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पारस जैन का निधन: मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और 'पारस पहलवान' इंदौर में अंतिम सांस ली

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पारस जैन का निधन: मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और 'पारस पहलवान' इंदौर में अंतिम सांस ली

सारांश

मध्य प्रदेश के पाँच बार विधायक और कई विभागों के पूर्व मंत्री पारस चंद्र जैन का 3 अगस्त को इंदौर में निधन हो गया। 'पारस पहलवान' के नाम से मशहूर जैन को RSS और BJP दोनों में एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में याद किया जाएगा।

मुख्य बातें

पारस चंद्र जैन का निधन 3 अगस्त को इंदौर के एक निजी अस्पताल में हुआ।
वे उज्जैन उत्तर विधानसभा से 5 बार विधायक चुने गए; कुल 6 चुनाव लड़े।
प्रदेश सरकार में वन, शिक्षा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता संरक्षण और ऊर्जा मंत्री रहे।
2023 के विधानसभा चुनाव में BJP ने उन्हें टिकट नहीं दिया था।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान , BJP प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और सांसद अनिल फिरोजिया ने शोक व्यक्त किया।

मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता पारस चंद्र जैन का सोमवार, 3 अगस्त को निधन हो गया। इंदौर के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन पारस जैन ने वहीं अंतिम सांस ली। उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र के पाँच बार विधायक रहे जैन को उनके करीबी 'पारस पहलवान' के नाम से पुकारते थे — योग और व्यायाम के प्रति उनके गहरे लगाव के कारण यह उपनाम उनकी पहचान बन गया था।

राजनीतिक जीवन और विरासत

पारस जैन ने मध्य प्रदेश की राजनीति में दशकों तक सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कुल 6 विधानसभा चुनाव लड़े, जिनमें से 5 बार वे विधायक चुने गए और केवल एक बार उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा। प्रदेश सरकार में उन्होंने वन मंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री, उपभोक्ता संरक्षण मंत्री तथा ऊर्जा मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। गौरतलब है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में BJP ने उन्हें टिकट नहीं दिया था, जो उनके राजनीतिक जीवन का अंतिम मोड़ साबित हुआ।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के समर्पित स्वयंसेवक के रूप में जैन की पहचान संगठन में भी उतनी ही मजबूत थी जितनी विधायी राजनीति में। वे एक कुशल संगठक और सफल प्रशासक माने जाते थे।

शिवराज सिंह चौहान की श्रद्धांजलि

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, 'मध्य प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री, उज्जैन उत्तर के पूर्व विधायक, वरिष्ठ राजनेता और मेरे आत्मीय साथी पारस चंद्र जैन नहीं रहे। पारस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित स्वयंसेवक और भारतीय जनता पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता रहे हैं। उनके निधन का समाचार सुनकर दुखी और स्तब्ध हूं।'

चौहान ने आगे लिखा, 'पारस जी ने मध्यप्रदेश और उज्जैन की जनता की समर्पित भाव से सेवा की है। वे कुशल संगठक और सफल प्रशासक के साथ-साथ योग तथा व्यायाम के बड़े प्रेरक रहे हैं। उन्हें 'पारस पहलवान' के नाम से जाना जाता था। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवारजनों के साथ हैं।'

BJP नेताओं की प्रतिक्रिया

BJP की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी शोक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा, 'वरिष्ठ भाजपा नेता व प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री पारस चंद्र जैन के निधन का समाचार अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। जनसेवा और संगठन की विचारधारा के प्रति उनका समर्पित जीवन नए कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा है। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।'

उज्जैन-आलोट से BJP सांसद अनिल फिरोजिया ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने लिखा, 'उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री पारस जैन के निधन का समाचार अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।'

आगे क्या

पारस जैन के निधन से उज्जैन और मध्य प्रदेश की BJP में एक अनुभवी जन-नेता का अभाव महसूस किया जाएगा। उनका राजनीतिक और सामाजिक योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

विशेषकर उज्जैन क्षेत्र में जहाँ उनकी व्यक्तिगत पकड़ दशकों तक बनी रही।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पारस जैन का निधन कब और कहाँ हुआ?
पारस जैन का निधन 3 अगस्त को इंदौर के एक निजी अस्पताल में हुआ, जहाँ वे उपचाराधीन थे।
'पारस पहलवान' नाम क्यों पड़ा था?
पारस जैन योग और व्यायाम के प्रबल समर्थक और प्रेरक थे, जिसके कारण उनके साथी और समर्थक उन्हें 'पारस पहलवान' के नाम से पुकारते थे। यह उपनाम उनकी सार्वजनिक पहचान का हिस्सा बन गया था।
शिवराज सिंह चौहान ने पारस जैन के निधन पर क्या कहा?
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा कि पारस जैन उनके 'आत्मीय साथी' थे और उनके निधन की खबर सुनकर वे 'दुखी और स्तब्ध' हैं। उन्होंने जैन को RSS के समर्पित स्वयंसेवक और BJP के निष्ठावान कार्यकर्ता बताया।
2023 के चुनाव में पारस जैन को टिकट क्यों नहीं मिला?
2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में BJP ने पारस जैन को उज्जैन उत्तर से टिकट नहीं दिया। पार्टी की ओर से इसका कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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