क्या 'आर्थिक सर्वेक्षण' पीएम मोदी के नेतृत्व में अर्थव्यवस्था की ताकत का प्रमाण है?
सारांश
Key Takeaways
- आर्थिक सर्वेक्षण 2026 में भारत की आर्थिक स्थिति का गहन विश्लेषण है।
- यह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करता है।
- सर्वेक्षण में समावेशी विकास पर जोर दिया गया है।
- भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 7.4 प्रतिशत है।
- यह नीति निर्माण में मददगार साबित होगा।
नई दिल्ली, 29 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 का अनावरण किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस सर्वेक्षण को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय अर्थव्यवस्था की शक्ति का प्रमाण बताया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अमित शाह ने वैश्विक आंकड़े साझा करते हुए लिखा कि आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था की ताकत का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम चुनौतियों का सामना करते हुए मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया महामारी के कारण आर्थिक अस्थिरता की ओर बढ़ रही थी, तब हमारे नेतृत्व के चलते हमारी अर्थव्यवस्था ने इन चुनौतियों को आसानी से पार कर लिया।
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पोस्ट को साझा करते हुए कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण भारत के सुधारों की गति का एक व्यापक चित्र प्रस्तुत करता है, जो चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिवेश में निरंतर प्रगति को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि यह मजबूत व्यापक आर्थिक आधारभूत सिद्धांतों, निरंतर विकास गति और राष्ट्र निर्माण में नवाचार, उद्यमिता और अवसंरचना की बढ़ती भूमिका को उजागर करता है। सर्वेक्षण ने समावेशी विकास के महत्व पर जोर दिया है, जिसमें किसानों, लघु एवं मध्यम उद्यमों, युवा रोजगार और सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह विनिर्माण को मजबूत करने, उत्पादकता बढ़ाने और विकसित भारत बनने की दिशा में हमारी प्रगति को गति देने का एक रोडमैप भी प्रस्तुत करता है।
उन्होंने कहा कि इससे प्राप्त अंतर्दृष्टि सूचित नीति निर्माण में मार्गदर्शन करेगी और भारत के आर्थिक भविष्य में विश्वास को मजबूत करेगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के समय में भारत दुनिया के लिए एक ब्राइट स्पॉट है और स्थिरता के साथ मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर आर्थिक सर्वेक्षण के बारे में पोस्ट किया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूत गति बनाए रखी है और पहले अग्रिम अनुमानों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह प्रदर्शन लगातार चौथे वर्ष भारत को सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करता है।