पंजाब में BJP अकेले लड़ेगी सभी सीटें, अकाली दल से गठबंधन नहीं: सतीश पूनिया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव सतीश पूनिया ने 1 सितंबर को जालंधर में मीडिया से बातचीत के दौरान स्पष्ट कर दिया कि पंजाब विधानसभा चुनाव में BJP शिरोमणि अकाली दल के साथ किसी भी गठबंधन के बिना मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा, 'अपने दम पर हम सभी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और सरकार बनाने की कोशिश करेंगे।' यह बयान उन अटकलों पर विराम लगाता है जिनमें दोनों दलों के बीच पुनः गठबंधन की संभावना जताई जा रही थी।
मुख्य घोषणाएँ
पूनिया ने बताया कि BJP एक व्यापक जन-संपर्क अभियान — 'सेवा संकल्प अभियान' — 17 सितंबर से शुरू करेगी, जो 17 अक्टूबर तक चलेगा। इस एक महीने के अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं के ज़रिए आम जनता के जीवन में आए बदलावों को जन-जन तक पहुँचाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होंगे, जिसे पार्टी विशेष रूप से मनाएगी।
AAP पर पलटवार
आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा BJP पर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए पूनिया ने कहा कि AAP 'बिना किसी विचारधारा वाली राजनीतिक पार्टी' है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद AAP को सत्ता गँवानी पड़ी। पंजाब में ड्रग्स, भ्रष्टाचार, रेत-माफिया और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर किए गए वादों के बारे में उन्होंने कहा कि AAP केवल 'हताशा में' ऐसे बयान दे रही है। पूनिया ने स्पष्ट किया कि BJP का संगठन 'डबल इंजन सरकार' के लक्ष्य के साथ काम कर रहा है।
सांसदों को फटकार का मामला
पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करने गए दिल्ली के तीन BJP सांसदों को लेकर उठे विवाद पर पूनिया ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उन सांसदों को फटकार लगाई है। यह बयान पार्टी अनुशासन के प्रति BJP के कड़े रुख को रेखांकित करता है।
1984 दंगों पर BJP का पक्ष
पूनिया ने 1984 के दंगों के लिए सीधे तौर पर कांग्रेस पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि BJP ने दिल्ली और हरियाणा में 1984 के दंगों से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए ठोस काम किया है। यह बयान पंजाब के राजनीतिक संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जहाँ सिख समुदाय की भावनाएँ इस मुद्दे से गहराई से जुड़ी हैं।
आगे क्या होगा
BJP का 'सेवा संकल्प अभियान' पंजाब चुनाव की तैयारी का पहला बड़ा सार्वजनिक चरण माना जा रहा है। अकाली दल से गठबंधन न करने के इस फैसले के बाद पंजाब में तीन-कोणीय या बहु-कोणीय मुकाबले की संभावना और प्रबल हो गई है, जिसमें AAP, कांग्रेस और BJP अलग-अलग मोर्चों से चुनावी रण में उतरेंगी।