दिव्या सेठ शाह का बेटी मिहिका को भावुक संदेश: 'मैं हम दोनों के लिए जी रही हूं'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री दिव्या सेठ शाह ने 1 सितंबर 2026 को अपनी दिवंगत बेटी मिहिका शाह को याद करते हुए एक भावुक संदेश सोशल मीडिया पर साझा किया। अगस्त 2024 में बेटी के असमय निधन के बाद दिव्या पहली बार इतने खुले दिल से अपनी भावनाएं व्यक्त करती दिखीं, यह कहते हुए कि वे अब दोनों के हिस्से की ज़िंदगी जी रही हैं।
इंद्रधनुष के साथ माँ का संदेश
दिव्या सेठ शाह ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक बगीचे का वीडियो पोस्ट किया, जिसमें सुबह की चिड़ियों की चहचहाहट और आसमान में खिला इंद्रधनुष दिख रहा था। इस वीडियो के साथ उन्होंने लिखा: 'हेलो, मिहिका बर्थडे मंथ।'
अपने पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा, 'मिहिका, तुम मेरे लिए बहुत अनमोल हो। पता है, जब कोई मुझसे कहता है कि मैं बहुत बहादुर या मजबूत हूं, तो मैं खुद के बारे में सोचती हूं। क्योंकि शारीरिक रूप से मजबूत होना अलग बात है, मैं मिहिका के प्यार का हर एक एहसास महसूस करती हूं और मैं कभी नहीं चाहूंगी कि उसकी खूबसूरत ज़िंदगी सिर्फ उसके चले जाने तक ही सीमित रह जाए। नहीं हनी, मैं हम दोनों के लिए इस धरती पर जी रही हूं। तुम ऊपर से चमकती और रोशनी बिखेरती रहो।'
मिहिका का निधन: पृष्ठभूमि
मिहिका शाह काफी समय से बीमारी से जूझ रही थीं। 5 अगस्त 2024 को दौरा पड़ने के बाद उनका निधन हो गया। दिव्या ने स्वयं सोशल मीडिया के ज़रिए इस दुखद खबर की पुष्टि की थी। मिहिका, दिव्या की इकलौती बेटी थीं और उनका जन्मदिन 29 सितंबर को होता है — यह पोस्ट उसी जन्मदिन के महीने की शुरुआत में की गई।
गौरतलब है कि दिव्या अक्सर मिहिका की यादों को अपने सोशल मीडिया पर साझा करती रहती हैं, जो उनके और उनके प्रशंसकों के बीच एक गहरी भावनात्मक कड़ी बन गई है।
दिव्या सेठ शाह का करियर
दिव्या सेठ शाह मनोरंजन जगत का एक परिचित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत चर्चित टीवी शो 'हम लोग' से की थी। इसके बाद उन्होंने 'जब वी मेट', 'इंग्लिश विंग्लिश', 'दिल धड़कने दो', 'आर्टिकल 370', 'पटेल की पंजाबी शादी' और 'सरदार का ग्रैंड सन' जैसी उल्लेखनीय फिल्मों में सहायक भूमिकाएं निभाई हैं।
आगे का सफर
दिव्या का यह पोस्ट न केवल एक माँ की पीड़ा को दर्शाता है, बल्कि उस हिम्मत को भी उजागर करता है जिसके साथ वे अपनी बेटी की विरासत को जीवित रखने का प्रयास कर रही हैं। उनका यह संदेश उन तमाम माता-पिता के लिए भी एक आवाज़ बन रहा है जो असमय बच्चे खोने के दर्द से गुज़र रहे हैं।