जम्मू में इंटर्न डॉक्टरों का दूसरे दिन भी प्रदर्शन, ₹30,000 स्टाइपेंड के लिखित आदेश की माँग
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू में एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन बुधवार, 1 सितंबर को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। इन डॉक्टरों की प्रमुख माँग है कि सरकार मासिक स्टाइपेंड बढ़ाकर ₹30,000 करे और इसका लिखित आदेश जारी करे — मौखिक आश्वासन अब उन्हें स्वीकार नहीं है।
मुख्य घटनाक्रम
इंटर्न डॉक्टर तनिशा महाजन ने कहा कि 2025 में भी उन्हें बताया गया था कि उनकी फ़ाइल 'अंडर प्रोसेस' है, लेकिन आज तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। उन्होंने स्पष्ट किया, 'अब हमें वादा नहीं चाहिए। जब तक स्टाइपेंड बढ़ाए जाने का लिखित आदेश नहीं मिल जाता, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा।'
डॉक्टर सज्जाद मुस्तफा ने कहा कि इंटर्न डॉक्टरों को पूर्ण चिकित्सक के समतुल्य ज़िम्मेदारी दी जा रही है, लेकिन उसके अनुरूप स्टाइपेंड नहीं मिल रहा। उन्होंने जोड़ा, 'हम सरकार के विरोध में नहीं हैं; हम अपना हक माँगने आए हैं।'
स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
इंटर्न डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि आपातकालीन सेवाओं से कोई समझौता नहीं किया जा रहा — इमरजेंसी ड्यूटी पर इंटर्न तैनात हैं। केवल ओपीडी और गैर-आपातकालीन सेवाओं के इंटर्न प्रदर्शन में शामिल हैं। डॉक्टर तनिशा महाजन ने स्वास्थ्य मंत्री के उस बयान को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि इंटर्न स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित कर रहे हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
शिक्षा मंत्री सकीना इटू की ओर से बयान आया है कि फ़ाइल 'अंडर प्रोसेस' है। हालाँकि, इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब ऐसा बयान दिया गया है — 2025 में भी यही दोहराया गया था। डॉक्टर तनिशा महाजन ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के बयान से यह तो स्पष्ट होता है कि सरकार ने उनकी माँग को वाजिब माना है, लेकिन लिखित आदेश के बिना प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा।
आगे की चेतावनी
यदि सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती, तो इंटर्न डॉक्टरों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को खुला पत्र लिखने की चेतावनी दी है। डॉक्टर सज्जाद मुस्तफा ने कहा कि अंततः यह निर्णय मुख्यमंत्री को ही लेना है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य ढाँचे को मज़बूत करने की माँग पहले से ही उठती रही है।