13 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या सीआरपीएफ का 87वां स्थापना दिवस देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या सीआरपीएफ का 87वां स्थापना दिवस देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण है?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीआरपीएफ के 87वें स्थापना दिवस पर बल की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। जानिए कैसे ये बल राष्ट्र की सुरक्षा में योगदान देता है और इसके इतिहास के बारे में अधिक जानकारी।

मुख्य बातें

सीआरपीएफ का स्थापना दिवस हर साल 27 जुलाई को मनाया जाता है।
यह बल आंतरिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सीआरपीएफ की स्थापना 1939 में हुई थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने सीआरपीएफ के योगदान की सराहना की।
अमित शाह ने भी जवानों को शुभकामनाएं दीं।

नई दिल्ली, 27 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 87वें स्थापना दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं और राष्ट्र की सुरक्षा में बल के अद्वितीय योगदान की सराहना की।

सीआरपीएफ की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करते हुए, पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, "सीआरपीएफ के सभी कर्मियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं। सीआरपीएफ ने हमारी सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, खासकर आंतरिक सुरक्षा से जुड़े चुनौतीपूर्ण पहलुओं में।"

उन्होंने सीआरपीएफ के जवानों की निष्ठा और वीरता की सराहना करते हुए कहा, "सीआरपीएफ के जवान अपनी कर्तव्यनिष्ठा, साहस और दृढ़ संकल्प के लिए जाने जाते हैं, जो सबसे कठिन परिस्थितियों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। मानवता के प्रति उनके योगदान की भी सराहना की जानी चाहिए।"

सीआरपीएफ की स्थापना 27 जुलाई 1939 को क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस के रूप में हुई थी। इसके बाद, 28 दिसंबर 1949 को सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स एक्ट लागू होने के बाद इसे आधिकारिक तौर पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का नाम दिया गया।

इस परिवर्तन ने इसकी नई पहचान को जन्म दिया और इसे भारत सरकार के अधीन एक केंद्रीय सशस्त्र बल के रूप में स्थापित किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस अवसर पर सीआरपीएफ के कर्मियों को शुभकामनाएं दीं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमित शाह ने लिखा, "सीआरपीएफ के सभी जवानों को उनके स्थापना दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं। आपका निस्वार्थ बलिदान हमारे राष्ट्र की सुरक्षा की रीढ़ है और नक्सलवाद से लड़ाई में आपके साहस को सराहा जाना चाहिए। आप समय-समय पर अग्रिम मोर्चे पर निडरता से डटे रहे हैं, हर विपत्ति का सामना करते हुए, निडर संकल्प के साथ। सीआरपीएफ के शहीदों को नमन। आपकी वीरता की विरासत राष्ट्र को प्रेरित करती है।"

इस अवसर पर सीआरपीएफ ने अपने संदेश में अपने जवानों और उनके परिवारों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

सीआरपीएफ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "27 जुलाई को हम साहस, सर्वोच्च बलिदान और दृढ़ प्रतिबद्धता के 86 वर्षों का जश्न मनाते हैं - जो राष्ट्र की सुरक्षा और सेवा के क्षेत्र में गहराई से अंकित है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जब हम केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के बलिदानों और वीरता को मान्यता देते हैं। यह बल न केवल आंतरिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, बल्कि हमारे देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए हर परिस्थिति में डटा रहता है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीआरपीएफ की स्थापना कब हुई थी?
सीआरपीएफ की स्थापना 27 जुलाई 1939 को हुई थी।
सीआरपीएफ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
सीआरपीएफ का मुख्य उद्देश्य आंतरिक सुरक्षा को बनाए रखना और देश की सुरक्षा में योगदान देना है।
सीआरपीएफ किसके अधीन कार्य करता है?
सीआरपीएफ भारत सरकार के अधीन कार्य करता है।
सीआरपीएफ के जवानों की विशेषताएँ क्या हैं?
सीआरपीएफ के जवान अपनी निष्ठा, साहस और दृढ़ संकल्प के लिए जाने जाते हैं।
प्रधानमंत्री ने सीआरपीएफ के बारे में क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने सीआरपीएफ के जवानों की वीरता और बलिदान की सराहना की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले