार्ग से होते हैं। तेल और गैस आपूर्ति को लेकर गहरी अनिश्चितता के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत 103 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा पहुंची।
वैश्विक तेल बाजार पर असर
गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में तीखी प्रतिक्रिया देखी गई। ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया, जो मध्य पूर्व तनाव के सीधे असर को दर्शाता है। होर्मुज जलडमरूमध्य को दुनिया का सबसे संवेदनशील ऊर्जा गलियारा माना जाता है।
भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का बड़ा हिस्सा और लगभग 50 प्रतिशत कच्चा तेल फारस की खाड़ी से आयात करता है। इस जलमार्ग के बंद होने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर सीधा दबाव पड़ा है।
ईरान का रुख और वार्ता की स्थिति
अमेरिका के साथ चल रही वार्ता में ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने स्पष्ट किया कि अमेरिका और इजरायल द्वारा युद्धविराम उल्लंघन के चलते होर्मुज को फिर से खोलना फिलहाल 'संभव नहीं' है।
उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि इन उल्लंघनों में ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी और इजरायल की आक्रामक सैन्य गतिविधियां शामिल हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, परंतु नाकेबंदी, धमकियां और समझौतों का उल्लंघन वास्तविक संवाद की राह में रोड़ा हैं।
भारतीय जहाज 'देश गरिमा' सुरक्षित मुंबई पहुंचा
बुधवार को भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर 'देश गरिमा' सकुशल मुंबई बंदरगाह पहुंच गया। यह जहाज 97,000 मीट्रिक टन से अधिक कच्चा तेल और 31 भारतीय नाविकों को लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरा, जिसे भारतीय नौसेना ने सुरक्षा कवच प्रदान किया।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि 'इंडियन सनमार हेराल्ड' जहाज के कप्तान द्वारा कोई टोल भुगतान किए जाने की खबरें पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया और राहत उपाय
मध्य पूर्व संकट के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की है, ताकि आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। देशभर के पेट्रोल पंप सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं और खुदरा कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।
सरकार ऊर्जा आयात के स्रोतों में विविधता लाने की दिशा में भी सक्रिय है। घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाया जा रहा है और उपभोक्ता प्राकृतिक गैस, कोयला तथा इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधन की ओर रुख कर रहे हैं।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम और आगे की राह
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को समाप्त होने वाले अमेरिका-ईरान युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाने की घोषणा की। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने बताया कि इस युद्धविराम की कोई नई समय-सीमा तय नहीं की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के विरुद्ध जारी नौसैनिक नाकेबंदी से पूरी तरह संतुष्ट हैं और युद्ध समाप्ति का निर्णय पूरी तरह अमेरिकी राष्ट्रीय हितों के अनुरूप लिया जाएगा। होर्मुज संकट के जल्द सुलझने के संकेत फिलहाल नहीं हैं और आने वाले हफ्तों में वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।