क्या सीआरपीएफ जवान की अदम्य वीरता और प्रतिबद्धता हमें प्रेरित करती है?

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क्या सीआरपीएफ जवान की अदम्य वीरता और प्रतिबद्धता हमें प्रेरित करती है?

सारांश

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 87वें स्थापना दिवस पर, मल्लिकार्जुन खड़गे ने जवानों की वीरता की प्रशंसा की। यह लेख सीआरपीएफ की शौर्यगाथा और बहादुरी का जश्न मनाता है। जानिए इस अवसर पर क्या कहा गया और कैसे सीआरपीएफ ने राष्ट्र की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्य बातें

सीआरपीएफ की स्थापना 1939 में हुई थी।
यह बल मातृभूमि की रक्षा में हमेशा तत्पर रहता है।
सीआरपीएफ जवानों की वीरता प्रेरणादायक है।
कांग्रेस पार्टी ने जवानों की प्रशंसा की है।
सीआरपीएफ बल की अनुशासन और समर्पण की मिसाल है।

नई दिल्ली, 27 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) मातृभूमि की सेवा एवं कर्तव्य परायणता के अपने दृढ़ संकल्प पर अडिग है। इसी बीच, 27 जुलाई को सीआरपीएफ ने वीरता, अदम्य साहस, सर्वोच्च बलिदान एवं अटूट कर्त्तव्यनिष्ठा से परिपूर्ण अपनी 86 वर्षों की शौर्यगाथा का भव्य उत्सव मनाया है। इस मौके पर सीआरपीएफ जवानों को कांग्रेस पार्टी ने भी बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 87वें स्थापना दिवस पर हम इसके साहसी कर्मियों को हार्दिक बधाई देते हैं और आभार व्यक्त करते हैं। एक वीर, गौरवशाली, जीवंत और दृढ़ बल के रूप में सीआरपीएफ ने राष्ट्र की सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।"

मल्लिकार्जुन खड़गे ने आगे लिखा, "हम उन वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा हेतु अपने प्राणों की आहुति दी। उनके परिवारों के प्रति हम अपनी गहरी संवेदना और आभार व्यक्त करते हैं। हर एक सीआरपीएफ जवान की अदम्य वीरता और प्रतिबद्धता हमें प्रेरित करती रहती है। राष्ट्र के प्रति आपकी अमूल्य सेवा को हम नमन करते हैं।"

कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "सीआरपीएफ स्थापना दिवस पर हम अपने बहादुर जवानों के अटूट साहस और समर्पण को सलाम करते हैं। सीआरपीएफ अनुशासन, त्याग और राष्ट्र सेवा का प्रतीक है। हम भारत की एकता, शांति और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उनकी प्रतिबद्धता का सम्मान करते हैं।"

महाराष्ट्र कांग्रेस के विधायक असलम शेख ने लिखा, "वर्दी पहनना अरबों सपनों की जिम्मेदारी उठाना है। सीआरपीएफ के 87वें स्थापना दिवस पर हम अपने वीर जवानों के अद्वितीय साहस और समर्पण को सलाम करते हैं। सभी बल के जवानों और उनके परिवारों को इस गौरवपूर्ण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई।"

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह कह सकता हूँ कि सीआरपीएफ का योगदान केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र की एकता और अखंडता का प्रतीक है। जवानों की वीरता और उनकी कर्तव्यनिष्ठा हमें प्रेरित करती है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीआरपीएफ का स्थापना दिवस कब मनाया जाता है?
सीआरपीएफ का स्थापना दिवस हर साल 27 जुलाई को मनाया जाता है।
सीआरपीएफ की मुख्य भूमिका क्या है?
सीआरपीएफ की मुख्य भूमिका देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
कांग्रेस पार्टी ने सीआरपीएफ के बारे में क्या कहा?
कांग्रेस पार्टी ने सीआरपीएफ जवानों की वीरता और समर्पण की प्रशंसा की।
सीआरपीएफ जवानों का योगदान किस प्रकार महत्वपूर्ण है?
सीआरपीएफ जवानों का योगदान राष्ट्र की सुरक्षा और शांति बनाए रखने में महत्वपूर्ण है।
क्या सीआरपीएफ केवल पुलिस बल है?
नहीं, सीआरपीएफ एक अर्धसैनिक बल है जो पुलिस कार्यों के साथ-साथ सुरक्षा कार्यों में भी संलग्न है।
राष्ट्र प्रेस
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