वर्ल्ड एथलेटिक्स प्रतिनिधिमंडल का गुजरात दौरा: 2028 अंडर-20 और 2031 चैंपियनशिप की मेजबानी पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
वर्ल्ड एथलेटिक्स के बिड इवैल्यूएशन पैनल का पाँच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 22 जून 2026 को गांधीनगर पहुँचा, जहाँ उसने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। यह दौरा गुजरात की 2028 वर्ल्ड एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप और 2031 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप की संभावित मेजबानी की बोली का मूल्यांकन करने के लिए आयोजित किया गया है।
प्रतिनिधिमंडल का संयोजन और दौरे का उद्देश्य
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बिड इवैल्यूएशन पैनल के चेयरमैन एंटी पिहलाकोस्की कर रहे हैं। इनके साथ मार्क हर्स्ट, मार्टन ग्युलाई, नील्स लिंडहोम और एलेक्जेंड्रा फुक्स भी शामिल हैं। 22-23 जून के इस दो दिवसीय दौरे में प्रतिनिधिमंडल राज्य के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टेडियम सुविधाओं और आयोजन-संबंधी तैयारियों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजीव कुमार, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात के महानिदेशक आईआर वाला और वर्ल्ड एथलेटिक्स के उपाध्यक्ष आदिल सुमारिवाला भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का भरोसा
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बैठक के दौरान विश्वास जताया कि प्रतिनिधिमंडल इस निरीक्षण दौरे के ज़रिए गुजरात की खेल तैयारियों और खेल संस्कृति का सीधा अनुभव प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2031 की मेजबानी के अधिकार हासिल करने को लेकर आशावादी है और सफल आयोजन के लिए तैयारियाँ तेज़ कर दी गई हैं।
खेल इंफ्रास्ट्रक्चर: गुजरात की ताकत
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बैठक में बताया कि गुजरात विश्व स्तरीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है, जिनमें वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सरदार पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव, दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम नरेंद्र मोदी स्टेडियम और कराई अकादमी में तेज़ी से सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं।
संघवी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि यह बैठक 'सार्थक' रही और इसमें गुजरात को एथलेटिक्स एवं विश्व स्तरीय खेल आयोजनों के लिए एक वैश्विक हब के रूप में स्थापित करने के साझा विज़न को रेखांकित किया गया।
आगे क्या होगा
प्रतिनिधिमंडल 23 जून तक राज्य के विभिन्न खेल स्थलों का दौरा करेगा और अपनी मूल्यांकन रिपोर्ट वर्ल्ड एथलेटिक्स को सौंपेगा। इस रिपोर्ट के आधार पर ही 2028 और 2031 की मेजबानी पर अंतिम निर्णय होगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी में अपनी क्षमता को लगातार सिद्ध कर रहा है।