27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सीआरपीएफ स्थापना दिवस: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, अमित शाह, राजनाथ सिंह ने जवानों को दी बधाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सीआरपीएफ स्थापना दिवस: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, अमित शाह, राजनाथ सिंह ने जवानों को दी बधाई

सारांश

सीआरपीएफ के 88वें स्थापना दिवस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष — दोनों ने एक स्वर में जवानों का सम्मान किया। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन से लेकर कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे तक, सभी ने आंतरिक सुरक्षा के इस स्तंभ को नमन किया और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्य बातें

सीआरपीएफ ने 27 जुलाई को अपना 88वाँ स्थापना दिवस मनाया।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन , गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर जवानों को बधाई दी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला , कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान , नितिन गडकरी और मनोहर लाल ने भी बल की सराहना की।
विपक्षी दल कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सीआरपीएफ को बधाई देते हुए शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभी नेताओं ने आतंकवाद, नक्सलवाद और आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर सीआरपीएफ के बलिदान और समर्पण को रेखांकित किया।

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 88वें स्थापना दिवस पर 27 जुलाई को देश के शीर्ष नेताओं ने बल के जवानों और उनके परिवारों को बधाई दी तथा शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने देश की आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद और नक्सलवाद के विरुद्ध सीआरपीएफ के अदम्य साहस और बलिदान की सराहना की।

उपराष्ट्रपति और गृह मंत्री की श्रद्धांजलि

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एक्स पर लिखा, 'असाधारण साहस, अटूट समर्पण और पेशेवर कामकाज के उच्चतम मानकों के साथ, सीआरपीएफ ने देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा में अमूल्य योगदान दिया है। देश अपने बहादुर कर्मियों को उनके साहस, बलिदान और कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा के लिए सलाम करता है।'

गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'अपनी स्थापना के बाद से ही, सीआरपीएफ ने भारत की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर लड़ाई जीतकर गर्व के अनगिनत कीर्तिमान स्थापित किए हैं। चाहे नक्सलवाद को खत्म करना हो या दृढ़ साहस के साथ भारत की शांति और प्रगति की रक्षा करना, इस बल ने हमेशा देश की उम्मीदों को पूरा किया है।' उन्होंने कर्तव्य पालन में सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को गर्व के साथ सलाम किया।

रक्षा मंत्री और लोकसभा अध्यक्ष के संदेश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, 'अटूट साहस, बेहतरीन प्रोफेशनलिज़्म और निस्वार्थ सेवा की मिसाल, सीआरपीएफ भारत की आंतरिक सुरक्षा के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक है। देश की सुरक्षा और एकता को मज़बूत करने के लिए उनका बेमिसाल समर्पण, अनगिनत बलिदान और अटूट संकल्प हर भारतीय को प्रेरित करता है।'

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर कहा कि सीमित संसाधनों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी जिस निष्ठा, अनुशासन और अद्वितीय पराक्रम के साथ सीआरपीएफ के जवान अपने दायित्व निभाते हैं, वह पूरे राष्ट्र के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने फोर्स के उन अमर वीरों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।

अन्य केंद्रीय मंत्रियों की बधाई

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर कहा कि हर विषम परिस्थिति में सीआरपीएफ जवानों की अटूट कर्तव्यनिष्ठा, कर्मठता और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण पर पूरे देश को गर्व है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बल को 'अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान का प्रतीक' बताते हुए वीर जवानों को सादर प्रणाम किया। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भी जवानों के अदम्य साहस, त्याग और अटूट समर्पण को देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।

विपक्ष की ओर से भी सम्मान

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी एक्स पर सीआरपीएफ के 88वें स्थापना दिवस पर बल के सभी कर्मियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, 'साहस, मज़बूती और अटूट समर्पण की मिसाल, सीआरपीएफ ने बेहद मुश्किल हालात में भी देश की सुरक्षा में एक अहम भूमिका निभाई है।' खड़गे ने कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।

सीआरपीएफ की भूमिका और महत्व

गौरतलब है कि सीआरपीएफ भारत का सबसे बड़ा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है, जो आंतरिक सुरक्षा, नक्सल-विरोधी अभियानों और चुनाव ड्यूटी जैसी जिम्मेदारियाँ निभाता है। यह ऐसे समय में आया है जब वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में बल के जवान लगातार सक्रिय अभियानों में लगे हुए हैं। सत्तारूढ़ दल और विपक्ष — दोनों की ओर से एक साथ सम्मान मिलना इस बल की राष्ट्रीय स्वीकार्यता को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इन औपचारिक बधाइयों के परे एक ज़रूरी सवाल भी है: क्या ये नेता बल के जवानों के कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य और सेवा शर्तों पर उतनी ही मुखरता दिखाते हैं जितनी स्थापना दिवस पर? सोशल मीडिया पोस्ट सम्मान का प्रतीक हैं, लेकिन असली जवाबदेही नीति और बजट आवंटन में दिखती है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीआरपीएफ का 88वाँ स्थापना दिवस कब मनाया गया?
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का 88वाँ स्थापना दिवस 27 जुलाई को मनाया गया। इस अवसर पर देश के शीर्ष नेताओं ने जवानों को बधाई दी और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सीआरपीएफ स्थापना दिवस पर किन नेताओं ने बधाई दी?
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, नितिन गडकरी, मनोहर लाल और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बधाई संदेश दिए। सभी ने एक्स पर अपनी-अपनी पोस्ट के जरिए जवानों का सम्मान किया।
सीआरपीएफ की भारत की आंतरिक सुरक्षा में क्या भूमिका है?
सीआरपीएफ भारत का सबसे बड़ा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है, जो आंतरिक सुरक्षा, नक्सल-विरोधी अभियान, आतंकवाद-रोधी ऑपरेशन और चुनाव ड्यूटी जैसी जिम्मेदारियाँ निभाता है। कठिन और विषम परिस्थितियों में भी बल के जवान देश की एकता और अखंडता की रक्षा करते आए हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने सीआरपीएफ के बारे में क्या कहा?
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर कहा कि सीआरपीएफ ने अपनी स्थापना के बाद से भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए हर लड़ाई जीतकर गर्व के अनगिनत कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने नक्सलवाद से लड़ाई और देश की शांति व प्रगति की रक्षा में बल की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सीआरपीएफ पर क्या कहा?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 88वें स्थापना दिवस पर सीआरपीएफ के सभी कर्मियों को शुभकामनाएं दीं और बल को 'साहस, मज़बूती और अटूट समर्पण की मिसाल' बताया। उन्होंने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवारों के प्रति गहरा आभार भी व्यक्त किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 13 मिनट पहले
  2. 22 घंटे पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 12 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले