गढ़वाली फिल्म 'ढोली' को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सिल्वर लोटस, सीएम धामी ने बताया ऐतिहासिक
सारांश
मुख्य बातें
गढ़वाली फिल्म 'ढोली' ने 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में फीचर फिल्म श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ गढ़वाली फिल्म का प्रतिष्ठित सिल्वर लोटस अवॉर्ड जीतकर उत्तराखंडी सिनेमा को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई है। 18 जुलाई को इस उपलब्धि पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए इसे उत्तराखंडी सिनेमा के लिए ऐतिहासिक क्षण करार दिया।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल एक फिल्म की सफलता नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और क्षेत्रीय सिनेमा की पहचान का प्रतीक है। उन्होंने फिल्म के निर्देशक, निर्माता, कलाकारों और पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
धामी ने कहा, 'उत्तराखंड की नई फिल्म नीति का सकारात्मक असर अब साफ दिखाई देने लगा है। राज्य सरकार द्वारा फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई नीतियों के कारण स्थानीय कलाकारों, निर्देशकों और निर्माताओं को नए अवसर मिल रहे हैं। इसी का परिणाम है कि आज उत्तराखंडी सिनेमा राष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।'
नई फिल्म नीति का प्रभाव
मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य की नई फिल्म नीति के तहत फिल्म निर्माताओं को अनेक सुविधाएँ और प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इससे उत्तराखंड में फिल्म निर्माण गतिविधियाँ बढ़ी हैं और स्थानीय युवाओं को अभिनय, निर्देशन, तकनीकी कार्यों सहित विभिन्न क्षेत्रों में रोज़गार के नए अवसर मिल रहे हैं।
धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल फिल्मों की शूटिंग को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि स्थानीय भाषा, संस्कृति, लोककला और लोक परंपराओं को देश और दुनिया तक पहुँचाना भी है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक विरासत के साथ-साथ फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी तेज़ी से पहचान बना रहा है।
क्षेत्रीय सिनेमा के लिए मायने
गौरतलब है कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में गढ़वाली सिनेमा की यह उपस्थिति उत्तराखंड के सांस्कृतिक मानचित्र पर एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव है। सिल्वर लोटस अवॉर्ड भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला प्रतिष्ठित सम्मान है, जो क्षेत्रीय भाषाओं में उत्कृष्ट सिनेमाई कार्य को मान्यता देता है। 'ढोली' की यह जीत हिंदी पट्टी के बाहर के क्षेत्रीय सिनेमा की बढ़ती स्वीकार्यता को भी रेखांकित करती है।
आगे की राह
मुख्यमंत्री धामी ने उम्मीद जताई कि 'ढोली' की यह सफलता राज्य के अन्य फिल्म निर्माताओं और युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंडी फिल्में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई उपलब्धियाँ हासिल करती रहेंगी और राज्य का नाम देश-दुनिया में रोशन करेंगी।