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किशनगढ़: नामांकन के अगले दिन पूर्व पार्षद रिखब चंद रील का हार्ट अटैक से निधन

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किशनगढ़: नामांकन के अगले दिन पूर्व पार्षद रिखब चंद रील का हार्ट अटैक से निधन

सारांश

राजस्थान नगर निगम चुनाव 2026 के लिए नामांकन दाखिल करने के महज एक दिन बाद किशनगढ़ के पूर्व पार्षद रिखब चंद रील का हार्ट अटैक से निधन हो गया। वार्ड नंबर 37 की चुनावी प्रक्रिया अब राज्य चुनाव आयोग के निर्णय पर निर्भर है।

मुख्य बातें

रिखब चंद रील , किशनगढ़ नगर परिषद के वार्ड नंबर 37 के पूर्व पार्षद, का 1 सितंबर 2026 को कथित हार्ट अटैक से निधन हो गया।
निधन से एक दिन पहले उन्होंने राजस्थान नगर निगम चुनाव 2026 के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया था।
अधिकारियों के अनुसार अस्पताल पहुँचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई; आधिकारिक मेडिकल जाँच जारी है।
वार्ड नंबर 37 की आगे की चुनावी प्रक्रिया पर निर्णय राजस्थान राज्य चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार लिया जाएगा।
विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और समर्थकों ने उनके आवास पर पहुँचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

किशनगढ़ नगर परिषद के पूर्व पार्षद रिखब चंद रील का मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को कथित तौर पर हार्ट अटैक से निधन हो गया — ठीक एक दिन पहले उन्होंने राजस्थान नगर निगम चुनाव 2026 के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। उनके अचानक निधन से किशनगढ़ के वार्ड नंबर 37 में चुनावी माहौल ठहर-सा गया है और परिवार, समर्थक तथा राजनीतिक सहयोगी गहरे सदमे में हैं।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, 1 सितंबर 2026 की सुबह रील ने सीने में तेज दर्द की शिकायत की। उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और बताया जा रहा है कि अस्पताल पहुँचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। चिकित्सकों ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है, हालाँकि आधिकारिक मेडिकल जाँच के बाद ही मृत्यु का सटीक कारण स्पष्ट हो सकेगा।

रील ने एक दिन पहले ही राजस्थान नगर निगम चुनाव 2026 के लिए नामांकन दाखिल किया था और नामांकन के बाद से वे लगातार अपने समर्थकों से मिल रहे थे तथा चुनावी रणनीति पर चर्चा कर रहे थे।

कौन थे रिखब चंद रील

रिखब चंद रील ने किशनगढ़ नगर परिषद के वार्ड नंबर 37 का पूर्व में प्रतिनिधित्व किया था। अपने कार्यकाल के दौरान वे जन-कल्याण की विभिन्न गतिविधियों से सक्रिय रूप से जुड़े रहे और क्षेत्र के निवासियों के साथ उन्होंने मज़बूत जनसंपर्क बनाया था। किशनगढ़ की स्थानीय राजनीति में वे एक परिचित और सम्मानित चेहरा थे।

यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में निकाय चुनावों का माहौल पूरे उफान पर है और उम्मीदवार जन-संपर्क में व्यस्त हैं।

श्रद्धांजलि का तांता

निधन की खबर फैलते ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, स्थानीय व्यापारी, समाजसेवी और समर्थकों की भीड़ उनके आवास पर उमड़ पड़ी। सभी ने रील के सामाजिक योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

वार्ड 37 की चुनावी प्रक्रिया पर असर

नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद किसी उम्मीदवार के निधन की स्थिति में चुनावी प्रक्रिया प्रभावित होना स्वाभाविक है। फिलहाल नामांकन पत्रों की जाँच और नाम वापस लेने की प्रक्रिया जारी है। रिटर्निंग ऑफिसर और राजस्थान राज्य चुनाव आयोग द्वारा लागू चुनावी नियमों के अनुसार वार्ड नंबर 37 की आगे की स्थिति और अगले कदमों पर निर्णय लिया जाएगा। गौरतलब है कि भारतीय चुनावी नियमों के तहत किसी उम्मीदवार के निधन पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में मतदान स्थगित किया जा सकता है।

किशनगढ़ के राजनीतिक हलकों में यह घटना गहरी चर्चा का विषय बनी हुई है, और रील के परिजनों व समर्थकों के लिए यह क्षण अत्यंत कठिन है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर स्थानीय निकाय स्तर पर जहाँ प्रचार लगभग अकेले दम पर लड़ा जाता है। वार्ड नंबर 37 की चुनावी प्रक्रिया अब कानूनी अनिश्चितता में है, और राज्य चुनाव आयोग के सामने यह परखने का मौका है कि उम्मीदवार के निधन पर उसका तंत्र कितनी तेज़ी और पारदर्शिता से काम करता है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि स्थानीय निकाय चुनावों में उम्मीदवारों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर कोई संस्थागत ढाँचा नहीं है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रिखब चंद रील कौन थे?
रिखब चंद रील किशनगढ़ नगर परिषद के वार्ड नंबर 37 के पूर्व पार्षद थे। वे किशनगढ़ की स्थानीय राजनीति में एक जाना-माना और सक्रिय चेहरा थे, जो जन-कल्याण कार्यों के लिए जाने जाते थे।
रिखब चंद रील का निधन कब और कैसे हुआ?
1 सितंबर 2026 की सुबह उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ और अधिकारियों के अनुसार अस्पताल पहुँचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। चिकित्सकों ने कारण हार्ट अटैक बताया है, हालाँकि आधिकारिक मेडिकल जाँच अभी जारी है।
उनके निधन से वार्ड नंबर 37 की चुनावी प्रक्रिया पर क्या असर पड़ेगा?
नामांकन दाखिल करने के बाद किसी उम्मीदवार के निधन पर रिटर्निंग ऑफिसर और राजस्थान राज्य चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। भारतीय चुनावी नियमों के तहत ऐसे मामलों में संबंधित वार्ड में मतदान स्थगित किया जा सकता है।
राजस्थान नगर निगम चुनाव 2026 में नामांकन प्रक्रिया की क्या स्थिति है?
फिलहाल नामांकन पत्रों की जाँच और नाम वापस लेने की प्रक्रिया जारी है। वार्ड नंबर 37 में रील के निधन के बाद आगे के कदमों पर राजस्थान राज्य चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्णय अपेक्षित है।
क्या रिखब चंद रील के निधन पर राजनीतिक प्रतिक्रिया आई?
हाँ, निधन की खबर फैलते ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, स्थानीय व्यापारी और समाजसेवी उनके आवास पर पहुँचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। उनका परिवार, समर्थक और राजनीतिक सहयोगी गहरे सदमे में बताए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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