एशियन गेम्स कबड्डी: भारतीय पुरुष टीम ने थाईलैंड को 66-28 से रौंदा, फाइनल में नौवीं बार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने 25 सितंबर 2026 को तोकाई सिटीजन जिमनैजियम में खेले गए सेमीफाइनल में थाईलैंड को 66-28 के बड़े अंतर से पराजित कर एशियन गेम्स के फाइनल में प्रवेश कर लिया। आठ बार की चैंपियन और डिफेंडिंग टाइटलहोल्डर भारतीय टीम अब पुरुष स्पर्धा के नौवें फाइनल में उतरेगी और अपने 2023 के खिताब को बरकरार रखने की कोशिश करेगी।
पहले हाफ में भारत का दबदबा
भारत ने मैच की शुरुआत से ही थाईलैंड पर दबाव बनाए रखा। पहले हाफ में टीम इंडिया ने 37 पॉइंट्स हासिल किए, जबकि थाईलैंड केवल 18 पॉइंट्स ही बना पाया। इस दौरान भारत ने 21 आउट लिए, 12 बोनस पॉइंट्स अर्जित किए और दो ऑल आउट भी किए। थाईलैंड ने शुरुआती हिस्से में कुछ प्रतिरोध दिखाया और 13 आउट, तीन बोनस पॉइंट्स हासिल करने के साथ एक ऑल आउट भी किया, लेकिन भारत की बढ़त को कम करने में वे नाकाम रहे।
दूसरे हाफ में भी भारत अजेय
ब्रेक के बाद भी भारत की रफ्तार कम नहीं हुई। दूसरे हाफ में टीम इंडिया ने 29 पॉइंट्स जोड़े — जिनमें 22 आउट पॉइंट्स, तीन बोनस पॉइंट्स और दो ऑल आउट शामिल थे। थाईलैंड दूसरे हाफ में केवल 10 पॉइंट्स ही बना सका और उसे सात आउट पॉइंट्स, दो बोनस पॉइंट्स तथा एक टेक्निकल पॉइंट से संतोष करना पड़ा। भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय बनी हुई है।
फाइनल में होगा यह मुकाबला
पुरुष वर्ग के फाइनल में भारत का सामना ईरान या चीनी ताइपे से होगा, जो दूसरे सेमीफाइनल में आमने-सामने थे। यह मुकाबला भारतीय कबड्डी के वर्चस्व की परीक्षा होगी, जो एशियन गेम्स में दशकों से इस खेल पर राज कर रहा है।
महिला टीम भी फाइनल में
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने भी उसी दिन नेपाल को 48-24 से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। टीम ने पहले हाफ में 31 पॉइंट्स के साथ 31-17 की मजबूत बढ़त बनाई और दूसरे हाफ में 17 पॉइंट्स जोड़कर जीत को निर्णायक बनाया। पहले हाफ में भारत ने 23 आउट पॉइंट्स, चार बोनस पॉइंट्स लिए और दो ऑल आउट किए, जबकि दूसरे हाफ में 12 आउट पॉइंट्स, तीन बोनस पॉइंट्स और एक ऑल आउट हासिल किया।
आगे क्या होगा
महिला टीम का फाइनल मुकाबला शनिवार को चीनी ताइपे या ईरान से होगा। दोनों भारतीय टीमें एशियन गेम्स इतिहास में कबड्डी में भारत का दबदबा और मज़बूत करने के मौके पर खड़ी हैं। गौरतलब है कि भारत ने एशियन गेम्स कबड्डी में पुरुष वर्ग में आठ स्वर्ण पदक जीते हैं और अब नौवें का मौका सामने है।