13 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गुजरात में 'शक्तिदूत 2.0' लॉन्च: 500 खिलाड़ियों को मिलेगी सालाना ₹50 लाख तक की सीधी मदद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गुजरात में 'शक्तिदूत 2.0' लॉन्च: 500 खिलाड़ियों को मिलेगी सालाना ₹50 लाख तक की सीधी मदद

सारांश

गुजरात की 'शक्तिदूत 2.0' योजना सिर्फ संख्या का विस्तार नहीं — यह राज्य की खेल महत्वाकांक्षा का पुनर्निर्धारण है। 64 से 500 एथलीट, ₹50 लाख सालाना और पैरा-खिलाड़ियों के लिए आरक्षित सीटें — अगले 10 साल में गुजरात को खेल महाशक्ति बनाने का दांव।

मुख्य बातें

उप-मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 12 अगस्त 2026 को गांधीनगर में 'शक्तिदूत 2.0' योजना लॉन्च की।
अब 500 एथलीटों को सालाना ₹50 लाख तक की प्रत्यक्ष प्रशिक्षण सहायता मिलेगी; पहले यह लाभ केवल 64 को मिलता था।
पैरा-एथलीटों के लिए 50 सीटें आरक्षित; चयन मेडल और प्रदर्शन के आधार पर।
राज्यभर में ₹388 करोड़ से अधिक की लागत के लगभग 37 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और सुविधाओं का उद्घाटन व शिलान्यास।
799 खिलाड़ियों को एकलव्य, सरदार पटेल और जयदीपसिंहजी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
2015 से मूल शक्तिदूत योजना 1,740 एथलीटों की मदद कर चुकी है, जिनमें 777 अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता शामिल हैं।

गुजरात के उप-मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 12 अगस्त 2026 को गांधीनगर के महात्मा मंदिर में पुनर्गठित 'शक्तिदूत 2.0' योजना का शुभारंभ किया, जिसके तहत राज्य के 500 खिलाड़ियों को सालाना ₹50 लाख तक की प्रत्यक्ष प्रशिक्षण सहायता दी जाएगी। यह योजना राज्य सरकार की 'रमशे गुजरात, जित्शे गुजरात' पहल के अंतर्गत शुरू की गई है और इसका लक्ष्य अगले 10 वर्षों में गुजरात के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर स्थापित करना है।

योजना में क्या बदला

पुरानी शक्तिदूत योजना में जहाँ केवल 64 एथलीटों को सीधा लाभ मिलता था, वहीं नई 'शक्तिदूत 2.0' में यह दायरा बढ़ाकर 500 एथलीटों तक कर दिया गया है। प्रत्येक लाभार्थी खिलाड़ी को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण के लिए सालाना ₹50 लाख तक की राशि मिल सकती है, जो औसतन प्रतिमाह लगभग ₹4.25 लाख के बराबर है। इसके अलावा, योजना में पैरा-एथलीटों के लिए 50 सीटें विशेष रूप से आरक्षित की गई हैं — जो समावेशी खेल नीति की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है।

चयन प्रक्रिया और आवेदन

एथलीट वर्षभर सरकारी पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। चयन पूरी तरह मेडल और प्रदर्शन के आधार पर होगा, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। संघवी ने यह भी घोषणा की कि गुजरात देश की नंबर 1 स्पोर्ट्स साइंस और मेडिसिन रिकवरी सुविधा स्थापित करेगा, ताकि चोटग्रस्त एथलीटों की पुनर्वापसी में मदद मिल सके।

बुनियादी ढाँचे में बड़ा निवेश

लॉन्च समारोह में राज्यभर में ₹388 करोड़ से अधिक की लागत वाले लगभग 37 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, पुस्तकालयों और अन्य खेल सुविधाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किया गया। यह निवेश राज्य के खेल बुनियादी ढाँचे को एक नई दिशा देने का संकेत देता है।

खिलाड़ियों को सम्मान

इस अवसर पर खेल उपलब्धियों के लिए कुल 799 खिलाड़ियों को एकलव्य पुरस्कार, सरदार पटेल पुरस्कार और जयदीपसिंहजी पुरस्कार से नवाज़ा गया। यह सम्मान राज्य में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने की व्यापक कोशिश का हिस्सा है।

शक्तिदूत की विरासत और आगे की राह

गौरतलब है कि 2015 में शुरू हुई मूल शक्तिदूत योजना अब तक 1,740 एथलीटों को सहायता दे चुकी है, जिनमें 777 अंतरराष्ट्रीय एथलीट शामिल हैं जिन्होंने विभिन्न खेलों में पदक जीते। उप-मुख्यमंत्री संघवी ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में शुरू की गई यह योजना गुजरात के खिलाड़ियों को एक मज़बूत मंच प्रदान करेगी। आने वाले दशक में इस योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रशिक्षण सहायता का वास्तविक खेल परिणामों में कितना रूपांतरण होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर प्रदर्शन-आधारित चयन का दावा तभी विश्वसनीय होगा जब पोर्टल की प्रक्रिया पारदर्शी और स्वतंत्र रूप से सत्यापनीय हो। स्पोर्ट्स साइंस सुविधा की घोषणा सही दिशा में है, लेकिन 'देश में नंबर 1' का दावा अभी आकांक्षा है, तथ्य नहीं।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शक्तिदूत 2.0 योजना क्या है?
शक्तिदूत 2.0 गुजरात सरकार की खेल सहायता योजना का नवीनीकृत रूप है, जिसे 12 अगस्त 2026 को गांधीनगर में लॉन्च किया गया। इसके तहत 500 एथलीटों को सालाना ₹50 लाख तक की प्रत्यक्ष प्रशिक्षण सहायता दी जाएगी और पैरा-एथलीटों के लिए 50 सीटें आरक्षित हैं।
शक्तिदूत 2.0 में कौन आवेदन कर सकता है और चयन कैसे होगा?
गुजरात के एथलीट वर्षभर सरकारी पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। चयन मेडल और प्रदर्शन के आधार पर होगा, जिसमें पैरा-एथलीटों के लिए अलग से 50 सीटें सुरक्षित हैं।
पुरानी शक्तिदूत योजना से यह कैसे अलग है?
2015 में शुरू हुई मूल शक्तिदूत योजना में केवल 64 एथलीटों को सीधा लाभ मिलता था। नई 'शक्तिदूत 2.0' में यह संख्या बढ़ाकर 500 की गई है और सालाना सहायता सीमा ₹50 लाख तक निर्धारित की गई है।
इस योजना के साथ गुजरात में और क्या खेल सुविधाएँ शुरू हुईं?
लॉन्च समारोह में ₹388 करोड़ से अधिक की लागत के लगभग 37 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, पुस्तकालयों और अन्य सुविधाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। इसके अलावा 799 खिलाड़ियों को राज्य के प्रमुख खेल पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
शक्तिदूत योजना का अब तक का प्रदर्शन कैसा रहा है?
2015 से अब तक मूल शक्तिदूत योजना 1,740 एथलीटों की मदद कर चुकी है, जिनमें 777 अंतरराष्ट्रीय एथलीट शामिल हैं जिन्होंने विभिन्न खेलों में पदक जीते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले