मध्य प्रदेश में जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि का ऐलान

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मध्य प्रदेश में जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि का ऐलान

सारांश

मध्य प्रदेश सरकार ने जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि का आदेश जारी किया है, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा। जानें इस निर्णय के पीछे क्या कारण हैं और इससे डॉक्टरों को किस तरह का लाभ मिलेगा।

Key Takeaways

  • स्टाइपेंड वृद्धि: 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा।
  • पीजी पहले वर्ष: 75,444 रुपये से बढ़कर 77,662 रुपये।
  • दूसरे वर्ष का स्टाइपेंड: 77,764 रुपये से बढ़कर 80,050 रुपये।
  • तीसरे वर्ष का स्टाइपेंड: 80,086 रुपये से बढ़कर 82,441 रुपये।
  • इंटर्न का स्टाइपेंड: 13,928 रुपये से बढ़कर 14,337 रुपये।

भोपाल, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में चिकित्सा महाविद्यालयों के जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि के आदेश जारी किए गए हैं। यह बढ़ोतरी १ अप्रैल २०२५ से प्रभावी होगी।

दरअसल, मध्य प्रदेश में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों ने पहले से किए गए वादों के अनुसार स्टाइपेंड में वृद्धि न होने पर हड़ताल की थी। सरकार ने उन्हें आश्वासन दिया था कि जल्द ही उचित आदेश जारी किए जाएंगे, जिसके बाद जूनियर डॉक्टर काम पर वापस लौट आए थे।

राज्य के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जूनियर डॉक्टर अपने कार्य के प्रति पूर्ण समर्पण दिखाते हुए प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में अपना योगदान देंगे।

उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जूनियर डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य प्रणाली की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे न केवल अपने चिकित्सा प्रशिक्षण को पूरा करते हैं, बल्कि मरीजों को निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में भी अग्रणी भूमिका निभाते हैं। शुक्ल ने इन डॉक्टरों के हित में सकारात्मक समाधान के निर्देश दिए थे, जिसके फलस्वरूप स्टाइपेंड वृद्धि का आदेश जारी किया गया है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक २.९४ के आधार पर वृद्धि की गई है।

इस आदेश के तहत पीजी पहले वर्ष का स्टाइपेंड ७५,४४४ रुपये से बढ़ाकर ७७,६६२ रुपये, दूसरे वर्ष का ७७,७६४ रुपये से बढ़ाकर ८०,०५० रुपये और तीसरे वर्ष का ८०,०८६ रुपये से बढ़ाकर ८२,४४१ रुपये किया गया है। इसी प्रकार, इंटर्न का स्टाइपेंड १३,९२८ रुपये से बढ़ाकर १४,३३७ रुपये किया गया है। सुपर स्पेशिलिटी पाठ्यक्रम के सभी वर्षों के स्टाइपेंड को भी ८२,४४१ रुपये पर निर्धारित किया गया है। सीनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड ८८,२१० रुपये से बढ़ाकर ९०,८०३ रुपये और जूनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड ६३,३२४ रुपये निर्धारित किया गया है। इस निर्णय से प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत एवं सेवा दे रहे जूनियर डॉक्टरों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।

Point of View

और उनका स्टाइपेंड बढ़ाना न केवल उन्हें राहत देगा, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को भी सशक्त बनाएगा।
NationPress
17/03/2026

Frequently Asked Questions

जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में कब बढ़ोतरी होगी?
यह बढ़ोतरी १ अप्रैल २०२५ से लागू होगी।
स्टाइपेंड वृद्धि का कारण क्या है?
स्टाइपेंड वृद्धि का कारण डॉक्टरों द्वारा हड़ताल और सरकार द्वारा पहले किए गए वादों का पालन है।
इस निर्णय से जूनियर डॉक्टरों को क्या लाभ होगा?
इस निर्णय से प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत जूनियर डॉक्टरों को वित्तीय लाभ प्राप्त होगा।
क्या इस वृद्धि से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ेगा?
हां, यह वृद्धि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद करेगी।
क्या सभी जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि होगी?
जी हां, सभी जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि की गई है।
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