27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सीआरपीएफ के 88वें स्थापना दिवस पर PM मोदी ने जवानों को दी बधाई, माओवाद विरोधी प्रयासों की सराहना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सीआरपीएफ के 88वें स्थापना दिवस पर PM मोदी ने जवानों को दी बधाई, माओवाद विरोधी प्रयासों की सराहना

सारांश

सीआरपीएफ ने 88 साल में 2 बटालियन से 248 बटालियन और 3.25 लाख जवानों तक का सफर तय किया है। PM मोदी ने स्थापना दिवस पर माओवाद-विरोधी अभियानों में बल के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया — यह संदेश उस समय आया है जब आंतरिक सुरक्षा नीति केंद्र सरकार की प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 27 जुलाई 2026 को सीआरपीएफ के 88वें स्थापना दिवस पर जवानों को शुभकामनाएं दीं।
मोदी ने एक्स पर माओवाद के खिलाफ सीआरपीएफ के प्रयासों को 'विशेष रूप से सराहनीय' बताया।
सीआरपीएफ 2 बटालियन से बढ़कर 248 बटालियन और 3.25 लाख जवानों के साथ विश्व का सबसे बड़ा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल बन चुका है।
बल की स्थापना 1939 में 'क्राउन रिप्रेजेंटेटिव्स पुलिस' के रूप में हुई; 28 दिसंबर 1949 को सीआरपीएफ एक्ट के तहत वर्तमान नाम मिला।
PM मोदी ने इसी दिन एक संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया, जो उत्तम चरित्र और नेतृत्व पर केंद्रित था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 जुलाई 2026 को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 88वें स्थापना दिवस पर बल के समस्त जवानों और अधिकारियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ ने अपने अदम्य साहस और अटूट कर्तव्यनिष्ठा से देश की सुरक्षा में एक विशिष्ट स्थान अर्जित किया है।

प्रधानमंत्री का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'सीआरपीएफ के स्थापना दिवस पर सभी कर्मियों को हार्दिक शुभकामनाएं। सीआरपीएफ ने अपने अटूट साहस और विशिष्ट पहचान बनाई है। आंतरिक सुरक्षा की रक्षा से लेकर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नागरिकों की सेवा तक, सीआरपीएफ जवानों ने हमेशा राष्ट्र को सर्वोपरि रखा है। माओवाद के खतरे को समाप्त करने में उनके प्रयास विशेष रूप से सराहनीय हैं। इससे कई लोगों के जीवन में शांति और प्रगति आई है।'

सीआरपीएफ का गौरवशाली इतिहास

सीआरपीएफ स्थापना दिवस प्रत्येक वर्ष 27 जुलाई को मनाया जाता है। इस बल की नींव 1939 में ब्रिटिश शासनकाल में 'क्राउन रिप्रेजेंटेटिव्स पुलिस' के रूप में रखी गई थी। स्वतंत्रता के बाद 28 दिसंबर 1949 को सीआरपीएफ एक्ट के माध्यम से इसे आधिकारिक रूप से 'केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल' का नाम दिया गया। बल का आदर्श वाक्य 'सेवा और निष्ठा' इसकी प्रतिबद्धता को परिलक्षित करता है।

विश्व का सबसे बड़ा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल

महज 2 बटालियन से शुरू हुआ सीआरपीएफ आज 248 बटालियन और 3.25 लाख से अधिक जवानों के साथ विश्व का सबसे बड़ा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल बन चुका है। आंतरिक सुरक्षा, चुनाव ड्यूटी, आपदा राहत और माओवाद-विरोधी अभियानों में इस बल की भूमिका अतुलनीय रही है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब देश के कई हिस्सों में वामपंथी उग्रवाद से निपटने में सीआरपीएफ की केंद्रीय भूमिका रही है।

संस्कृत सुभाषितम् का संदेश

इसी दिन प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर एक संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया — 'शीलवान् पूजितो लोके शीलवान् साधुसम्मतः। शीलवान् सर्वकर्मार्हः शीलवान् प्रियदर्शनः।' इस श्लोक का भाव है कि उत्तम चरित्र से युक्त व्यक्ति समाज में प्रतिष्ठा और सज्जनों का आदर प्राप्त करता है, और वह हर जिम्मेदारी के योग्य माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सीआरपीएफ स्थापना दिवस के संदर्भ में यह संदेश बल के जवानों के चरित्र और समर्पण को श्रद्धांजलि के रूप में देखा जा सकता है।

आगे की राह

सीआरपीएफ के 88 वर्षों के सफर में बल ने कश्मीर से लेकर छत्तीसगढ़ तक अनगिनत चुनौतियों का सामना किया है। माओवाद-प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना के साथ-साथ बल की भूमिका आने वाले वर्षों में और व्यापक होने की संभावना है, जैसा कि केंद्र सरकार की आंतरिक सुरक्षा नीतियों से संकेत मिलता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वेतन सुधार और शहीद परिवारों के पुनर्वास जैसे मुद्दे अभी भी नीतिगत बहस में हाशिये पर हैं। स्थापना दिवस पर बधाई संदेश तब अधिक अर्थपूर्ण होते हैं जब वे ठोस नीतिगत घोषणाओं के साथ आते हों।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीआरपीएफ का 88वां स्थापना दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
सीआरपीएफ स्थापना दिवस प्रत्येक वर्ष 27 जुलाई को मनाया जाता है। इस वर्ष 2026 में बल ने अपना 88वां स्थापना दिवस मनाया, जो 1939 में 'क्राउन रिप्रेजेंटेटिव्स पुलिस' के रूप में इसकी स्थापना की स्मृति में आयोजित होता है।
PM मोदी ने सीआरपीएफ स्थापना दिवस पर क्या कहा?
PM मोदी ने एक्स पर लिखा कि सीआरपीएफ ने अटूट साहस और कर्तव्यनिष्ठा से विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने माओवाद के खतरे को समाप्त करने में बल के प्रयासों को विशेष रूप से सराहनीय बताया और कहा कि इससे कई लोगों के जीवन में शांति और प्रगति आई है।
सीआरपीएफ कितना बड़ा बल है और इसका इतिहास क्या है?
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल आज 248 बटालियन और 3.25 लाख जवानों के साथ विश्व का सबसे बड़ा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है। इसकी शुरुआत 1939 में महज 2 बटालियन से हुई थी और 28 दिसंबर 1949 को सीआरपीएफ एक्ट के तहत इसे वर्तमान नाम मिला।
सीआरपीएफ का आदर्श वाक्य क्या है और यह किन क्षेत्रों में कार्य करता है?
सीआरपीएफ का आदर्श वाक्य 'सेवा और निष्ठा' है। यह बल आंतरिक सुरक्षा, चुनाव ड्यूटी, आपदा राहत और माओवाद-विरोधी अभियानों में सक्रिय रहता है, और कश्मीर से लेकर छत्तीसगढ़ तक देश के संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात रहता है।
PM मोदी ने उसी दिन कौन-सा संस्कृत श्लोक साझा किया?
PM मोदी ने 27 जुलाई को एक्स पर 'शीलवान् पूजितो लोके' श्लोक साझा किया, जिसका अर्थ है कि उत्तम चरित्र वाला व्यक्ति समाज में प्रतिष्ठा पाता है और हर जिम्मेदारी के योग्य माना जाता है। इसे सीआरपीएफ जवानों के समर्पण और चरित्र को श्रद्धांजलि के रूप में देखा गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 घंटे पहले
  2. 7 घंटे पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले