पंजाब में AAP-कांग्रेस के खिलाफ जनाक्रोश, BJP 2027 में 117 सीटें लड़ेगी: तरुण चुघ
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने 24 अगस्त को भठिंडा में आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की जनता AAP और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) दोनों से गहरा असंतोष महसूस कर रही है और 2027 के विधानसभा चुनाव में BJP सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ते हुए सरकार बनाएगी।
टूटे वादों पर चुघ का हमला
चुघ ने कहा कि AAP ने सत्ता में आने से पहले 'शिक्षा क्रांति' और 'स्वास्थ्य क्रांति' के बड़े वादे किए थे, लेकिन उनके अनुसार एक भी वादा पूरा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में न कोई नया सरकारी स्कूल बना, न शिक्षा का स्तर सुधरा और न ही कोई नया अस्पताल खुला। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को वादे के अनुसार ₹60,000 की सहायता राशि अब तक नहीं मिली है और मेडिकल बीमा के नाम पर जनता को गुमराह किया गया।
कानून-व्यवस्था पर गंभीर आरोप
BJP नेता ने पंजाब की सुरक्षा स्थिति को 'दयनीय' बताते हुए कई घटनाओं का हवाला दिया। उनके अनुसार राज्य में 21 पुलिस थानों पर बम विस्फोट हो चुके हैं, BJP नेता कालिया के आवास पर धमाका हुआ, एक मंदिर में बम फेंका गया, पार्टी कार्यकर्ता पर ग्रेनेड से हमला किया गया और पंजाब पुलिस मुख्यालय पर मिसाइल हमले की घटना भी सामने आई। उन्होंने कहा कि माफिया सरगना खुलेआम राज कर रहे हैं और सड़कों पर प्रतिदिन हत्याएँ हो रही हैं।
आर्थिक संकट का आरोप
चुघ ने कहा कि पंजाब पर प्रतिदिन कर्ज का बोझ बढ़ रहा है और रंगदारी वसूली की घटनाएँ आम हो चुकी हैं। उनके अनुसार इन परिस्थितियों में राज्य की जनता 'त्राहिमाम' की स्थिति में है और वह बदलाव चाहती है।
BJP का 2027 का दावा
चुघ ने घोषणा की कि पंजाब की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक मजबूत सरकार चाहती है। उन्होंने कहा कि BJP 2027 के विधानसभा चुनाव में सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी और सरकार बनाएगी। गौरतलब है कि पंजाब में अभी AAP की सरकार है, जो 2022 में भारी बहुमत से सत्ता में आई थी।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में 2027 के चुनाव को अभी दो वर्ष से अधिक का समय बाकी है, लेकिन सभी प्रमुख दल अभी से जमीन तैयार करने में जुटे हैं। BJP पंजाब में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जहाँ वह ऐतिहासिक रूप से कमजोर रही है। AAP और कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।