क्या फिल्म फेस्टिवल केवल आयोजन है या लोक-संस्कृति को नई पहचान देने का माध्यम?

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क्या फिल्म फेस्टिवल केवल आयोजन है या लोक-संस्कृति को नई पहचान देने का माध्यम?

सारांश

मुख्यमंत्री धामी ने फिल्म फेस्टिवल 2026 में भाग लिया, जिसमें स्थानीय संस्कृति और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य है। इस कार्यक्रम ने उत्तराखंड को वैश्विक फिल्म निर्माण के केंद्र के रूप में स्थापित करने का वादा किया है।

Key Takeaways

  • उत्तराखंड के फिल्म उद्योग को वैश्विक पहचान देने का प्रयास।
  • स्थानीय संस्कृति और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का अवसर।
  • फिल्म शूटिंग के लिए नई नीतियों का लागू होना।
  • सामाजिक जागरूकता में सिनेमा की भूमिका।
  • आगामी फिल्म सिटी और संस्थानों का विकास।

नई दिल्ली, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को 'आवाज सुनो पहाड़ों की– फिल्म फेस्टिवल 2026' में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र के प्रेक्षागृह के सौंदर्यीकरण की घोषणा की। कार्यक्रम के दौरान सीएम धामी ने 'श्रद्धा सम्मान' पुस्तिका का विमोचन किया और 'आवाज सुनो पहाड़ों की– सीजन 2' का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शारदा स्वर संगम फिल्म प्रोडक्शन हाउस द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक फिल्म फेस्टिवल नहीं है, बल्कि उत्तराखंड को वैश्विक फिल्म निर्माण के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त पहल है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से राज्य की समृद्ध संस्कृति, खान-पान और प्राकृतिक सौंदर्य का व्यापक प्रचार-प्रसार होता है। इसके साथ ही स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी लोक-संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने इस भव्य आयोजन के लिए शारदा स्वर संगम फिल्म प्रोडक्शन हाउस की पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ उत्तराखंड की लोक-संस्कृति को आधुनिक पहचान देने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को जागरूक करने का एक सशक्त साधन भी है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ईश्वर द्वारा प्रदत्त प्रकृति की अनमोल धरोहरों से समृद्ध है। यहां के पर्वत, नदियां, झरने, मौसम और संस्कृति फिल्मकारों को आकर्षित करते हैं। नैनीताल, मसूरी, औली, चकराता, मुन्स्यारी, कौसानी और चोपता जैसे अनेक स्थल देश-विदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों से भी बेहतर हैं।

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केदारनाथ की धरती से दिए गए '21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा' के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने फिल्म शूटिंग को प्रोत्साहन देने के लिए नई फिल्म नीति लागू की है, जिसके अंतर्गत उत्तराखंड में फिल्माई गई हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को 3 करोड़ रुपए तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म शूटिंग की अनुमति अब ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध है। सिंगल विंडो सिस्टम के तहत 7 दिनों के भीतर शूटिंग की अनुमति दी जाती है। उन्होंने फिल्मकारों को उत्तराखंड में फिल्म और वेब सीरीज की शूटिंग के लिए आमंत्रित करते हुए सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का अपना ओटीटी प्लेटफॉर्म 'वीडियोज अलार्म' है, जिसके माध्यम से गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी संस्कृति की खुशबू 18 से अधिक देशों तक पहुंच रही है।

सीएम धामी ने कहा कि भविष्य में राज्य में फिल्म सिटी, फिल्म संस्थान, शूटिंग स्टूडियो, पोस्ट-प्रोडक्शन हाउस और सिनेमा हॉल विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल राज्य की संस्कृति को समृद्ध करते हैं, बल्कि पहाड़ी पहचान और सामूहिक गौरव को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य करते हैं।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, प्रसिद्ध अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी, सचिव संस्कृति युगल किशोर पंत, कार्यक्रम के आयोजक नरेंद्र रौथाण, संस्कृति विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

Point of View

बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं को भी मंच प्रदान करता है। मुख्यमंत्री धामी का यह प्रयास दर्शाता है कि सरकार सिनेमा को एक सशक्त माध्यम मानती है, जो समाज में जागरूकता फैलाने में मददगार हो सकता है।
NationPress
07/02/2026

Frequently Asked Questions

फिल्म फेस्टिवल का उद्देश्य क्या है?
फिल्म फेस्टिवल का उद्देश्य उत्तराखंड की संस्कृति को बढ़ावा देना और इसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना है।
क्या इस फेस्टिवल में स्थानीय कलाकारों को मौका मिलेगा?
हाँ, यह फेस्टिवल स्थानीय कलाकारों और प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करेगा।
इस फेस्टिवल से राज्य को क्या लाभ होगा?
यह फेस्टिवल राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेगा।
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