पंजाब चुनाव 2027: भूपेश बघेल का AAP पर हमला, गठबंधन पर साधी चुप्पी
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने मंगलवार, 2 जून को नई दिल्ली में पार्टी की शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई बैठक के बाद पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 'कट्टर ईमानदार' होने का दावा करने वाली पार्टी ने सत्ता में आकर भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दी हैं। हालांकि, 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अकेले दम पर उतरेगी या किसी के साथ गठबंधन करेगी, इस पर बघेल ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
बैठक और मुख्य घटनाक्रम
बघेल ने बताया कि पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस में पिछले कुछ दिनों में दो महत्वपूर्ण बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों में पंजाब की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और आगामी चुनावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। यह बैठक कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में आयोजित हुई।
AAP सरकार पर आरोप
बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार ने ईमानदार और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन का वादा करके सत्ता हासिल की, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। उन्होंने कहा, 'पंजाब में सबसे बड़ा मुद्दा भ्रष्टाचार है। कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है और ड्रग्स तथा गैंगस्टरों का खुला राज चल रहा है।' उन्होंने यह भी कहा कि 'कट्टर ईमानदार' की जगह 'कट्टर बेईमान' लोग सरकार चला रहे हैं।
वेणुगोपाल के बयान का समर्थन
बघेल ने कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के बयान का पूरी तरह समर्थन किया और कहा कि वेणुगोपाल ने जो कुछ भी कहा है, वह बिल्कुल सही है और उसमें कोई बदलाव नहीं है। गौरतलब है कि वेणुगोपाल ने हाल ही में पंजाब की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी की थी।
गठबंधन पर चुप्पी, नेतृत्व पर स्पष्टता
बघेल ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी। लेकिन जब यह पूछा गया कि क्या पार्टी अकेले मैदान में उतरेगी, तो उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी — जो अपने आप में एक राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।
आगे क्या
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज हो रही हैं और सभी प्रमुख दल 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। कांग्रेस की चुनावी रणनीति — विशेष रूप से गठबंधन का सवाल — आने वाले हफ्तों में और स्पष्ट होने की उम्मीद है।