क्या अजित पवार के निधन ने सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति पहुंचाई?
सारांश
Key Takeaways
- अजित पवार की विमान दुर्घटना में मृत्यु ने सभी को दुखी किया।
- यह घटना राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।
- कई नेताओं ने इस पर शोक प्रकट किया है।
नई दिल्ली, 28 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार की बुधवार को बारामती के पास एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने पुष्टि की है कि विमान में सवार सभी यात्रियों की जान चली गई।
अजित पवार की प्लेन क्रैश में मृत्यु पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "यह सामाजिक और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों के लिए एक अत्यंत दुखद घटना है। रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान में छह लोग सवार थे, और अजित पवार भी उनमें से एक थे। यदि यह सत्य है, तो आज का दिन बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।"
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी दुर्घटना पिछले दशक में शायद ही कभी देखी गई है। वह एक उत्कृष्ट राजनेता थे, जिन्हें जनता का बहुत प्यार था और वह चुनाव प्रचार के लिए जा रहे थे। यह दुर्घटना हमारे दिलों को तोड़ने वाली है।
सीनियर एडवोकेट और पूर्व सांसद मजीद मेमन ने कहा, "प्लेन क्रैश और इसमें महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार और कुछ अन्य लोगों की मृत्यु की खबर अत्यंत दुखद है। अजित पवार एक सक्रिय और गतिशील नेता थे।"
उन्होंने कहा, "मैंने अजित पवार के साथ 25-30 साल काम किया है, और 2002 से लगभग 20 साल बहुत करीब से काम किया है। मैंने देखा है कि वे एक अनोखे नेता थे, बहुत आक्रामक और गतिशील।"
अजित पवार को स्थानीय निकाय चुनावों से पहले बुधवार को रैलियों में शामिल होने के लिए बारामती जाना था। उनके निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।