क्या मध्य प्रदेश में चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ की समयबद्ध भर्ती जरूरी है?
सारांश
Key Takeaways
- स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए चिकित्सकों की समयबद्ध भर्ती आवश्यक है।
- विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी।
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को फर्स्ट रेफरल यूनिट के रूप में विकसित किया जाएगा।
- भर्ती में आ रही कठिनाइयों का समाधान किया जाएगा।
- मेडिकल कॉलेजों में उन्नत कैंसर उपचार सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
भोपाल, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के लिए चिकित्सकों की समयबद्ध भर्ती की प्रक्रिया को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इस संबंध में कहा कि चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से सीधे जुड़ी हुई है।
मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की विभिन्न विषयों की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल ऑफिसर और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने में सहायक है। पीएससी और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से हो रही भर्ती प्रक्रिया की नियमित समीक्षा की जानी चाहिए। सभी औपचारिकताओं को प्राथमिकता से पूरा किया जाए।
बैठक में एएनएम के शेष रिक्त पदों को प्राथमिकता से भरने के निर्देश दिए गए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती के लिए उपलब्ध मॉडल की विस्तृत समीक्षा कर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को फर्स्ट रेफरल यूनिट के रूप में विकसित करने के लिए विशेषज्ञों की समय पर नियुक्ति अनिवार्य है। इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित किया जा सकेगा।
बैठक में नर्सिंग शिक्षकों की भर्ती में आ रही व्यवहारिक और प्रक्रियात्मक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए भर्ती से संबंधित नियमों में आवश्यक संशोधन की समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने विभागीय जानकारी और स्पष्टीकरण शीघ्र सामान्य प्रशासन विभाग को भेजने के निर्देश दिए ताकि मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके और नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो।
मेडिकल कॉलेज बुधनी, मंडला, सागर और रीवा में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पुनरीक्षित स्वीकृति से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय-सीमा में पूर्ण की जाएं, जिससे विकास कार्यों में किसी प्रकार का विलंब न हो और शैक्षणिक और चिकित्सकीय सुविधाओं का विस्तार निर्धारित समय में किया जा सके।
उप मुख्यमंत्री ने रीवा, ग्वालियर, जबलपुर सहित चिन्हित मेडिकल कॉलेजों में उन्नत कैंसर उपचार सुविधाओं के विस्तार के लिए अधोसंरचना विकास एवं आवश्यक उपकरणों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण कैंसर उपचार उपलब्ध कराना है, जिससे मरीजों को अन्यत्र रेफर करने की आवश्यकता कम हो।
सीएम डे केयर योजना के क्रियान्वयन के लिए जारी गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
उप स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन कार्यों की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए गए कि बजट की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय अधोसंरचना विकास कार्यों में विभागीय उदासीनता के कारण किसी भी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए और सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज बुधनी, छतरपुर और दमोह में आगामी सत्र से संचालन प्रस्तावित है, इसके लिए अधोसंरचना विकास कार्य पूर्ति चरण में हैं। संचालन के लिए फर्नीचर, उपकरण और आवश्यक शैक्षणिक एवं सहायक मानव संसाधन की भर्ती का कार्य भी समय से पूर्ण किया जाए ताकि एनएमसी अनुमोदन की कार्यवाही पूर्ण की जा सके।