27 जुलाई 2026
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सीआरपीएफ का 88वां स्थापना दिवस: डीजी जी.पी. सिंह और देशभर के मुख्यमंत्रियों ने जवानों को दी बधाई

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सीआरपीएफ का 88वां स्थापना दिवस: डीजी जी.पी. सिंह और देशभर के मुख्यमंत्रियों ने जवानों को दी बधाई

सारांश

सीआरपीएफ ने 27 जुलाई को 88 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पूरी की। डीजी जी.पी. सिंह की शुभकामनाओं के साथ योगी आदित्यनाथ, देवेंद्र फडणवीस, रेखा गुप्ता, डी.के. शिवकुमार समेत कई मुख्यमंत्रियों ने जवानों के शौर्य और बलिदान को नमन किया।

मुख्य बातें

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने 27 जुलाई 2026 को अपना 88वां स्थापना दिवस मनाया।
सीआरपीएफ के महानिदेशक जी.पी.
सिंह ने समस्त जवानों और अधिकारियों को बधाई दी।
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों ने एक्स पर शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्रियों ने नक्सलवाद, उग्रवाद और कठिन परिस्थितियों में सीआरपीएफ के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया।
सीआरपीएफ भारत का सबसे बड़ा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है, जो 'सेवा एवं निष्ठा' के ध्येय वाक्य पर चलता है।

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने 27 जुलाई 2026 को अपना 88वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर सीआरपीएफ के महानिदेशक जी.पी. सिंह ने बल के समस्त जवानों और अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। देशभर के मुख्यमंत्रियों ने भी सीआरपीएफ के शौर्य और समर्पण को नमन किया।

मुख्यमंत्रियों की शुभकामनाएं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा कि 'अदम्य शौर्य, अनुशासन एवं समर्पण भाव के साथ राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा हेतु सतत तत्पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के सभी वीर जवानों एवं उनके परिजनों को स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। विषम परिस्थितियों में भी राष्ट्रसेवा में निरंतर तत्पर वीर जवानों पर हम सभी को गर्व है।'

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिखा कि 'आंतरिक सुरक्षा के लिए बल की प्रभावशाली एवं दक्षतापूर्ण कर्तव्यनिष्ठा से देश में विविधता के बावजूद एकता अक्षुण्ण है। कर्तव्य निर्वहन के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले जवानों को नमन।'

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सीआरपीएफ के जवानों की अटूट हिम्मत, समर्पण और निस्वार्थ सेवा को सम्मान देते हुए कहा कि 'देश आपकी सेवा के लिए हमेशा आभारी रहेगा।' उन्होंने 'राष्ट्र सर्वोपरि' के आदर्श का पालन करने वाले जवानों को सलाम किया।

दिल्ली, राजस्थान और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों का संदेश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा कि 'देश की आंतरिक सुरक्षा, विशेषकर नक्सलवाद और उग्रवाद के विरुद्ध अभियान में आपका अदम्य शौर्य और अटूट समर्पण अतुलनीय है। हर देशवासी को आपकी कर्तव्यनिष्ठा और वीरता पर गर्व है।'

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि 'विपरीत परिस्थितियों में भी मातृभूमि की रक्षा हेतु आपका अटूट समर्पण सदैव राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।' उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी एक्स पर जवानों के साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के संकल्प को 'प्रत्येक देशवासी के लिए प्रेरणा का स्रोत' बताया।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री का संदेश

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने एक्स पर लिखा कि 'सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स भारत की आंतरिक सुरक्षा का एक मजबूत आधार रही है। मुश्किल इलाकों और कठिन परिस्थितियों में भी इन्होंने शांति बनाए रखी है, नागरिकों की रक्षा की है और राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया है।' उन्होंने उन जवानों को भी याद किया जिन्होंने देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया।

सीआरपीएफ की भूमिका और महत्व

सीआरपीएफ भारत का सबसे बड़ा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से लेकर जम्मू-कश्मीर तक देश की आंतरिक सुरक्षा में अग्रणी भूमिका निभाता है। 88 वर्षों की यात्रा में इस बल ने अनगिनत चुनौतियों का सामना करते हुए 'सेवा एवं निष्ठा' के अपने ध्येय वाक्य को चरितार्थ किया है। गौरतलब है कि यह बल चुनाव ड्यूटी, वीआईपी सुरक्षा और आपदा प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। आने वाले वर्षों में सीआरपीएफ की भूमिका और अधिक व्यापक होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक ज़रूरी संदर्भ छुपा है — नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सीआरपीएफ के जवानों की जानें अभी भी जा रही हैं। बधाई संदेशों की बाढ़ के बीच यह सवाल अनुत्तरित रहता है कि बल के आधुनिकीकरण, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और शहीद परिवारों के पुनर्वास पर ठोस नीतिगत कदम कब उठाए जाएंगे। जब तक संसद और राज्य विधानसभाओं में इन मुद्दों पर बहस नहीं होती, स्थापना दिवस की शुभकामनाएं महज़ औपचारिकता बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीआरपीएफ का 88वां स्थापना दिवस कब मनाया गया?
सीआरपीएफ का 88वां स्थापना दिवस 27 जुलाई 2026 को मनाया गया। इस अवसर पर महानिदेशक जी.पी. सिंह ने जवानों को शुभकामनाएं दीं और देशभर के कई मुख्यमंत्रियों ने एक्स पर बधाई संदेश साझा किए।
सीआरपीएफ क्या है और इसकी भूमिका क्या है?
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) भारत का सबसे बड़ा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है। यह देश की आंतरिक सुरक्षा, नक्सल विरोधी अभियान, चुनाव ड्यूटी और वीआईपी सुरक्षा में अग्रणी भूमिका निभाता है।
किन मुख्यमंत्रियों ने सीआरपीएफ को स्थापना दिवस पर बधाई दी?
उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के डॉ. मोहन यादव, महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, दिल्ली की रेखा गुप्ता, राजस्थान के भजनलाल शर्मा, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी और कर्नाटक के डी.के. शिवकुमार ने एक्स पर बधाई संदेश दिए।
सीआरपीएफ का ध्येय वाक्य क्या है?
सीआरपीएफ का ध्येय वाक्य 'सेवा एवं निष्ठा' है। यह बल इसी आदर्श के अनुरूप देश की आंतरिक सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए समर्पित है।
सीआरपीएफ की स्थापना कब हुई थी?
सीआरपीएफ की स्थापना 27 जुलाई 1939 को हुई थी। 2026 में इस बल ने अपनी स्थापना के 88 वर्ष पूरे किए, और यह भारत के सबसे पुराने और सबसे बड़े केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में से एक है।
राष्ट्र प्रेस
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