मध्य प्रदेश: इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड वृद्धि पर सहमति, उपमुख्यमंत्री शुक्ल से बातचीत सफल
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के भोपाल में पिछले 3 दिनों से स्टाइपेंड वृद्धि की माँग को लेकर आंदोलनरत इंटर्न डॉक्टरों और उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के बीच बुधवार, 9 सितंबर को मंत्रालय में हुई बातचीत सकारात्मक रही, जिसमें स्टाइपेंड बढ़ाने के प्रस्ताव पर सहमति बन गई है। उपमुख्यमंत्री के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, इंटर्न्स, जूडा एवं एमटीए प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी सीएम से मुलाकात कर अपनी माँगें रखीं।
मुख्य घटनाक्रम
भोपाल के इंटर्न डॉक्टर 3 दिनों से स्टाइपेंड बढ़ाने की माँग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग किया, जिससे विरोध और तीव्र हो गया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि बुधवार को अस्पताल की ओपीडी भी बंद कर दी गई, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में जूनियर और इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विवाद पहले भी सामने आ चुके हैं।
पुलिस कार्रवाई और जाँच
उपमुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, छात्रों पर बल प्रयोग के मामले में प्रारंभिक रूप से जिम्मेदार पाए गए दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया गया है। मामले की जाँच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है और जाँच के आधार पर शीघ्र आगे की कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया है।
घायल छात्रों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी आश्वासन दिया गया है। आलोचकों का कहना है कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग से बचा जाना चाहिए था।
स्टाइपेंड वृद्धि पर सहमति
बातचीत के दौरान स्टाइपेंड बढ़ाए जाने पर विस्तृत चर्चा हुई और प्रस्ताव पर सहमति बनी। प्रतिनिधिमंडल ने इस चर्चा पर संतोष व्यक्त किया। हालाँकि, स्टाइपेंड में कितनी वृद्धि होगी और यह कब से लागू होगी, इसका आधिकारिक विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इंटर्न डॉक्टर प्रतिनिधिमंडल सहित अन्य संबंधित पक्षों से व्यक्तिगत रूप से चर्चा की और स्थिति को सुलझाने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाया।
आम जनता पर असर
ओपीडी बंद रहने से बुधवार को भोपाल के सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को गंभीर परेशानी झेलनी पड़ी। स्वास्थ्य सेवाओं के बाधित होने से उन वर्गों पर सबसे अधिक असर पड़ा जो सरकारी अस्पतालों पर निर्भर हैं।
क्या होगा आगे
सहमति बनने के बाद अब उम्मीद है कि इंटर्न डॉक्टर अपना आंदोलन वापस लेंगे और स्वास्थ्य सेवाएँ सामान्य होंगी। जाँच टीम की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस बल प्रयोग के मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी। स्टाइपेंड वृद्धि की औपचारिक घोषणा और इसकी समयसीमा पर सरकार का अगला कदम महत्वपूर्ण होगा।